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Friday, September 28, 2018

यूट्यूब incognito मोड क्या है? What is YouTube Incognito mode?

दोस्तो अगर आप भी चाहते हैं YouTube एंड्रॉयड ऐप को इनकॉगनिटो मोड में तो आप इसे ऐसे करें इस्तेमाल कर सकते हैं।

यूट्यूब दुनिया का सबसे पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग एप्प है, इसमे आपको दुनिया की हर वो जानकारी से भरा वीडियो भी मिल जाता है जिसकी आप संकल्पना भी नही कर सकते या फिर आपको कोई भी नया गाना देखना हो या फिर कोई भी तकनीकी जानकारी हर कोई यूट्यूब की ओर रुझान करता है। यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद जब आप दोबारा इसे खोलते हैं तो यह आपकी सर्च रिजल्ट के आधार पर आपको वीडियो देखने के सुझाव देता है, कहने का मतलब ये है कि वो आपको आपके सर्च के आधार पर वैसी ही वीडियो का सुझाव देता है। मतलब की ये एप्प आपकी सर्च हिस्ट्री को ट्रैक करता रहता है।

आप कई बार ऐसे भी सोचते होंगे कि जिन वीडियो को आप देख रहे हैं वह हिस्ट्री में सेव ना हो। अगर आप चाहते हैं कि यूट्यूब एप्प में आपकी सर्च हिस्ट्री ट्रैक ना हो तो इसके लिए आपको क्या करना है। आज का जो हमारा लेख है दोस्तो इसी जानकारी से भरपूर है। देखिये जो यूट्यूब एप्प के यूजर हैं  उनकी इस समस्या का समाधान यूट्यूब के एंड्रॉयड ऐप में ही मौजूद है।

दोस्तो यूट्यूब के एंड्रॉयड ऐप में incognito मोड का फीचर दिया गया है। आपको बता दें कि incognito मोड अब तक केवल यूट्यूब एंड्रॉयड एप्प के लिए ही मौजूद है। इस यूट्यूब फीचर को आईओएस (i-Phones और iPad) के लिए कब तक जारी किया जाएगा, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। incognito मोड का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको ऐप को अपडेट करना होगा। ओर हैं दोस्तो आप incognito मोड़ को अपने PC में अगर google chrome ब्राउज़र यूज़ करते हैं तो आपको उसमे भी ये फीचर मिल जाता है।

कैसे एक्टिव करना होगा incognito मोड!
सबसे पहले आप यूट्यूब ऐप को खोलें। इस एप्प में दाहिनी ओर जो आपके मेल id पर जो लोगो या नाम या कोई भी पिक्चर होती है उस दिखाई दे रहे आइकन पर क्लिक करें। अगर आपने यूट्यूब ऐप में अपनी ईमेल आईडी से लॉग-इन नहीं किया है तो आप साइन-इन पर क्लिक करें। अगर आपने पहले से साइन इन किया हुआ है तो सबसे ऊपर दिखाई दे रहे आइकन पर क्लिक करने के बाद आपको एक पूरी लिस्ट दिखाई देगी जिसमे 4 से 5 ऑप्शन होंगी इन्ही में एक ऑप्शन होगी Turn on incognito। जैसे ही आप incognito मोड न कर देंगे, क्लिक करने के बाद नीचे लिखा आएगा You're in incognito। अब आपकी एप्प incognito मोड़ में होगी और आपकी सार्क ट्रैक नही होगी आपकी एप्प में अब आपको रेंडमली वीडियो मिलेंगे, ओर जो आपका आइकॉन या फोटो या लोगो होगा सर्च बार के दाहिने तरफ बने आइकन में भी अब आपको इनकॉगनिटो का चश्मे जैसा निशान बना नजर आने लगेगा। incognito मोड एक्टिवेट होने के बाद आप चाहे कोई भी वीडियो देख सकते हैं। ये एप्प आपकी सर्च हिस्ट्री को बिल्कुल भी ट्रैक नहीं कर पाएगा।
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तो दोस्तो हमे नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी।

एनीमेशन क्या है? कैसे बनाएं करियर इस फील्ड में।

एनीमेशन क्या है आइये आज इसके बारे में जानेंगे।

आज का जो यूग है तकनीकी और विकास का युग है, आज के दौर में लगभग सभी को पता होगा की एनीमेशन आखिर है क्या ? जिनको नहीं पता आज का हमारा ब्लॉग उन्ही लोगों के लिए है।
देखिये आपको सबसे आसान शब्दों में मैं समझाने की कोशिश करूंगा, और आपको समझ आ जायेगा। आज मोबाइल तो हर किसी के पास है और मोबाइल या कंप्यूटर में जितने भी गेम होते हैं वो सभी एनीमेशन से ही बने होते हैं, सरल अर्थों में कहें तो वो वस्तु जिसको हम कंप्यूटर ग्राफ़िक तकनीक बना भी सकते है और हिला-डुला भी  सकते हो वो ही एनीमेशन कहलाता है।

एनीमेशन का सबसे बड़ा उदहारण देखें तो डिजिटल गेम और कार्टून सीरीज या कार्टून फ़िल्में, अभी हाल ही के कुछ वर्षों में आयी बहुत सी एनिमेटेड फिल्मों ने पुरे संसार में धूम मचाई है।  ये सभी जो चीजें है वो बिना एनीमेशन के नहीं बन सकती।  कुछ मशहूर एनीमेशन फिल्मों व कार्टून सीरीज के नाम शायद आप जानते भी होंगे  जैसे- अवतार , जंगल-बुक , एनिमेटेड रामायण , छोटा भीम , मोगली , मोटू-पतलू , कुछ फ़िल्में ऐसी हैं जिनमे भी एनीमेशन तकनीक का प्रयोग हुआ है जैसे- हैरी पॉटर , लार्ड ऑफ़ द रिंग्स , बहुत सी हिंदी फिल्मे भी है जैसे- कृष , माय फ्रेंड गणेशा , रोबोट  व और भी बहुत सारी हैं।
आज बहुत सी फ़िल्में बन चुकी हैं  एनीमेशन तकनीक से  बहुत ज्यादा मशहूर भी रही हैं, और आज आपके-अपने बच्चे भी जानते होंगे क्यूंकि जितने भी कार्टून आते हैं टेलीविजन पर लगभग हर बच्चा जनता है उनके बारे में।
आज की तारीख में एनीमेशन इंडस्ट्री बहुत तरक्की पर है, ये वैश्विक तौर पर अपने उच्च स्तर पर है,  लाइन से जुड़ना चाहते हैं इस लाइन में नाम और दाम दोनों है और एनीमेशन अपने रचनात्मक व एक बेहतरीन कमाई के लिए सबसे  प्रचलित पेशों में से एक है।  इस लाइन के साथ जुड़कर आप एक अच्छा भविष्य बना सकते हैं , अगर आपमें वो रचनात्मक्ता है तो आप बहुत आगे जा सकते हैं। क्यूंकी  इस लाइन में रचनात्मक माहिर व्यक्ति की ही जरुरत होती है

कहाँ मांग है एनिमेटरों की 
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की आगामी कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में लगभग 1,00000 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अभी हमारे देश में एनीमेशन सीखे लोगों की डिमांड अपने चर्म पर है, अभी  लगभग 20,000  एनिमेटर का अनुमान है जो फ़िलहाल किसी न किसी एनीमेशन कंपनी में काम कर रहे हैं, जैसे-जैसे एनीमेशन का काम बढ़ रहा है वैसे ही नए एनिमेटरों की भी भारी डिमांड भी बढ़ती जा रही है।  फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में ऐसे लोगों की बहुत डिमांड है।

ये जो एनीमेशन का कार्य है वो मुख्यता इन फ़ील्ड्स में काम  करता है जो आपके लिए जानना बहुत जरुरी है , जैसे- किसी 3D प्रोडक्ट की मॉडलिंग, वेबसाइट ग्राफ़िक, फैशन , डिजाइनिंग 3D , इंटीरियर, किसी भी कंपनी की प्रेजेंटेशन या advertisemane बनाना। और भी बहुत से ऐसे काम है जो एक एनिमेटर कर सकता है.

अधिक अनुभव होने पर आपकी सेलरी लगभग 60 से 80 हज़ार तक हो सकती है। 

एनिमेटर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए ?
यदि आप एनीमेशन के फील्ड में करियर बनाना चाहते है तो आपको 10+2 तक शिक्षित होना चाहिए, एनीमेशन के लिए बहुत से संसथान और यूनिवर्सिटी एनीमेशन के लिए कोर्स करवाती है, बहुत से कॉलेज है जो ऐसे कोर्स आपको आपकी एजुकेशन के साथ-साथ करवाते हैं
आप अलग से भी जो कोर्स कर सकते है वो हैं जैसे- B.Sc. इन एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया, M.Sc इन एनीमेशन, B.A. एनीमेशन, आप चाहें तो किसी प्राइवेट संसथान से भी एनीमेशन का कोर्स कर सकते हैं, जैसे एरीना मल्टीमीडिया ऐसे कोर्स करवाता है।
आप इस लाइन से जुड़कर आने वाले वक़्त में बहुत तरक्की कर सकते हैं।

कितने प्रकार के होते हैं एनीमेशन?
दोस्तों एनीमेशन मुख्यतया दो प्रकार के होते हैं  2D एनीमेशन और 3D एनीमेशन
एनीमेशन क्या है?


एनीमेशन क्या है?










कुछ संसथान और यूनिवर्सिटी जो एनीमेशन का कोर्स करवाती है। 
  • Birla Institute of Technology, Jaipur
  • Mac Academy Under Maya Institute
  • Film and Television Institute of India, Pune
  • IIT Mumbai
  • IIT Guwhati
  • Arena Multimedia Under Aptech University
  • Nation School of Design Center, Ahmedabad
और ज्यादा जानकारी के लिए इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं 
आप हमारे यूट्यूब चैनल पर भी फ्री में एनीमेशन बनाना सिख सकते हैं , ये रहा लिंक : Animation Sikho






By: Lee.Sharma/Sunil
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Monday, September 17, 2018

DPC क्या होती है? What is DPC?

दोस्तों नमस्कार
                        आज के इस लेख में हम बात करेंगे की डीपीसी क्या होती है? और इसकी घर बनाते वक्त क्या जरूरत है यानी दीवारों के ऊपर डीपीसी लगाने की हमें क्या जरूरत पड़ती है किस कारण या किस चीज़ की रोकथाम के लिए हम डीपीसी लगाते हैं। साधारण दीवार के ऊपर भी आप इसको लगा सकते हैं।

डीपीसी क्या होती है?
दोस्तों आइए पहले जान लेते हैं कि डीपीसी का मतलब क्या होता है डीपीसी का मतलब होता है "Dump Proofing Course" यानी नीवं ओर ऊपरी दीवार के बीच  का जुड़ाव कहे  या व्यवधान कह सकते हैं जो कि आप के घर की सीलन या नमि को दीवारों में ऊपर चढ़ने से रोकता है और आपकी जो दीवारें हैं सदैव अच्छी बनी रहती है। सीलन नहीं होगी तो आप जो प्लास्टर करते हैं पेंट करते हैं वह कभी नहीं झडेगा या उखड़ेगा,वह बिल्कुल सही रहता है हमेशा हमेशा लंबे समय तक टिकाऊ बना रहता है। 

डीपीसी की जरूरत क्या है हमें!
प्यारे मित्रों जो डीपीसी होती है वह दो प्रकार की आप यूज़ कर सकते हैं दोनों डीपीसी के प्रकार में आपको बताऊंगा कि कौन-कौन से प्रकार होते हैं देखिए सबसे पहले जब भी हम हमारे घर की नींव का निर्माण करते हैं उनके ऊपर दो प्रकार की डीपीसी लगा सकते हैं । 

एक प्रकार को देशी भाषा में लेंटर बोला जाता है जिसको, वह भी आप लगा सकते हैं।
उसके बारे में बताऊंगा बाद में पहले हम बात करेंगे आज की तो दोस्तों डीपीसी जो एक नॉर्मल साइज में आप रखते हैं 2 से 3 इंच कि आप दीवारों के ऊपर जब भी आप नीवं का निर्माण कर लेते हैं सके उपर सीमेंट, बजरी ओर क्रेशर का मिश्रण 2 से 3 इंच तक मोटा आप दीवारों पर डाल सकते हैं जिसके अंदर सरिया भी आप चाहें तो डाल सकते हैं जो की आमतौर पर इसमें नहीं डाला जाता। आप इसको दीवारों की चौड़ाई के ऊपर डालते हैं इसको न तो दीवार से बाहर निकालें और न ही दीवारों पर कोई जगह खाली छोड़ें ओर ऊपर की तरफ 2 से 3 इंच तक इसका मिश्रण डालें।

दूसरा जिसको हम डीपीसी बीम(प्लिंथ बीम या आर सी सी बीम भी कहा जाता है) बोलते हैं जो बहुत मजबूत होता है, ये आपकी दीवार ओ ओर ज्यादा मजबूती के साथ साथ नमी या सीलन से भी बचाव करता है, इस डीपीसी बीम के अंदर भी इन्हीं चीजों का मिश्रण होता है और जैसे सीमेंट, क्रेशर ओर बजरी ये तीनो तो होती होती ही है साथ की साथ में इसमे सरिया भी प्रयोग किया जाता है इसमे आपको 4 सरीये दीवार की लंबाई के हिसाब से लेने होते है फिर उन चारों सरीयों को पतले सरिये से बनी कड़ियों के माध्यम से है कोने पर तारों से बांध कर एक ग्रिड बनाई जाती है, उसके बाद उन सरियों को दीवार के ऊपर रखा जाता है सरीये का साइज दीवार की मजबूती ओर उसके ऊपर आने वाले वजन के हिसाब से मौत या पतला सरीया लगाया जा सकता है। आप तौर पर साधारण दीवार में 10 या 12 मिलीमीटर का सरिया प्रयोग किया जाता है बाकी आपके ऊपर डिपेंड है कि कितने mm का सरिया यूज करते हैं, दीवारों पर सरीये से बना ग्रिड या खोखला जाल डालने के बाद दीवारों पर दोनों तरफ लकड़ी या ईंटों से अस्थाई रोक लगाई जाती है जिनसे दीवार पर डाला जाने वाला सीमेंट का मिश्रण  या मसाला दीवारों से नीचे नही बिखरता इसमे आपको 6 से 9 इंच तक मसाला डालना होता है जिसमें सीमेंट और बजरी होती है, आप चाहें तो इसे 1 फ़ीट तक ऊंचा भी दाल सकते हैं।


दीवार के ऊपर अब इसका फायदा क्या होगा।
इसका पहला फायदा तो यह होगा जो मैं पहले पहले भी बता चुका हूं कि ये सीलन ओर नमी को ऊपर जाने से रोकेगा दूसरा यह फायदा करता है कि आपका घर अगर में कई मंजिल है तो दीवारों के अंदर दरार आने से भी बचाएगा, और जितना भी वजन यह एक साधरण DPC सहन कर सकती है ये उससे कहीं ज्यादा वजन सहन कर सकती है, ऊंची ऊंची इमारतों में इस बीम डीपीसी का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि वह ज्यादा वजन को अपने ऊपर लेता है और दीवारों को सुरक्षित रखता है उनके अंदर किसी भी प्रकार का क्रेक नहीं आने देता ।
यह दो प्रकार की डीपीसी होती है जो आज हमने इस लेख में आपको बताया है और आशा करता हूं आप समझ गए होंगे और आपको जरूर पता चल गया होगा कि क्या और कितनी जरूरत की चीजें हैं।
जब भी आप एक नए घर का निर्माण करते हैं, और अब बात करते है एक आम या सामान्य से र के बारे में जो कि एक घर का निर्माण करते वक़्त ईंट ओर सीमेंट के मिश्रण से एक लंबा सरिया डालकर जो डीपीसी तैयार करते हैं जिसको आम भाषा मे हम बोलते हैं लेंटर, ये जो लेंटर होता है ये डीपीसी की तरह नमी को या सीलन को नही रोक पाता।

लेंटर जो दो प्रकार के होते दोस्तों एक तो छत के ऊपर लगाया जाता है उसके बारे में मैं यहां पर कोई विवरण नहीं दूंगा और जो दूसरा है वो नींवं के ऊपर डीपीसी की तरह या ये कहें कि एक प्रकार की सस्ती डीपीसी हम नीवं के ऊपर डाल सकते हैं। क्योंकि वह भी डीपीसी का ही काम करता है उसके अंदर क्या मटेरियल क्या-क्या चीजें लगी होती है उसके बारे में मैं थोड़ा सा आप को बता देता हूं जब भी आप मान लीजिए अपने घर का निर्माण करवाते है आप दीवार के ऊपर दोनों तरफ ईंटों को  4 इंच की ऊंची तक खड़ा कर देते है सीमेंट के सात चिनाई कर देते है और दीवार पर दोनों तरफ लगी खड़ी ईंटों के बीच मे जो जगह बच जाती है उसके अंदर भी कंक्रीट का मिक्सर डाला जाता है और साथ में इसके अंदर खाली जगह में एक दीवार की लंबाई तक सरिया भी डाला जाता है, ये दीवार को मजबूत तो करती है लेकिन जो काम डीपीसी कॉन्क्रीट कर सकती है ये कभी नही कर सकती। डीपीसी का यह मुकाबला नहीं कर सकती क्योंकि देखिए वह सीलन को फुल रोकती है कंप्लीटली सीलन को ब्लॉक कर देती है। में तो आपसे यही रिक्वेस्ट करूंगा की जब भी  घर का निर्माण करें तो आप अपने घर की नींवं के ऊपर डीपीसी जो कंक्रीट की होती है वही डालें अगर आपका बजट कम है तो दो या तीन इंच डालें अगर आप का बजट ज्यादा है तो आप 6 या 9 इंच की डीपीसी डालें।


तो दोस्तों आज का जो हमारा विशेष लेख डीपीसी क्या होती है आपने जरूर सीख लिया होगा की डीपीसी होती क्या है इसका उपयोग क्या है,किस  प्रकार का मेटेरियल इसके अंदर आप प्रयोग कर सकते हैं।

तो आज इतना ही अगले लेख में कुछ और नई जानकारी के साथ आपके सामने प्रस्तुत होते हैं धन्यवाद


Sunday, September 16, 2018

भवन निर्माण और सावधानियाँ

दोस्तो आज हर एक व्यक्ति बेशक वो एक मजदूर से लेकर बड़ा बिजनेसमैन हो या कोई भी व्यक्ति विशेष जो समाज के साथ जुड़ा हुआ है, समाज मे रहता है, प्रत्येक व्यक्ति की तीन मूलभूत आवश्यकताएं होती है रोटी, कपड़ा और मकान।

तो आज के इस लेख में हम बात करेंगे मकान बनाने से संबंधित उन विशेष बातों की जो हमारे घर को ओर ज्यादा आकर्षक टिकाऊ बनाने में सहयोगी होगी। कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक घर का निर्माण जरूर करवाता है, देखिये जो व्यक्ति जितना सम्पन्न होगा उसके घर निर्माण का तरीका उतना ही उन्नत ओर विस्तृत होगा, ये तो आप लोग भी अपने आस पास देखते होंगे ही। अगर कोई व्यक्ति गरीब है वो घर का निर्माण अपनी हैसियत के हिसाब से ही बनाता है वसे ही एक अमीर व्यक्ति भी। घर निर्माण में एक अमीर व्यक्ति अपनी हैसियत के हिसाब से आधुनिक तकनीकी व उन्नत वस्तुओं का चुनाव करता है बशर्तें उसको इन सभी चीजों की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन जब एक आम आदमी या एक गरीब इंसान अपने लिए एक घर बनाता है तो वो ये सारी चीजें नही जुटा पाता।

तो आज मैं इसी विषय पर बताऊंगा की घर को कम पैसे में भी उन्नत तकनीक से कैसे बनाएं, कैसे घर निर्माण को अपने तय बजट राशि में ही बनाएं अच्छे घर को बनाने में ये कुछ बातें विशेष उपयोगी होती है, जो इस प्रकार से है।

इन बातों का विशेष ध्यान रखें। 

1. सबसे पहले हमें एक अच्छे कारीगर की जरूरत होगी जो कि अपने काम मे निपुण हो, क्योंकि एक कारीगर ही घर के अच्छे या बुरे निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है। उस कारीगर में वो गुणवत्ता होनी चाहिए जो भवन निर्माण में किसी भी भौगोलिक परिस्थिति को समझने की की दक्षता रखता हो जैसे घर मे कहाँ किस चीज को बनाने की आवश्यकता होगी, दीवारों के साइज का चुनाव खिड़कियां दरवाजो का सही स्थान इत्यादि।

2. घर की नीवं हमेशा मजबूत बनाएं, घर की नींव बनाने में कोई समझौता न करें, क्योंकि सारा घर नीवं के ऊपर टिका होता है, अगर घर की नींव ही मजबूत नही होगी तो उस घर का लंबे समय टिकना मुमकिन नही नही है, कई बार क्या होता है हम पुराने घर को तोड़कर नए घर का निर्माण करते हैं तो हम वही पुरानी ईंटे इत्यादि घर की नीवं में प्रयुक्त कर लेते है, तब आपको एक बात का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है कि क्या जो ईंटें हम लगा रहे है वो नीवं के लिए सही है या नही?

3. किसी भी घर के निर्माण करते समय हमेशा घर को बतानुकूलन के हिसाब से ही बनवाएं, कहने का मतलब ये है कि घर मे से हवा का प्रवाह उचित प्रकार से होना चाहिए, अगर घर मे हवा का प्रवाह उचित नही होगा तो गर्मी के दिनों में आपके घर का तापमान अत्यधिक रहेगा, अगर आपका एरिया का मौसम सदैव एकसा रहे तो आप अपने घर मे कम से कम हर कमरे में एक छोटा झरोंखा जरूर रखें।

4. जब हमारा घर बन रहा हो या बन गया हो तो इसमें एक महत्वपूर्ण भाग रसोईघर भी होता है, रसोईघर का निर्माण हमेसा उस दिशा में करें जहां से उस स्थान की अन्दर की गर्म हवा तुरन्त बाहर निकल सके, क्योंकि  रसोईघर ओर आग का तो बेहद ही जुड़ाव है, ओर जहां आग होगी बेशक वो बहुत मद्धम हो उसकी गर्मी जरूर होगी, तो उस गर्मी के निकास का भी भवन निर्माण करते समय जरूर ध्यान रखें।

5. स्नानघर को भी हमेशा थोड़े खुले स्थान में ही बनाये बेशक इसे आप घर के किसी भी हिस्से में अपनी आवश्यकता अनुसार बनवा सकते है, स्नानघर का एरिया आप कम ना रखें,स्नानघर का एरिया कम से कम 4x4 रखें इससे ज्यादा आप आवश्यकता या स्थान के हिसाब से बनवा सकते हैं। आजकल तो स्नानघर में शौचालय बनवाने का भी बड़ा चलन है, ये आपको तय करना है कि शौचालय ओर स्नानघर आपको एक साथ बनवाने है या अलग-अलग, बस ध्यान ये रखें को शौचालय रसोईघर से सटा न हो।

तो दोस्तो भवन निर्माण की ओर भी बहुत सारी बातें है जो आपको बनवन निर्माण करवाते समय हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए, ओर जो कुछ आपको जानने की आवश्यकता है इस संबंध में तो उसके लिए में अगले लेख में जरूर नई बातों के साथ आपसे रूबरू हूँगा।

आशा करता हूँ दोस्तो आपको ये लेख पसंद आया होगा।
अगर दोस्तों आपको हमारी पोस्ट पसंद आती हैं तो कृपया हमे फॉलो करें लाइक करें , अगर हमारी पोस्ट में कुछ कमिया है तो हमे जरूर अवगत करवाएं ताकि भविष्य में हम और अच्छा कर सकें|
धमयवाद।
ली. शर्मा।