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Tuesday, January 29, 2019

ISRO/Indian Space Research Organisation/भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के बारे में कुछ अहम जानकारी।

दोस्तो नमस्कार
                     आप हमारी ब्लॉग वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हमारे आर्टिकल के माध्यम से पा सकते हैं। आज का जो हमारा आर्टिकल है वो है हमारे देश की सबसे बड़ी संस्था ISRO/ Indian Space Research Organisation के बारे में। जिसमे हम आपको इस संस्था के बारे में या इसरो के द्वारा प्राप्त सफलताओं के बारे में ओर इसरो द्वारा किये गए अंतरिक्ष अभियानों के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन/ISRO भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है, जिसका मुख्यालय भारत के कर्नाटक राज स्थित बेंगलुरु में है। इस संस्था को 15 अगस्त 1969 को स्थापित किया गया था। इस संस्थान का ब्लूप्रिंट 1962 में तैयार किया गया था। इस संस्थान का मुख्य कार्य हमारे देश के लिए अंतरिक्ष संबंधी तकनीकी उपलब्ध करवाना है। अंतरिक्ष कार्यक्रम के मूल उद्देश्यों में उपग्रह प्रक्षेपण, राकेट प्रक्षेपण तथा भू-गतिविधियों का विश्लेषण और विकास शामिल है। भारत की इस संस्था में लगभग 18 हज़ार कर्मचारी ओर वैज्ञानिक कार्य करते हैं।

भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट, जो 19 अप्रैल 1975 सोवियत संघ की सहायता से शुरू किया गया था इसे गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था। इस उपग्रह ने 5 दिन बाद ही काम करना बंद कर दिया था। लेकिन ये अपने आप में भारत के लिये एक बड़ी उपलब्धि थी। 7 जून 1979 को भारत ने दूसरा उपग्रह भास्कर 445 किलो का था, पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया।
1980 में रोहिणी उपग्रह पहला भारतीय-निर्मित प्रक्षेपण यान एसएलवी -3 बन गया जिसे कक्षा में स्थापित किया गया। इसरो ने बाद में दो अन्य रॉकेट विकसित किए। 
आज भारत न सिर्फ अपने अंतरिक्ष संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है बल्कि दुनिया के बहुत से देशों को अपनी अंतरिक्ष क्षमता से व्यापारिक और अन्य स्तरों पर सहयोग कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो

ISRO प्रमुख कैलाशदीवू  सीवन ने अपने एक वक्तव्य में बताया था की इसरो पहली बार साल 2022 में मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजेगा। साथ ही चँदरयान-2 परियोजना भी जनवरी या फरवरी 2019 में पूरी हो जाएगी।  
कैलाशदीवू सीवन ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था की "हमने मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने की डेडलाइन तय कर दी है, जो की 2012 के अंत में या फिर 2022 के शुरुआत में हो सकती है।" साथ ही अगले चार से छ माह में इसरो के वैज्ञानिक अलग-अलग तीन से चार मिशनों पर काम करने वाले हैं।  

इसरो के बारे में कुछ अहम जानकारी।
  • ISRO का हेडक्वाटर बंगलुरु/बैंगलौर में है जो भारत के अंतरिक्ष विभाग द्वारा संचालित है। ये विभाग अपनी सारी अंतरिक्ष रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री को भेजता है। ISRO के भारत मे कुल 13 सेंटर हैं।
  • ISRO की स्थापना डॉo विक्रम साराभाई ने भारत सरकार की मदद से सन 1969 में की थी। विक्रम साराभाई को भारत में अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम का जनक माना जाता है।
  • भारत विश्व के उन 6 देशों(अमेरिका, चीन, जापान, फ्रांस, रूस) में शामिल है जो अपने देश की भूमि पर सैटेलाइट बनाने की ओर उसे प्रक्षेपित करने की क्षमता रखते हैं।
  • ISRO ने अब तक भारत के लिए 86 से भी ज्यादा सैटेलाईट स्थापित किये हैं। भारत /ISRO ने अब तक 21 अलग-अलग देशों के लिए 80 से भी ज्यादा सैटेलाईट आकाशीय कक्षा में स्थापित किये हैं।
  • भारतीय अर्थव्यस्था में ISRO का कुल बजट केंद्र सरकार के कुल बजट का 0.34% है ओर GDP का 0.08% है। इतने बड़े अनुसंधान केंद्र के लिए ये कोई ज्यादा बड़ा बजट नही है।
  • ISRO का पिछले लगभग 40 सालों के खर्च अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था/NASA के 6 महीने के खर्च के बराबर है।
  • अक्टूबर 2008 और एक मंगल ग्रह की परिक्रमा, मंगलयान(मंगल आर्बिटर मिशन) है, जो सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश पर 24 सितंबर 2014 को भारत ने अपने पहले ही प्रयास में सफल होने के लिए पहला राष्ट्र बना।
  • इसरो को शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए साल 2014 के इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो

  • मंगलयान के सफल प्रक्षेपण के लगभग एक वर्ष बाद इसने 29 सितंबर 2015 को एस्ट्रोसैट के रूप में भारत की पहली अंतरिक्ष वेधशाला स्थापित किया।
  • ISRO की इंटरनेट स्पीड 2GB प्रति सेकेण्ड है। भारत जैसे देश मे देखा जाए तो ये गति बहुत ज्यादा है, वही NASA की इंटरनेट स्पीड 91 GB प्रति सेकेण्ड है।
  • आर्यभट्ट ISRO का पहला उपग्रह है जो 19 अप्रैल 1975 को इसरो ने रूस की मदद से लांच किया था।
  • SLV-3 भारत द्वारा लांच किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह था, इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डॉo ऐo पीo जेo अब्दुल कलाम थे।
  • ANTRIX ये ISRO की कमर्शियल डिवीज़न है जो हमारी स्पेस तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचाती है। ANTRIX के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हमारे देश के दो बड़े उद्योगपति जमशेद गोदरेज ओर रतन टाटा हैं।
  • विश्व मे किसी दूसरे संगठन की अपेक्षा ISRO में सबसे ज्यादा single scientist हैं। इन्होंने अपने पूरा जीवन इसरो के लिए समर्पित कर दिया।
  • साल 2008- 09 में ISRO ने चन्द्रयान-1 लांच किया था,जिसका बजट 350 करोड़ रुपये था। यह बजट नासा के बजट से 8 से 10 गुना तक कम था।
  • ISRO द्वारा लांच किए गए चन्द्रयान-1 ने ही चाँद पर पानी की खोज की थी।
  • ISRO/भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला विश्व का एकमात्र देश है। इसमे अमेरिका 5 बार, सोवियत संघ 8 बार चीन व रूस अपने पहले प्रयास में असफल रहे थे।
  • ISRO का मंगल मिशन विश्व का अब तक का सबसे सस्ता सफल मिशन है। इसकी लागत 450 करोड़ रुपये थी। अगर लागत के हिसाब से देखा जाए तो इसका प्रति किलोमीटर रेत 12 ₹ पड़ता है, जो आज के साधारण व्हीकल से भी कम है।
  • ISRO ने  Google Earth का देशी पर्याय Bhuvan बनाया है, जो कि वेब आधारित 3D satellite Imagery Tool है।
  • ISRO हर साल लगभग 12 से 15 अरब रुपए तक कि कमाई करता है, जो भारत की अर्थव्यस्था के लिए बहुत उपयोगी है।
भारत अन्तरिक्षविज्ञान की दृष्टि की किसी भी दुसरे देश पर निर्भर नही है। इसरो के पास अपना खुद का Navigational Satellite IRNSS है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो

दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें कमेंट सकते है।

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Monday, January 28, 2019

भारतनेट परियोजना क्या है? What is Bharatnet Project? इसके क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।

दोस्तों नमस्कार 
                      हमारी ब्लॉग वेबसाइट पर आपका बहुत स्वागत है, प्रिय पाठको आपने भारतनेट परियोजना(BharatNet Project) का नाम तो सुना ही होगा। इसका मूल उद्देश्य क्या है? इसे कितने चरणों में पूरा किया जायेगा। आज के इस लेख में हम  इन्ही विषयों पर ही चर्चा करेंगे। कृपया लेख पूरा पढ़ें। हमारी वेबसाइट पर हम टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं। हमारा हर आर्टिकल आपको पूर्ण जानकारी देने वाला होता है, और आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं की "भारतनेट परियोजना" क्या है? इसके क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।  
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Bharat Net project make in India

भारतनेट परियोजना (Bhartnet Project) नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (NOFN/National Optical Fiber Network) का नया ब्रांड नाम है, जिसे भारत की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए, अक्टूबर, 2011 में लॉन्च किया गया था। 2015 में इसका नाम बदलकर भारत नेट रखा गया था।  इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश की  2.5 लाख ग्राम पंचायतों को 100 एमबीपीएस कनेक्टिविटी की गति से आपस में जोड़ना है। जैसे-जैसे तकनिकी का विकास होता जा रहा है, अगर देखा जाये तो पूरा भारत आज के दिन भी इंटरनेट के माध्यम से आपस में जुड़ा हुआ है, लेकिन भारतनेट परियोजना के द्वारा समस्त भारत की ग्राम पंचायतों को बहुत तीव्र गति के नेटवर्क से आपस में जोड़ा जा रहा है।   

साल 2018 में 8 जनवरी को भारतनेट परियोजना का पहला चरण सरकार द्वारा पूरा कर लिया गया है, यानी की देश में लगभग एक लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया जा चुका है। साथ ही इसके दूसरे चरण में भी बाकि बची हुई ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी और मार्च 2019 तक इसको पूरा करने की संभावना जताई जा रही है।  
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भारतनेट परियोजना के बारे में खास बात 
आपको बता दें की भारतनेट विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड संपर्क करने का कार्यक्रम है। इसको Make in India के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में किसी भी विदेशी कंपनी का सहयोग नहीं लिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का पहला उद्देश्य था की मौजूदा ओप्टिकल फाइबर नेटवर्क को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाना। 
क्या आपको पता है कि सरकार ने इस नेटवर्क को दूरसंचार सेवा के लिए उपलब्ध करवाया है, जो की ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज देता, आवाज और वीडियो के माध्यम से संचरण आराम से हो सके एक ऐसे नेटवर्क की परिकल्पना की है। इसके लिए राज्य और निजी क्षेत्रों के साथ साझेदारी करके ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में  लोगों को सस्ती ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करना है। जैसा की हम पहले भी जिक्र कर चुके हैं इन सभी तक जो नेटवर्क जायेगा उसका माध्यम होगा फाइबर केबल जो की धरती के अंदर पाइपों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक नेटवर्क का संचरण बेहद तीव्रता से करती है।  
Bharat Net project make in India

आइये जान लेते हैं फाइबर ऑप्टिकल केबल क्या होता है? What is fiber optical cable?
किसी भी नेटवर्क को संचरण करने के लिए दो माध्यम होते हैं, एक माध्यम होता है उपग्रह या satellite द्वारा और दूसरा माध्यम होता है केबल यानि फाइबर केबल द्वारा। इन नेटवर्क सिग्नलों को संचार करने के लिए कांच या प्लास्टिक के धागों का फाइबर के रूप में उपयोग करने की एक तकनीक को फाइबर ऑप्टिकल कहते हैं। यह किसी केबल के अंदर कांच के धागे का एक बंडल होता है, जिसमें प्रत्येक फाइबर प्रकाश की तरंगों पर मिश्रित संदेशों को प्रेषित करने के लिए सक्षम होता है। फाइबर ऑप्टिकल की सबसे बड़ी खूबी ये होती है की ये शुरू से अंत तक सिग्नल कम नहीं करता।  

परियोजना के कितने चरण होंगे? 
प्रथम चरण जो की पूरा हो चूका है इसमें अंडरग्राउंड ऑप्टिक फाइबर केबल (OFC) को लाइनों के द्वारा ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को एक लाख ग्राम पंचायत उपलब्ध कराया गया है। 8 जनवरी 2018 तक पहले चरण को पूरा कर लिया गया है। 

द्वितीय चरण भूमिगत फाइबर, पावर लाइनों, रेडियो और उपग्रह मीडिया पर फाइबर का उपयोग करके देश में सभी 1.5 लाख ग्राम पंचायतों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस काम को पूरा करने की सीमा मार्च 2019  गई है। द्वितीय चरण को सफल करने के लिए, बिजली के ध्रुवों पर OFC लगाने को भी शामिल किया गया है साथ ही इसमें राज्यों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी।  यह भारतनेट रणनीति का एक नया हिस्सा है क्योंकि एरियल OFC द्वारा कनेक्टिविटी के तरीके में कम लागत, तेज कार्यान्वयन, आसान रखरखाव और मौजूदा पावर लाइन आधारभूत संरचना के उपयोग सहित कई फायदे हैं। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में नागरिकों को वाई-फाई हॉटस्पॉट कनेक्टिविटी प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है।  
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साल 2019 से 2023 तक तृतीय चरण में, अत्याधुनिक, Future Proof Network जिलों और ब्लॉक के बीच फाइबर केबल समेत, नई तकनीक रिंग टोपोलॉजी के साथ बनाया जाएगा। इसमें निचे दिए गए कुछ प्रावधान शामिल होंगे -
  • अत्याधुनिक नेटवर्क जो भविष्य में किसी तकनीकी खराबी से मुक्त होगा। 
  • जिलों और प्रखंडों के बीच में fiber cables बिछाये जायेंगे। 
  • इसमें ring topology का उपयोग किया जायेगा जिससे कि व्यर्थ का संचरण रोका जाए। 
इस प्रोजेक्ट के लिए निवेश कोन कर रहा है ?
भारतनेट परियोजना को यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF/Universal Service Obligation Fund) के माध्यम से निवेश किया जा रहा है जिसमें लगभग 20,100 करोड़ की फंडिंग होगी। यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) की स्थापना ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में किफायती और उचित कीमतों पर लोगों को 'बेसिक' टेलीग्राफ सेवाओं को जन-जन तक पहुंच प्रदान करने के मौलिक उद्देश्य से की गई थी। इसके बाद मोबाइल सेवाओं, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में OFC जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण सहित सभी प्रकार की टेलीग्राफ सेवाओं तक पहुंच को सक्षम करने के लिए सब्सिडी समर्थन प्रदान करने के लिए दायरा बढ़ाया गया है। 
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भारतनेट के द्वारा डाली हुई broadband से भारत सरकार की अन्य योजनाओं को चलाने में भी सहायता मिलेगी, जैसे – भारतमाला, सागरमाला, समर्पित भारवाहक कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridors), औद्योगिक कॉरिडोर, उड़ान (UDAN-RCS), Digital India आदि। 

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Thursday, January 24, 2019

What is Super Computer? सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है और ये क्या कार्य करता हैं?

दोस्तों नमस्कार 
                      हमारे ब्लॉग में आपका स्वागत है, हम अपने आर्टिकल में टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से सम्बंधित आपको सम्पूर्ण जानकारी देते हैं, इसी प्रकार की और जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट को ओपन कर जानकारी पा सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं सुपरकम्प्युटर के बारे में। सुपरकंप्यूटर के बारे में आपको पूरी जानकारी दी जाएगी इसलिए आप आर्टिकल को पुरा पढ़ें।   
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सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है और ये क्या कार्य करता हैं?

सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है? 
हम आम जिंदगी में जो कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं उसे साधारण कंप्यूटर कहा जाता है। साधारण कंप्यूटर से साधारण कार्य जैसे छोटी-मोटी गणना करना, इंटरनेट इस्तेमाल करना, पिक्चर देखना, टेक्स्ट टाइप करना इत्यादि साधारण काम ही किये जाते हैं, लेकिन सुपरकंप्यूटर का काम इन सब कामों के अलावा बहुत कम समय में बड़े-बड़े कैलकुलेशन, भविष्य गणना और मौसम के बारे में बताना, नेचुरल रिसोर्सेज के बारे जानकारी इकठ्ठा, धरती के अंदर छुपे वैज्ञानिक राजों को जानना इत्यादि का कार्य करता है। 

जहाँ एक आम कंप्यूटर को रखने के लिए छोटी टेबल हम प्रयोग करते हैं, वहीँ सुपरकम्प्युटर को स्थापित करने के लिए बहुत बड़ी वातानुकूलित बिल्डिंग की आवश्यकता होती है।

हमारे इस लेख में माध्यम से हम जानेंगे की सुपरकंप्यूटर क्या-क्या कर सकता है, इसकी कीमत कितनी होती है, और किस देश के पास सबसे तेज सुपरकंप्यूटर है?

दुनिया भर में आये दिन कुछ न कुछ तकनिकी विकास हो रहा है, हर दिन हमे किसी न किसी विषय पर कोई नया अनुसन्धान सुनने को मिलता है। जो भी अनुसन्धान साधारण से हटकर होता है उन्ही कार्यों को पूर्ण करने के लिए सुपरकम्प्युटर का ज्यादा प्रयोग किया जाता है। सुपरकंप्यूटर को वहां पर काम मे लिया जाता है जहाँ पर बहुत ज्यादा पॉवर और तेज गति के साथ रियल टाइम में गणना करने की जरूरत होती है। किसी भी कंप्यूटर को इस काबिलियत के आधार पर सुपर कहा जाता है कि वह कितना बड़ा कैलकुलेशन या गणना कितनी जल्दी कर लेता है। सुपरकंप्यूटर की गति की गणना फ्लॉप्स (Floating Points Operation Per Second/ FPOPS) में की जाती है।  साधारण कंप्यूटर कार्य की गणना "प्रति सेकेंड लाखों निर्देश" या Million Instructions Per Second (MIPS) में की जाती है। 
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जैसा की आपको पता ही होगा की एक साधारण कंप्यूटर को चलने के लिए प्रोसेसर की जरुरत होती है, ठीक उसी प्रकार एक सुपरकंप्यूटर में सिंगल प्रोसेस्सर की जगह हजारों प्रोसेसर होते हैं जो प्रति सेकंड अरबों और ट्रिलियन गणना करने में सक्षम होते हैं। सुपरकंप्यूटर समांतर प्रसंस्करण (parallel processing) के आधार पर काम करते हैं।  प्रत्येक काम को कई भागों में विभाजित किया जाता है, और प्रत्येक माइक्रोप्रोसेसर हर भाग में दिए गए कार्य को करता है।  
सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है और ये क्या कार्य करता हैं?

आईबीएम(IBM), पेपाल (PayPal) जैसी कई बड़ी कंपनियों द्वारा सुपरकंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। ये कंप्यूटर ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी को रोकने में मदद करते हैं। साथ ही कई कम्पनियाँ लोगों की पसंद और नापसंद के बारे में जानने के लिए भी सुपर कंप्यूटर का प्रयोग करतीं हैं। इसके अलावा ईंधन की खपत जानने और अच्छे उत्पादों की डिजाइन निर्माण के लिए कई ऑटोमोबाइल कंपनियां इन कंप्यूटरों का उपयोग करती हैं। सुपरकंप्यूटर, चिकित्सा क्षेत्र में शोध करने हेतु भी प्रयोग किये जाते हैं। 


सुपरकंप्यूटर की कीमत क्या होती है?
सुपरकंप्यूटर की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि यह कितनी फ्लोटिंग पॉइंट पर सेकंड्स(Floting point/second) की गति से गणना कर सकता है। सुपरकंप्यूटर जितना तेज होगा वह उतना ही महंगा होगा इसलिए सुपरकंप्यूटर को बनाने और इस्तेमाल करना इतना आसान नहीं होता है। सामान्य सुपरकंप्यूटर लगभग भारतीय मुद्रा के अनुसार 15 लाख में भी खरीदा जा सकता है लेकिन बड़े सुपरकंप्यूटर की कीमत 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाती है यानि करोड़ों-अरबों भारतीय रूपये। 

सुपरकंप्यूटर में  कोनसा ऑपरेटिंग सिस्टम होता है?
नए ज़माने के सुपरकंप्यूटर में Linux  “लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम” का इस्तेमाल किया जाता है। हालाँकि मैन्युफैक्चरर अपनी जरुरत के हिसाब से ऑपरेटिंग सिस्टम को चेंज भी कर लेते हैं। Linux/लिनक्स के आलावा Bullx SCS, SUSE Cent OS और Cray लिनक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल भी किया जाता है। 

सुपरकंप्यूटर से किस प्रकार के काम किये जाते हैं?
सुपरकंप्यूटर की जरुरत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग प्रयोगों जिनमें बहुत ज्यादा डेटाबेस और हाई लेवल के कैलकुलेशन या गणना के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ सुपरकंप्यूटर से लिया जाने वाला काम भी बदल गया है। सुपरकंप्यूटर बहुत तेज, शक्तिशाली और महंगे होते हैं, इसलिए इनका उपयोग वहीँ पर किया जाता है जहाँ पर बहुत बड़ा और तेजी से कैलकुलेशन करना होता इसके अलावा स्पेशल ऑपरेशनों में भी इसकी जरूरत होती है।  

सुपरकंप्यूटर से किये जाने वाले प्रमुख कार्य!

  • जलवायु अनुसंधान (Climate Research)
  • मौसम की भविष्यवाणी (Weather Forecasting)
  • तेल और गैस की खोज (Oil and Gas Exploration)
  •  शारीरिक सिमुलेशन (Physical Simulations)
  • आणविक मॉडलिंग (Molecular Modeling)
  • क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics)
  • एनिमेटेड ग्राफिक्स (Animated Graphics)
  • परमाणु ऊर्जा अनुसंधान (Nuclear Energy Research)
  • तरल गतिशील गणना (Fluid Dynamic Calculations)
  • कोड ब्रेकिंग (Code-Breaking)
  • जेनेटिक एनालिसिस (Genetic Analysis)
सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है और ये क्या कार्य करता हैं?

विश्व के सबसे तेज सुपरकंप्यूटर। Sunway Taihu Light Super  Computer 
साल 2018 तक विश्व का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर चीन का सनवे ताइहुलाइट (Sunway Taihu Light) था, जिसका अनुमानित मूल्य 273 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। विश्व का दूसरा सबसे तेज सुपर कंप्यूटर भी चीन का टियान -2 (Tianhe-2) है। इसकी कीमत लगभग 367 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। 

अमेरिका ने पिछले साल "समिट" Summit Supercomputer नाम का एक सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुपर कंप्यूटर अनवील किया था। इस सुपरकंप्यूटर की परफॉर्मेंस सुनकर लोगों के होश उड़ गए थे। दरअसल इस कंप्यूटर की पीक परफॉर्मेंस स्पीड 200 petaflops के बराबर है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह कंप्यूटर प्रति 1 सेकेंड में 200 quadrillion यानि (1,000,000,000,000,000) कैलकुलेशन कर सकता है। यह आंकड़ा सच में बहुत बड़ा है इसे आगे विस्‍तार से समझिए। फिलहाल अमेरिका के इस नए सुपर कंप्यूटर "समिट"Summit Supercomputer ने चाइना के सबसे बड़े और दुनिया के अब तक के सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर Sunway TaihuLight को भी पीछे छोड़ दिया है। इस तरह से सुपर कंप्‍यूटर के क्षेत्र में अमरीका एक बार फिर नंबर वन गया है।

भारत का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर। Pratyush Supercomputer
आपको बता दें कि प्रत्यूष (Cray XC40) भारत में सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर है। इसकी मैमोरी 1.5 टेरा बाइट है। प्रत्यूष का उद्घाटन (8 जनवरी 2018) केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा किया गया था और यह पुणे में 'भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान' (IITM) में स्थित है। भारत के सुपरकंप्यूटर की टॉप स्पीड 42.56 TFLOPS/s है जबकि चीन के सुपरकंप्यूटर की टॉप स्पीड 125,436 TFLOPS/s है। 

भारत में सुपर कंप्यूटर के नाम इस प्रकार हैं। 

  1. प्रत्यूष (Cray XC40),
  2. मिहिर (Cray XC40)
  3. InC1 - Lenovo C1040
  4. SERC - Cray XC40
  5. iDataPlex DX360M4

भारत की परम सीरीज (वर्तमान में “परम ईशान”  लेटेस्ट सीरीज है)
सुपरकंप्यूटर किसे कहा जाता है और ये क्या कार्य करता हैं?

आसान शब्दों में यह कहा जा सकता है कि सुपरकंप्यूटर आज के ज़माने की आवश्यकता बन चुका है, और कुछ क्षेत्र तो इन पर इतने आश्रित हो गये हैं कि इन सुपरकंप्यूटर कि अनुपस्तिथि में उनका काम ही ठप पड़ जायेगा। 

दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें कमेंट सकते है।

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Tuesday, January 22, 2019

MBBS डॉक्टर कैसे बने। How to become MBBS doctor. पाएं पूरी जानकारी हमारे इस आर्टिकल में।

दोस्तो नमस्कार।          
                       हमारी वेबसाइट पर आपका बहुत स्वागत है। हमारी इस वेबसाइट पर हम टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल लिखते रहते हैं, जो उन बच्चों के लिए बहुत काम के ओर जानकारी से परिपूर्ण होते हैं जो बच्चे अभी पढ़ रहे हैं और आने वाले जीवन में अपने सपने को साकार करने चाहते हैं। आपको हम उस विषय की सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश करते हैं।
आज हम जिस विषय पर बात करेंगे वो है MBBS डॉक्टर कैसे बने। आज हम आपको MBBS की पढ़ाई के बारे में पूरी जानकारी देंगे ।
जैसे - 
  • एमबीबीएस है क्या?
  • एमबीबीएस के लिए एलिजिबिलिटी ओर क्राइटेरिया।
  • एमबीबीएस के लिए प्रेप्रशन कैसे करें।

MBBS क्या है? What is MBBS?

आइये जान लेते है कि MBBS क्या है? What is MBBS?
इंडिया में मेडिकल सर्विस से संबंधित एक सबसे बड़ी ओर महत्वपूर्ण परीक्षा होती है। जैसे ही आप इस परीक्षा को पास कर लेते है, आप एक डॉक्टर बन जाते हैं। MBBS यानी Bachelor of Medicine, Bachelor of Surgery. अगर हिंदी में इसकी बात करें तो इसको बोलेंगे "चिकित्सा स्नातक ओर शल्य चिकित्सा स्नातक"।
जैसा कि हम अपने हर आर्टिकल में बात करते हैं कि एक अच्छे पेशे यानी सर्विस में जाने के लिए आपका पढ़ाई में भी काफी अच्छा होना जरूरी है। क्योंकि आज हम बात कर रहे हैं कि MBBS डॉक्टर कैसे बने, इसके लिए भी आपका पढ़ाई में अच्छा होना जरूरी है, तभी आप एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करके MBBS में दाखिला पा सकते हैं। 
एक डॉक्टर को हम भगवान का दर्जा देते हैं। हमारे समाज मे डॉक्टर को बहुत इज्जत दी जाती है क्योंकि एक अच्छा डॉक्टर, किसी भी छोटे से बड़े एरिया, समाज, देश के लिए बहुत ही मायने रखता है। एक डॉक्टर बनकर आप पूरे समाज और देश को ही नही अपितु पूरी दुनिया को सुरक्षित रखने का कौशल रखते हैं। इस सेवा में आप अपना योगदान देकर अच्छा नाम कमा सकते हैं। इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आपके अंदर दया, जुनून ओर अपने कार्य के प्रति समर्पित भाव होना चाहिए। आज हमारे देश मे बहुत अच्छे-अच्छे डॉक्टर हैं फिर भी हमारे देश की आबादी को देखते हुए डॉक्टरों की बहुत कमी है।
MBBS क्या है? What is MBBS?
MBBS Doctor बनने के लिये आपकी क्या योग्यता होनी चाहिए? Eligibility for MBBS
MBBS का एग्जाम देने के लिए आपका 12 वीं कक्षा में Biology(जीव विज्ञान), Physics(भौतिक विज्ञान), Chemistry(रसायन शास्त्र) इन सभी विषयों के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना भी जरूरी है।
इस परीक्षा के लिए आपकी उम्र 17 साल से 25 साल के बीच में होनी चाहिए। अनुसूचित जाति व जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग से संबंधित अभ्यर्थियों के लिए उम्र में अधिकतम 5 साल की छूट देने का प्रावधान है। लेकिन किसी भी वर्ग से संबंधित अभ्यर्थी AIPMT (All India Pre Medical Test) में केवल 3 बार ही शामिल हो सकता है।

अब बात कर लेते है कि MBBS डॉक्टर कैसे बनते है। 
MBBS डॉक्टर बनने के लिए आपको MBBS डिग्री की जरूरत होती है, इस डिग्री को पाने के लिए आपको क्या करना होगा। इस डिग्री को पाने के लिए आपको मेडिकल के entranc exam NEET (National Eligibility cum Entrance Test) की परीक्षा देनी होती है। इन परीक्षाओं को AIPMT ओर AIIMS जैसी संस्था आयोजित करती है। जैसे ही आप इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, आपको किसी सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाता है। मब्ब्स कोर्स साढ़े चार साल का होता है, इस कोर्स में 9 सेमेस्टर होते हैं, प्रत्येक सेमेस्टर 6 महीने का होता है। इसके बाद आपको एक साल इंटर्नशिप कोर्स भी करना होता है, कुल मिलाकर आपका MBBS कोर्स साढ़े 5 साल का हो जाता है। इस पूरे कोर्स को करने के बाद, जैसे ही आपको MBBS की डिग्री मिल जाती है, आप अपने नाम के साथ डॉक्टर लिख सकते हैं।
MBBS क्या है? What is MBBS?

डॉक्टर बनने के लिए आपको मेहनत और पैसा दोनों चाहिए अगर आप Financially Strong है तो आप इसे Private College से भी कर सकते है, और अगर आप आर्थिक रूप से कमजोर है तो आप डॉक्टर की पढ़ाई किसी Govt College से भी कर सकते है। 
कहाँ कर सकते हैं आप नोकरी! 
MBBS कोर्स करने के बाद आप किसी सरकारी या प्राइवेट संस्था द्वारा संचालित हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर, मेडिकल प्रोफेशर, जूनियर सर्जन ओर रिसर्चर के रूप में कार्य कर सकते हैं। आप चाहे तो आप अपना खुद का हॉस्पिटल भी बना सकते हैं।
कुछ और भी विकल्प होते हैं जहां आप काम कर सकते हैं।  
जैसे-
  • Biomedical Company's में
  • Laboratories में
  • Research Institutes में

MBBS क्या है? What is MBBS?

MBBS के बाद क्या पढ़ाई कर सकते हैं?
MBBS के बाद आप MD यानी मास्टर ऑफ मेडिसिन, MS यानी मास्टर ऑफ सर्जरी इनमे से कोई एक विकल्प चुन सकते हैं। MD करने के बाद आप फिजिशियन बन जाते है। MS करने के बाद आप एक सर्जन बन जाते हैं।

एमबीबीएस के लिए प्रेप्रशन कैसे करें।
अगर आप MBBS में प्रवेश पाना चाहते है तो आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी होगी, क्यूंकि इसकी परीक्षा 12th के बाद ही होती है, तो आपको 10 वीं क्लास से ही इसकी तयारी शुरू कर देनी चाहिए। क्यूंकि इसका एंट्रेंस एग्जाम काफी हार्ड होता है। जब आप अच्छी तयारी के साथ इस एग्जाम को देंगे तो ही आप इसे क्लियर कर पायेंगे। 
11 वीं और 12 वीं के सब्जेक्ट को अच्छी तरह से पढ़ ले, क्यूंकि आपका एंट्रेंस टेस्ट इसी सिलेबस पर आधारित होता है। एंट्रेंस टेस्ट की तयारी के लिए आप किसी कोचिंग सेण्टर की मदद ले सकते हैं जो मेडिकल टेस्ट की तयारी करवाते हो, अगर आप चाहें तो आजकल आप इंटरनेट की मदद से भी घर बैठे ही तयारी कर सकते हैं। 

दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें कमेंट सकते है।

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Sunday, January 20, 2019

भारत का अब तक का सबसे बड़ा रेल व रोड़ ब्रिज। बोगीबील ब्रिज भारतीय सेना के लिए है इसका खास महत्व।

Longest rail road bridge in India असम राज्य के बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी की चौड़ाई लगभग 10 किलोमीटर के करीब है, रेलवे पुल बनाने के लिए यहां आधुनिक तकनीक लगाकर पहले नदी की चौड़ाई को कम किया गया और फिर इस पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा रेल व रोड ब्रिज बनाया गया है। यह भारत का सबसे लंबा रेल व रोड ब्रिज है। इस पूल को नए भारत का इंजीनियरिंग का अद्भुत करिश्मा माना जा रहा है। 
Bogibeel bridge India

तकनीकी रूप से हमारा देश आज बहुत तरक्की कर रहा है। असम राज्य के ऊपरी ब्रह्मपुत्र नदी क्षेत्र पर बना बोगीबील ब्रिज भारतीय सेना के लिए तो काफी महत्वपूर्ण है ही साथ ही आम जनजीवन को भी रफ़्तार देने का काम करेगा, जो असम की अर्थववस्था को अब नई ताकत देगा।  खासकर अरुणाचल सीमा से सटे होने के कारण सामरिक दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण है। इस पुल के शुरू होने से भारतीय सेना को जवानों के ट्रांसपोर्ट में बड़ी मदद मिलेगी। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य और चीन करीब 4000 किलोमीटर लंबा बॉर्डर साझा करते हैं।इसका करीब 75 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ अरुणाचल प्रदेश में है। भारतीय रेल के इस पुल की आधारशिला साल 2002 में उस वक़्त प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने रखी थी। साल 2007 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किया गया। पिछले 4-5 साल से इसके निर्माण में कुछ ज्यादा ही तेजी आई। इसके चलते असम के डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर की तरफ जाना आसान हो जाएगा, जिसमें अरुणाचल प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण है। अरुणाचल प्रदेश और पूरे उत्तर पूर्वी भारत के चुनौतीपूर्ण भूगोल को देखते हुए बोगीबील ब्रिज इस इलाके में रेल लाइन के विकास की नई शुरुआत है। 
इस ब्रिज को बनाने में इंजीनियरों को कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। सबसे पहले तो उन्हें यहां मार्च से लेकर अक्टूबर तक होने वाली बारिश के बाद ही काम करने का समय मिला है। इसके अलावा नदी के पानी के भारी दबाव में होने के नाते किसी भी तरफ से मिट्टी का कटाव शुरू हो जाता है और कहीं भी टापू बन जाता है ऐसे में काम करना या फिर लोकेशन बदलना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन इन सबसे निबटकर पहली बार रेलवे ने स्टील गर्डर का इस्तेमाल कर इतना बड़ा पुल बनाया है। हालांकि बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी की चौड़ाई 10.3 किलोमीटर है लेकिन रेलवे पुल बनाने के लिए यहां तकनीक लगाकर पहले नदी की चौड़ाई कम की गई और फिर इसपर करीब 5 किलोमीटर लंबा रेल/रोड ब्रिज बनाया गया है। यह भारत का सबसे लंबा रेल/ रोड ब्रिज है.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल यहां से 450 किलीमेटर दूर गुवाहाटी में ही ब्रह्मपुत्र को पार करने के लिए नदी पर पुल मौजूद है। जबकि सड़क पुल भी यहां से करीब 250 किलोमीटर दूर है। ऐसे भी आम लोगों की सुविधा के अलावा फौजी जरूरतों के लिहाज से यह पुल सेना को बड़ी ताकत देगा।  
Bogibeel bridge India

इस पूल को बहुत सी खूबियों से युक्त बनाया गया है। इस पुल में कहीं भी रिवीट नहीं लगाया गया बल्कि हर जगह लोहे को वेल्ड किया गया है, जिससे इसका वजन 20% तक कम हो गया गई और इससे लागत में भी कमी आयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर 2018 को इस पुल का उद्घाटन किया। चीफ इंजीनियर मोहिंदर सिंह के अनुसार "ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 4.9 किलोमीटर लंबा पुल देश का पहला पूर्णरूप से आपसे में जुड़ा हुआ पुल है।" उन्होंने बताया कि पूरी तरह से जुड़े पुल का रखरखाव काफी सस्ता होता है। इस पुल के निर्माण में 5,900 करोड़ रुपए की लागत आयी है, इंजीनियरों के अनुसार इसकी मियाद 120 साल है।  इससे असम से अरुणाचल प्रदेश के बीच की यात्रा दूरी घट कर चार घंटे रह जाएगी, जो पहले बहुत ज्यादा थी।  इसके अलावा दिल्ली से डिब्रूगढ़ रेल यात्रा का समय तीन घंटे घट कर 34 घंटे रह गया है। इससे पहले यह दूरी 37 घंटे में तय होती थी।

Bogibeel Bridge की कुछ  खास बातें ! 
  • बोगीबील पुल भूकंप प्रभावित क्षेत्र में है, इस पुल को भूकंपरोधी बनाया गया है जो 7 तीव्रता से ज्यादा के भूकंप में भी धराशायी नहीं होगा।
  • ब्रह्मपुत्र नदी पर डबल-डेकर रेल और रोड ब्रिज (बोगीबील पुल) की सहायता से असम और अरुणाचल राज्यों के बीच लोग आसानी से आ-जा सकेंगे।
  • उत्तर पूर्वी सीमा पर तैनात सेना को भी आसानी से रसद आदि पहुंचाई जा सकेगी, यानि रक्षा मोर्चे पर भी यह पुल अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
  • भारतीय रेलवे ने इस  बेहद चुनौतीपूर्ण काम को सफलता के साथ दिया है अंजाम, इसके नीचे के डेक पर दो रेल लाइन हैं और ऊपर के डेक पर 3 लेन की सड़क है।
  • बताया जा रहा है कि रेल-सड़क पुल बोगीबील की मियाद कम से कम 120 वर्ष है।
  • बोगीबील ब्रिज से पहली गाड़ी तिनसुकिया-नाहरलगुन इंटरसिटी एक्सप्रेस गुजरी।
  • इस परियोजना में देरी के कारण बोगीबील पुल की लागत 85 फीसद बढ़ गई।
  • इससे असम के धीमाजी, लखीमपुर के अलावा अरुणाचल के लोगों को भी फायदा होगा।
  • बोगीबील पुल चीन के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है, और सेना को इस पुल से जरूरत पड़ने पर खासी मदद मिलेगी।
Longest rail road bridge in India बोगीबील ब्रिज अरुणाचल प्रदेश में चीन की चुनौतियों और सेना की जरूरतों को देखते हुए काफी अहम हो गया है। बोगीबील ब्रिज को इतना मजबूत बनाया गया है कि इस पर भारी टैंक और सैनिक साजो सामान आसानी से ले जाया जा सके। बोगीबील ब्रिज को 2007 में राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया था। 

Bogibeel bridge India

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Friday, January 18, 2019

सीए कैसे बने पूरी जानकारी ? How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

नमस्कार दोस्तों 
                       मैं हमारी इस ब्लॉग वेबसाइट पर ऐसे आर्टिकल लिखता हूँ जो बच्चों के मार्गदर्शन के लिए बेहतर होते हैं, हमारा हर आर्टिकल किसी भी विषय पर आपको पूरी जानकारी देता है। हमारी वेबसाइट पर आप एक से एक बेहतरीन जॉब के बारे में पूरी डिटेल के साथ जान सकते हैं। आज का विषय भी हमारा एक बहुत ही अच्छी जॉब के बारे में हैं जो आपके भविष्य को सुनहरा बना देगी। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की CA यानि चार्टेड अकाउंटेंट (Charted Accountant) कैसे बने। यदि आप एक विद्यार्थी हैं और आप अपनी पढाई के बाद CA बनना चाहते है, लेकिन आपको नहीं पता इसके लिए क्या-क्या प्रोसेस है, और आपको  किस तरह की पढाई करनी पड़ेगी, और कोन से एंट्रेंस एग्जाम को पास करना होगा, तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको सीए (CA) बनने जानकारी देंगे।  
How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

How to be an IAS officer            How to be an IPS officer           What is web developer?

प्यारे बच्चो हमारे देश में CA  बनना इतना आसान नहीं है जितना लोगों को लगता है, और इतना कठिन भी नहीं हैं की कोई बन न सके। अगर आप मन लगाकर पढेंगे तो आपको एक बेहतर चार्टेड अकाउंटेंट बनने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकी जिंदगी में कुछ भी असंभव नहीं है, हाँ थोड़ा मुश्किल जरूर हो सकता है। अगर आप मन बना लो तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता। एक कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी की "मन के जीते जीत है, मन के हारे हार " अर्थात अगर आपने कुछ करने की दिल से ठान ली तो आप अपनी मंजिल जरूर पा लेते हैं। 

सबसे पहले जान लेते है कि सीए (CA) क्या है, इस जॉब में हमें क्या-क्या करना होता है। इसके बाद स्टेप बाई स्टेप आपको बताऊंगा की कैसे चार्टेड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) बन सकते है, आपको पढाई के किन-किन चरणों से गुजरना होगा आपको पूरी जानकरी मिलेगी कृपया आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। 
How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

सीए (CA) क्या है ? What is Chartered Accountant? 
जैसे की आप अब तक  होंगे की सीए (CA) का फुल फॉर्म चार्टेड अकाउंटेंट (Charted Accountant) होता है, जिसमे आपको हिसाब-किताब के बारे में सिखाया जाता है।  सीए का काम लोगो को फाइनेंसियल गाइड (Financial Guide) करना या एडवाइस देना, बिजिनेस अकाउंटेंट (Business Accountant), टैक्स (Tax), टैक्स रिटर्न (Tax Return )इत्यादि के बारे में होता है, जिससे आप बैंकिंग (Banking), टैक्स या फिर अकाउंटेंट की जॉब आसानी से कर के एक अच्छी खासी नोकरी पा सकते है,CA की पढाई पूरी करने के बाद आपको आसानी से बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब मिल जाता है, या किसी बैंक में भी आप एक अच्छी जॉब पा सकते हैं।  एक प्रोफेशनल चार्टेड अकाउंटेंट(Charted Accountant) बनने के लिए आपको बहुत सारे एग्जाम पास करने होते है, तभी आप एक सीए (Charted Accountant) बन सकते है।   

आगे बढ़ने से पहले आपके मन में जो सवाल हैं उनके जवाब पढ़ लीजिये उसके बाद हम आपको आगे की जानकारी देंगे की आपको सीए (Charted Accountant) बनने के लिए किन-किन परीक्षाओं से गुजरना पड़ेगा। 

सवाल 1. क्या 12th आर्ट्स (Arts) के स्टूडेंट्स सीए कर सकते है?
जवाब : ये एक बहुत ही आम सवाल है जो हर आर्ट्स की पढाई करने वाले के मन में होता होगा कि उन्हें अगर चार्टेड अकाउंटेंट की पढाई करनी है क्या 12th आर्ट्स (Arts) के स्टूडेंट्स सीए कर सकते है?, तो इसका सवाल है हाँ आप आर्ट्स के साथ भी चार्टेड अकाउंट (Chartered Accountant) के एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं और सीए(Chartered Accountant) बन सकते हैं। 

सवाल 2. सीए (CA) कितने साल का कोर्स होता है?
जवाब : सीए (CA) टोटल 4.5 साल का कोर्स होता है।

सवाल 3.  क्या कोई भी स्ट्रीम/संकाय के विद्यार्थी सीए की परीक्षा दे सकते है?
चार्टेड अकाउंटेंट की परीक्षा कोई सी भी स्ट्रीम(Stream) या संकाय के स्टूडेंट दे सकते हैं, चाहे आप आर्ट्स (arts) के स्टूडेंट हो या फिर कॉमर्स(Commerce) के स्टूडेंट हो या फिर आप साइंस (Science) के हो, हमारी आपके लिए यही राय होगी की अगर आपको सीए बनना है तो आप 10th पास करने के बाद कॉमर्स सब्जेक्ट ही ले, क्यूंकि इससे आपको सीए(CA) में काफी ज्यादा फायदा होगा, अगर आपने 10th के बाद कॉमर्स नहीं पढ़ा तो आपको (CA) के एग्जाम के लिए किसी कोचिंग सेण्टर में कॉमर्स को फिर से पढ़ना पड़ेगा।

सीए CPT (Common  Proficiency Test) एंट्रेंस एग्जाम के लिए आप 10th पास करने के बाद अप्लाई कर सकते है, लेकिन एग्जाम आपको 12th पास के बाद ही देना होगा।
आर्ट्स कॉमर्स साइंस की भी स्ट्रीम के विद्यार्थी इस एग्जाम को दे सकते है। CA एंट्रेंस एग्जाम के लिए आपको किसी भी तरह की परसेंटेज की जरुरत नही होती बस CPT एग्जाम के लिए आपका 12th पास होना जरुरी है।
How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

चलिए अब हम जान लेते है की कैसे आप एक चार्टेड अकाउंटेंट बन सकते है। 
सीए (CA) बनने के लिए आपको कई चरण की परीक्षाओं से गुजरना होता हैं। जिनके बारे में अभी आगे हम पढ़ने वाले हैं। 

पहला चरण : सबसे पहले फाउंडेशन कोर्स एग्जाम के लिए रजिस्टर करें। 
सबसे पहले आपको 10th क्लास पास करना होगा, जैसे ही आप दसवीं  पास करलें आपको सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए अप्लाई करना होगा। पहले इस कोर्स का नाम सीपीटी(CPT) था लेकिन अब इसे बदल कर CA Foundation Course कर दिया गया है, इसलिए आप कन्फ्यूज न हों। इसके बाद आपको इस एग्जाम के लिए रजिस्टर करना होगा तभी आप 12वी के बाद CA के पहला एंट्रेंस टेस्ट दे सकते है। इस एग्जाम में रजिस्टर करने के लिए आप इसकी ऑफिसियल वेबसाइट (ICAI) Institute of Chartered Accountants of India पर जायें। सीए फाउंडेशन कोर्स एक तरह का एंट्री लेवल टेस्ट (Entry Level Test) होता है जो हर साल मई (may) और नवम्बर(November) में आयोजित होता है, तो इस महीने में एग्जाम देने के लिए आपको 30 जून और 31 दिसम्बर से पहले अपने आप को रजिस्टर करवाना होता है। अगर आप 10th पास करने के बाद इसके लिए रजिस्टर करते है, तो इससे आपको फायदा होगा आपको स्टडी मटेरियल पहले से मिल जायेगा जिससे आप एग्जाम के लिए त्यारी कर सकते हो, और इसे आसानी से क्लियर कर सकते है। अगर आप चाहें तो 12th  के बाद भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं।

दूसरा चरण : उसके बाद फाउंडेशन कोर्स टेस्ट क्लियर करें। 
जैसे ही आप 12th पास हो जायेंगे उसके बाद आप सीए फाउंडेशन कोर्स टेस्ट देगे, इस एंट्रेंस एग्जाम में आपसे एकाउंटिंग (Accounting), मर्केंटाइल लॉज़(Mercantile Laws), बिज़नस इकोनॉमिक्स( Business Economics), जनरल इंग्लिश (General English) इत्यादि से सम्बंधित सवाल पूछे जाते हैं। इस कोर्स में टोटल चार पेपर होते है। हर पेपर तीन घंटे का होता है,तथा प्रत्येक पेपर 100 नंबर का होता है। यहाँ पर पहले दो एग्जाम सब्जेक्टिव एग्जाम होंगे और पेपर 3 और 4 में आपसे ऑब्जेक्टिव टाइप के सवाल पूछे जायेंगे। फाउंडेशन कोर्स में आपको इन सभी एग्जाम को क्लियर करना होता है। यहाँ पर आपके हर एग्जाम में कम से कम 40% मार्क्स होने चाहिए, और सारे पेपर का टोटल मार्क्स 50% या इससे अधिक होना चाहिए तभी आप CA करने के लिए आगे बढ़ सकेंगे।

सीए CA फाउंडेशन कोर्स परीक्षा विषय (CA Foundation Course Exam Syllabus)

  • पेपर 1 : Principal and practices of Accounting (100 Marks)
  • पेपर 2 (A) : Business Mathematics (60 Marks)
  • पेपर 2(B) : Statistics (40 Marks)
  • पेपर 3(A): Mercantile Law (60 Marks)
  • पेपर 3(B): General English (40 Marks)
  • पेपर 4 : Business Economics (60 Marks)
  • पेपर 4(B): Business and Commercial Knowledge (40 Marks)

विशेष नोट  : इन कोर्स की जानकारी 2017 -18 की है, आने वाले समय में ये syllabus बदल भी सकता है इसलिए ताज़ा जानकारी के लिए ICAI  की ऑफिसियल वेबसाइट (ICAI) Institute of Chartered Accountants of India पर विजिट करते रहें। 
How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

तीसरा चरण : उसके बाद intermediate Course के लिए रजिस्टर करें और इसे पास करें। 
इंटरमीडिएट(intermediate Course)कोर्स जिसे हम आईपीसीसी (IPCC) (Integrated Professional Competency Course) भी कहते है, जो की आप सीए फाउंडेशन कोर्स एग्जाम क्लियर करने के बाद कर सकते है। यह चार्टेड अकाउंटेंट (CA) बनने के लिए बेहद जरुरी चरण है।

डायरेक्ट एंट्री रूट (Direct Entry Route to be CA )
उपरोक्त एग्जाम के अलावा (CA) बनने के लिए एक डायरेक्ट एंट्री रूट भी है, जो ग्रेजुएशन या पोस्ट (Graduation / Post Graduation) करने के बाद आप सीए (CA) के लिए अप्लाई कर सकते है। अगर आप ग्रेजुएट है, तो आपको कॉमर्स स्ट्रीम से (Commerce stream) से 55% के साथ या फिर दुसरे सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की है 60% मार्क्स के साथ पास होना जरूरी है। इसके बाद आप सीधा सेकंड स्टेप यानि की इंटरमीडिएट कोर्स (Intermediate Course) के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसमें आपको फाउंडेशन कोर्स के लिए अप्लाई करने की जरुरत नहीं होती।
इस परिस्थिति में आपको ICITSS कोर्स के लिए अप्लाई करना होगा, साथ में 3 साल की ट्रेनिंग के लिए भी रजिस्टर कराना होगा, तथा आपको 9 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। अगर आप सीधा ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद अप्लाई करते है, तो आईपीसीसी (IPCC) यानि की इंटरमीडिएट कोर्स में रजिस्टर करने के बाद आपको इसमें दो अलग-अलग ग्रुप एग्जाम देने होते है। ग्रुप 1 और ग्रुप 2  इसमें आपको टोटल आठ पेपर देने पड़ते हैं।

ग्रुप 1:

  • पेपर 1 : Accounting (100 Marks)
  • पेपर 2 : Corporate Laws and other laws (100 Marks)
  • पेपर 3 : Cost and management Accounting (100 Marks)
  • पेपर 4 : Taxation (100 Marks)
  • ग्रुप 2 :
  • पेपर  5 :Advanced Accounting (100 Marks)
  • पेपर 6 : Auditing and Assurance (100 Marks)
  • पेपर 7 :Information and Strategic Management (100 Marks)
  • पेपर 8 : फाइनेंसियल मैनेजमेंट & Economics (100 Marks)
  • इन सभी एग्जाम में पास होने के लिए आपको कम से कम हर विषय में 40% मार्क्स चाहिए और आपका टोटल परसेंटेज 50% होना चाहिए। इसके बाद आप आर्टिकलशिप (Article-ship) के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यहाँ पर आपको दोनों में से कोई सा भी एक ग्रुप पास करना होता है चाहे वो ग्रुप 1 हो या ग्रुप 2 हो। उसके बाद आप आर्टिकलशिप (Article-ship) के लिए अप्लाई कर सकते है और साथ में ICITSS (Integrated Course on Information Technology and Soft Skills)भी। 
ग्रुप 2 :

  • पेपर 1 : Financial Reporting
  • पेपर 2 : Strategic Financial Management
  • पेपर 3 : Advanced Auditing and Professional Ethics
  • पेपर 4 : Corporate and Allied Laws
  • ग्रुप 2 पेपर :
  • पेपर 5 : Advanced Management Accounting
  • पेपर 6 : Information Systems Control and Audit
  • पेपर 7 : Direct Tax Laws
  • पेपर 8 : Indirect Tax Laws
जैसे ही आप फाइनल इयर में ये सारे एग्जाम क्लियर कर लेते हैं। अब आपको आईसीएआई(ICAI)Institute of Chartered Accountants of India कंपनी में अपने आपको रजिस्टर करना होगा।  एक चार्टेड अकाउंटेंट की तरह तभी आप एक सीए कहलायेंगे। इसके बाद आप किसी भी कंपनी में एक चार्टेड अकाउंटेंट की तरह आसानी से जॉब पा सकते हैं, और अच्छी खासी सैलरी (Salary) पा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए फिर से बता देता हूँ कि आईसीएआई(ICAI) Institute of Chartered Accountants of India हर साल जून और दिसम्बर में परीक्षा को आयोजित करता है। (एंट्री लेवल टेस्ट का समय मई और नवंबर का होता है।)
How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.


चौथा चरण  : उसके बाद सीए आर्टिकलशिप (Article-ship)के लिए अप्लाई  करें। 
जैसे ही आप इंटरमीडिएट कोर्स की पढाई पूरी कर लेते हैं, और आप सारे एग्जाम क्लियर कर लेते हैं, इसके बाद आपको 3 साल की सीए(CA) की ट्रेनिंग लेनी होती है जिसके बाद ही आप सीए बनने के लिए फाइनल एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते है। और फाइनल एग्जाम के लिए अप्लाई करने से पहले आपको AICITSS (Advanced integrated Course on information Technology and Soft skills) को पूरा करना होता है।

पांचवां चरण : उसके बाद सीए (CA) फाइनल कोर्स क्लियर करें। 
जैसे ही आप आईपीसीसी (IPCC) (Integrated Professional Competency Course) क्लियर कर लेते हैं।इसके बाद आपको 3 साल की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए अप्लाई करना होगा, जिसे आर्टिकलशिप (Article-ship) भी कहते हैं। विदित रहे आप 3 साल पुरे होने से 6 महीने पहले ही सीए(CA) के फाइनल एग्जाम दे सकते हैं।इसमें आपको बहुत ही Advance Level पर एग्जाम क्लियर करना होता है।  इस एग्जाम को भी दो ग्रुप में बाटा जाता है। ग्रुप 1 और ग्रुप 2 में ये एग्जाम काफी मुश्किल होता है।  क्योंकी ये फाइनल एग्जाम होता है और इसके बाद आप CA बन जाते हैं।

How to become CA (Chartered Accountant), full information in Hindi.

दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी “सीए कैसे बनें ” अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें कमेंट सकते है।

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Wednesday, January 16, 2019

आर्मी ऑफिसर कैसे बने। how to become Indian Army officer, what is NDA?

प्यारे बच्चो नमस्कार
                           में हमारी इस ब्लॉग वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल लिखता हूँ, ऐसे आर्टिकल जो बच्चों के आने वाले भविष्य में काम आ सकें। हमारे आर्टिकल आपको किसी भी जॉब की पूर्ण जानकारी देने वाले होते हैं। हमारी इस जानकारी के माध्यम से बच्चे सही दिशा का चुनाव कर अपने भविष्य को सफल बना सकते हैं।Download Flipkart app here http://affiliate.flipkart.com/install-app?affid=leesharma

आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं कि आप भारतीय सेना में एक ऑफिसर कैसे बन सकते हैं, बेशक वो थल सेना, वायु सेना या जल सेना ही क्यों न हो। अगर आपमे देश सेवा करने का जज्बा है तो आप इस क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं, ऐसा नही की आपमे देश सेवा का जज्बा हो और आप इसमें जा सकते हैं, इसके लिए आपको बहुत मेहनत भी करनी पड़ेगी। अगर आप पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं तभी आप इसमें सेलेक्ट हो सकते हैं।
how to become army officer
आइये जान लेते हैं NDA क्या है?
NDA यानी "National Defense Academy" ओर हिंदी में इसे "राष्ट्रीय रक्षा अकादमी" कहा जाता है, NDA दुनिया की पहली ऐसी अकादमी है जिसमे तीनो विंगों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

आर्मी अफसर कैसे बने!
भारतीय सेना की तीन विंग हैं, army, air force and navel, अगर आप इन तीनो में से किसी मे भी जाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको NDA यानी नेशनल डिफेंस अकादमी (National Defense Academy) का एग्जाम देना होता है। इस एग्जाम को UPSC द्वारा साल में दो बार आयोजित करवाया जाता है। UPSC (Union Public Service Commission) बोर्ड इस एग्जाम को जुलाई ओर नवंबर में आयोजित करता है। हमारे देश मे अब तक ऐसे 41 परीक्षा केंद्र हैं जहां ये परीक्षा आयोजित की जाती है।
how to be army officer
खास बात
इस परीक्षा में बैठने के लिए कैंडिडेट का अविवाहित होना जरूरी है। अगर आप शादीशुदा हैं तो आप इस परीक्षा के योग्य नहीं है। साथ ही NDA जॉइन करने के लिए आपका शारीरिक ओर मानसिक मापदंड भी सही होना चाहिए।

NDA में जाने के लिए आपका 12 वीं पास होना जरूरी है, 12 वीं में आपके पास PCM यानी Physics, Chemistry and Math ये तीन सब्जेक्ट होने चाहिए। अगर आप 12 वीं कक्षा में अभी पढ़ रहे हैं तो भी आप ये एग्जाम दे सकते हैं। इस एग्जाम के लिए आपकी आयु सीमा 16.5 से 19.5 साल तक तय की गई है।
NDA में सिलेक्शन के लिए आपको उक्त एग्जाम को पास करना होगा। NDA की आर्मी विंग को छोड़कर एयर विंग या नेवी विंग के लिए 12 वीं में आपके पास गणित विषय होना जरूरी होता है। वसे भी NDA एग्जाम को पास करने के लिए आपका गणित अच्छा होना चाहिए।

NDA एग्जाम syllabus में क्या होता है।
NDA के रिटन एग्जाम में दो पेपर होते हैं, जिनमे जनरल एबिलिटी ओर मैथ से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमे मैथ का पेपर 300 अंको का होता है और जनरल एबिलिटी या सामान्य ज्ञान का पेपर 600 अंकों का होता है। यानी ये टेस्ट कुल 900 अंको का होता है।
इसमे जनरल एबिलिटी टेस्ट के दो भाग होते हैं, इसमे इंग्लिश ओर जनरल नॉलेज से संबंधित प्रश्न आपसे पूछे जाते हैं। जनरल नॉलेज में (भूगोल,अर्थशास्त्र, इतिहास, समसामयिकी, राजनीति) आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, वही इंग्लिश में सब्जेक्ट-वर्ब-रिलेशनशिप, इंग्लिश यूज़, टेंस, परिपोजिशन ओर गरेमेटिकल एरर से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
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एक्सपर्ट टिप्स
इस एग्जाम को पास करने के लिए आपको सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, अखबार इत्यादि पढ़ते रहना चाहिए, साथ ही गणित में अलजेब्रा, ज्योमैट्री, अर्थमेटिक, ट्रिग्नोमेट्री व स्टेटेस्टिक्स की भी तैयारी करनी चाहिए। देश मे होने वाले समसामयिक विषयों पर भी नज़र बनाये रखनी चाहिए।
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