LS Home Tech: February 2019

Thursday, February 28, 2019

भारत की सबसे साहसिक और खतरनाक कमांडो फाॅर्स कोनसी है आप भी जानिए। India's greatest commando forces.

दोस्तों नमस्कार 
किस भी देश की सामरिक ताकत उसके जवान उसकी सेना होती है, आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे हमारे देश के उन वीर और जांबाज़ जवानो की जो हमारे देश की सबसे ताकतवर सुरक्षा सर्विस है। किसी भी देश को ताकतवर बनाने के पीछे उसकी स्पेशल फोर्सेस का हाथ होता है, सैन्य और रक्षा बल अपने देश का सम्मान और हमारे देश की पुरे विश्व में एक अलग पहचान बनाता हैं। भारतवर्ष में भी देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं जवानों के हाथों में होती है। आज भारत आतंकी हमले से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। हाँ हम बात करने वाले हैं भारतीय कमांडो फाॅर्स के बारे में। ये वो फाॅर्स होती है जो हर वक़्त किसी भी आतंकी हमले से निपटने का जोहर रखते हैं। आप सभी को ये बात जानकार हैरानी होगी कि भारतीय कमांडो फोर्स को अलर्ट रहने के लिए और दुश्मन के अचानक हुए हमले से खुद को संभालने के लिए करीब आधे घंटे का वक़्त दिया जाता है। इसी लेख को आगे बढ़ते हुए हम जानेंगे की भारत के पास कोन-कोनसी कमांडो फाॅर्स है जो देश के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। सबसे बड़ी बात इन कमांडो के पास सबसे घातक हथियार होते हैं। 


India's greatest commando forces.

आज हमारे देश में आठ सर्वश्रेष्ठ और खतरनाक कमांडो फाॅर्स है जिनके बारे में हम आगे जिक्र कर रहे हैं। 

NSG/National Security Guard/राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड 
NSG कमांडो हमारे देश के लिए हर वक़्त किसी भी बड़ी मुशीबत या हमले से निपटने के लिए त्यार रहते हैं। NSG कमांडो को हर रोज काफी ज्यादा अभ्यास करना पड़ता है, क्यूंकि किसी भी वक़्त इनको किसी भी परिस्थिति से गुजरना पड़ सकता है। NSG कमांडो का इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में आतंकवादी गातिविधियों को निष्क्रिय करने जैसे कार्यो में इस्तेमाल किया जाता है। मुंबई ताज होटल हमले में इन्ही कमांडो ने मोर्चा संभाला था और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ कर लोगों की रक्षा की थी। ये कमांडो फाॅर्स किसी भी विकत परिस्थिति का सामना करने में पारंगत होते हैं। 



Para Commando/पैरा कमांडो
इंडियन आर्मी की सबसे ज्यादा और प्रशिक्षित स्पेशल फोर्स है पैरा कमांडोज। भारतीय सेना के सिर्फ उन्हीं जवानों को इस फोर्स का हिस्सा बनाया जाता है, जो शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ और बहादूर होने के साथ-साथ समझदार भी होते हैं। पैरा कमांडोज के जिम्मे एंटी टेरर ऑपरेशन, ऑपरेशन बंधक समस्या और दुश्मन को तबाह करने जैसे मुश्किल कार्य आते हैं। इंडियन आर्मी के जवानो को पैरा कमांडो बनने के लिए बहुत मस्सकत करनी पड़ती है, तभी ये किसी भी समस्या से निपटने के लिए पारंगत बन पाते हैं। 

Garud Commando/गरुड़ कमांडो
ये कमांडो फाॅर्स भारतीय वायुसेना का एक हिस्सा है, गरुड़ कमांडो फोर्स देश की सबसे अत्याधुनिक और प्रशिक्षित कमांडो फोर्स में से है। गरुड़ कमांडो फाॅर्स में फ़िलहाल दो हज़ार एयर फाॅर्स कमांडो शामिल है। गरुड़ कमांडो फोर्स का हवाई क्षेत्र में हमला करने, ख़ुफ़िया तरिके से दुश्मन की टोह लेने, हवाई अटैक करने व किसी भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है। इस कमांडो फाॅर्स में सभी जवान जोशीले और समझदार होते हैं, किसी भी विकट परिस्थिति का सामना करने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। 


Marcos Marine Commando/मार्कोस मरीन कमांडो
भारतीय जल सेना द्वारा त्यार मार्कोस कमांडो फाॅर्स बेहद ही चुस्त और फुर्तीली कमांडो फाॅर्स है। इनको धरती पर सबसे विकत परिस्थितियों में काम करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से त्यार किया जाता है। मार्कोस मरीन कमांडो फाॅर्स को दाढ़ीवाला फाॅर्स के नाम से भी जाना जाता हैं। इन्हे जल मार्ग द्वारा या आम क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा की जा रही किसी भी सरगर्मी से निपटने के लिए सक्षम बनाया जाता है।  

Cobra Commando/कोबरा कमांडो
कोबरा कमांडो को भारत की सबसे बेहतरीन फोर्स में गिना जाता है। ये फोर्स CRPF/केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की स्पेशल फोर्स है, इनको वेश बदलकर दुश्मन पर अटैक करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए इन्हें स्पेशल गोरिल्ला युद्ध प्रशिक्षण दिया जाता है। ये दुश्मन को घात लगाकर मारने में एक्सपर्ट/पारंगत होते हैं।  कोबरा कमांडो फोर्स के कारनामें हमेशा गुप्त ही होते हैं, इन्हें ज्यादातर नक्सालियों से लडऩे के लिए ही भेजा जाता है।

Ghatak Commando Force/घातक कमांडो फोर्स 
घातक कमांडो फोर्स भी भारतीय सेना का ही एक हिस्सा है, इसे सबसे ज्यादा घातक फोर्स माना जाता है, और इसके लिए इन जवानो को कड़े स्तर पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस फाॅर्स का इस्तेमाल सबसे ज्यादा दुश्मन के साथ आमने-सामने वाली लड़ाई में किया जाता है। घातक फोर्स के जवान इतने ज्यादा ताकतवर होते हैं कि यह एक जवान ही बहुत लोगों के लिए अकेला काफी है। इन सब का प्रशिक्षण भी पैरा कमांडोज फाॅर्स की तर्ज पर ही की जाती है।


Punjab Commando Force/पंजाब कमांडो फोर्स
पंजाब कमांडो फोर्स भारत की सबसे शक्तिशाली राज्य स्तरीय कमांडो फाॅर्स है। भारत में सबसे ज्यादा करीब 10 हजार आंतकियों को मारने का गौरव यदि किसी के पास है तो वह पंजाब कमांडो फाॅर्स के पास ही है। इस फाॅर्स के सभी जवानो को विकट से विकट परिस्थिति का सामना करने के लिया त्यार किया जाता है। अब तक इनका सबसे ज्यादा सामना आतंकवाद से ही हुआ है, पठानकोट हमलें में भी पंजाब कमांडो फोर्स ने अपना जोहर दिखाया था।



Kerala Commando Police Force/केरल कमांडो पुलिस फाॅर्स 
ये भी भारत की एक राज्य स्तरीय कमंडोफोर्स है। केरल भारत का सबसे शिक्षित राज्य है फिर भी यहाँ पर बहुत ही नक्सलवाद है। यहां के कई सारे ऐसे गांव हैं जहां आज भी नक्सलियों का आतंक छाया हुआ है। इन गांवो की रक्षा करने और यहां के आतंकवाद को खत्म करने के लिए केरल कमांडो पुलिस फाॅर्स को बनाया गया था। इन कमांडोज को भी हर परिस्थिति का सामना करने के लिए त्यार किया जाता है क्यूंकि बहुत बार तो इनको पानी भी नहीं नसीब होता है। केरल कमांडो पुलिस फाॅर्स के कमांडों के लिए सबसे मुश्किल कार्य है यहां के जंगलों में गश्त करना, क्योंकि नक्सली लोग केवल पत्तों की आवाज सुनकर ही गोलियां चलाना शुरू कर देते हैं। ऐसे में इन सब हालातों से खुद को बचाने के लिए इन कमांडो की स्पेशल प्रशिक्षण दिया जाता है।



दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।


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Wednesday, February 27, 2019

Basic Computer Course उपयोगिता ओर इसमे क्या-क्या सिखाया जाता है?

दोस्तों नमस्कार
हम अपने वेब पोर्टल पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते है, जो उन बच्चो के लिए बहुत काम के होते है, जो इस फील्ड में कुछ अलग करना चाहते है। इसी कड़ी में आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे सामान्य कंप्यूटर कोर्स की जो आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। आज हर क्षेत्र में हमें कंप्यूटर देखने को मिलता है, चाहे वो छोटा ओफिस हो या कोई स्कूल हो या फिर कोई प्रतिष्ठित बैंक। आधुनिक युग में कंप्यूटर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होने लगा है। लगभग हर सरकारी और प्राइवेट कामों में कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है, यहाँ तक की हम अपने घर से भी बहुत काम कंप्यूटर से करते हैं। अगर आज के मुकाबले पिछले कुछ सालों में अगर देखें तो कंप्यूटर का इस्तेमाल हर साल कई गुना ज्यादा बढ़ रहा है। इसी बात से हम अंदाजा लगा सकते हैं, कि आने वाले समय में हमें कंप्यूटर की कितनी आवश्यकता होगी। आज की जनरेशन को कंप्यूटर के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्यूंकि अगर आप कोई स्पेशलाइज़ेड कोर्स नहीं कर रहे तो भी आपको कंप्यूटर की सामान्य जानकारी होना बेहद आवश्यक है।  
what is basic computer course

कंप्यूटर कोर्स से सम्बंधित किसी भी अन्य प्रकार की जानकारी के लिए हमारे दूसरे आर्टिकल देखें। 

आज अगर देखें तो बहुत सारे कंप्यूटर कोर्स उपलब्ध है जो कि आप दसवीं कक्षा के बाद या 12वीं कक्षा के बाद कर सकते हैं, अगर आप कोई स्पेशलाइज़ेड कोर्स नहीं करना चाहते तो आपको कंप्यूटर का बेसिक कोर्स(Basic Computer Course) तो जरूर करना ही चाहिए, इसमें आपको कंप्यूटर के बेसिक सॉफ्टवेयर, इंटरनेट और सामान्य जानकारी दी जाती है, जिसको सिखने के बाद भी किसी भी ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की बढ़िया जॉब पा सकते हैं।  

आइये जान लेते है की आखिर Computer Basic Course में होता क्या है?

कंप्यूटर को ऑपरेट करना/चलाना 
इसमें सबसे पहले आपको कंप्यूटर को ऑपरेट करना सिखाया जाता है, कंप्यूटर को ऑपरेट करना आजकल इतना बड़ा काम नहीं है। सबसे पहले इसकी जो सामान्य जानकारी है वो आपको सिखाई जाती है, जैसे इसे ऑन-ऑफ कैसे करना है, क्यूंकि कंप्यूटर को ऑफ करने में भी ट्रिक होती है, इस हम टीवी की तरह बंद नहीं कर सकते। साथ ही बेसिक कोर्स में आपको ये भी बताया जाता है की कौन सा सॉफ्टवेयर आप कहाँ से ओपन कर सकते हैं। और इसके सभी सॉफ्टवेयर कहाँ पर मौजूद होते हैं, साथ ही कंप्यूटर के साथ जुड़ने वाले Peripheral Devices के बारे में भी आपको सिखाया जाता है। इसके बाद आपको निचे दिए गए सॉफ्टवेयर सिखाये जाते हैं। 



Paint/पेंट सॉफ्टवेयर 
कोई भी बच्चा या कोई अन्य जब भी कंप्यूटर उसे करता है इसका सारा काम ही माउस से ऑपरेट होता है। कुछ ऐसे लोग होते हैं जो जल्दी माउस को ऑपरेट करना नहीं सीख पाते, उन्ही लोगों को माउस ऑपरेट करना सीखने के लिए Paint सॉफ्टवेयर को सबसे पहले आपको सिखाया जाता है, क्यूंकि इस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान होता है और इसमें आप तरह-तरह की ड्रॉइंग बना सकते हैं। इस सॉफ्टवेयर में बहुत सी Shape/आकृति दी हुई होती है, जैसे की आयताकार, वर्गाकार या गोलाकार इन सभी की मदद से आप कुछ भी बना सकते हैं, और उसमें Color/रंग भी भर सकते हैं। फ्री हैंड काम करने के लिए इसमें आपको Pencil/पेंसिल भी होती है जिसके द्वारा आप कुछ भी ड्राइंग बना सकते हैं और उसे वापस मिटाने के लिए इसके अंदर हमें Eraser/रब्बर भी मिलता है, जो कोई गलती होने पर उसे मिटा सकता है। 


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Notepad/नोटपैड 
किसी भी कंप्यूटर का लिखे के लिए प्रयोग होने वाला सबसे सामान्य सॉफ्टवेयर नोटपैड होता है। यह सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम/Operating System के साथ में ही आता है। इसे बाहर से इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती, इसमें हम कुछ भी टाइप कर सकते हैं। आपको अगर कुछ छोटी-मोटी जानकारी सेव करनी हो तो आप नोटपैड को यूज़ कर सकते हैं। देखिये बेसिक कोर्स में नोटपैड का इतना ही काम आपको सिखाया जाता है, परन्तु एडवांस लेवल में नोटपैड को वेब डिजाइनिंग के लिए यूज़ किया जाता है।  

Wordpad वर्डपैड 
इस सॉफ्टवेयर को नोटपैड से थोड़ा सा Advance बनाया गया है, इसमें आपको कुछ ज्यादा ऑप्शन मिल जाते हैं। Wordpad में हम जो भी लिखते हैं उन टेक्स्ट पर हम कुछ फॉर्मेटिंग लगा सकते हैं, जो की Notepad में हम ज्यादा नहीं कर पाते। ये Microsoft वर्ड का ही छोटा रूप कह सकते हैं। ये सॉफ्टवेयर भी कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम/Operating System के साथ में ही आता है। इसमें हमें सीखने को काफी चीजें मिलती है इसमें हम नॉर्मल text लिखकर उन text पर अलग-अलग स्टाइल लगा सकते हैं, उन्हें दाईं तरफ या बाई तरफ या बीच में लगा सकते हैं, साथ ही किसी भी टेक्स्ट पर Subscript या superscript भी हैं। ऐसे ही कुछ और भी फीचर जैसे बुलेट और नंबरिंग इस सॉफ्टवेयर में यूज़ करने को मिल जाते हैं। 



MS Office/Microsoft Office
माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस वो सॉफ्टवेयर है, जिसका तुलना में पूरी दुनिया में अन्य कोई एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर नहीं है। इसका यूज़ आप किसी भी सामान्य ऑफिस से लेकर टॉप लेवल के ऑफिस के काम के लिए आप कर सकते हैं जिसमे लिखने और आंकड़ों को संयोजित करने का काम ज्यादातर किया जाता है। MS Office अकेला सॉफ्टवेयर नहीं है बल्कि ये सॉफ्टवेयर का बंडल है जिसमे आपको काफी सॉफ्टवेयर सिखने को मिलते हैं। किसी भी घेरलू यूज़ और ऑफिस के कामों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर यही है। इस सॉफ्टवेयर को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया है। 



आइये जान लें MS Office में कोन-कोनसे सॉफ्टवेयर शामिल है?
  • Microsoft Word
  • Microsoft Excel
  • Microsoft Power Point
  • Microsoft Access
  • Microsoft Publisher
  • Microsoft Outlook
  • Microsoft OneNote

कंप्यूटर के बेसिक कोर्स में आपको इनमे से सिर्फ Microsoft Word, Excel और Power Point ही सिखाये जाते हैं। अगरआप इसमें एडवांस लेवल कोर्स करने चाहें तो आप बाकि के सॉफ्टवेयर भी सिख सकते हैं। 

Internet इंटरनेट 
कंप्यूटर के बेसिक कोर्स में आपको इंटरनेट की भी जानकारी दी जाती है, कि कैसे आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको सिखाया जाता है की कैसे कोई फ़ाइल इंटरनेट से डाउनलोड या अपलोड कर सकते हैं, E-Mail अकाउंट कैसे बनाते है, इंटरनेट पर किसी के पास E-Mail कैसे भेजते हैं। इसके अलावा आपको ऑनलाइन इंटरनेट से रिजल्ट देखना इत्यादि सामान्य जानकारी भी दी जाती है। कुछ अन्य जानकारी जो आप इंटरनेट के बारे में आप जानना चाहते है वो भी आपको दी जाती है। 
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अगर आप कंप्यूटर का बेसिक कोर्स भी कर लेते हैं, तो ये भी आपके भविष्य को एक नई राह दे सकता है। किसी भी सामान्य ऑफिस में कंप्यूटर वर्क के लिए बेसिक कंप्यूटर के जानकर की आवश्यकता ही होती है। कृपया हमे जरूर लिखें आगर जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो 

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Tuesday, February 26, 2019

ऐसे कुछ सफेद झूठ जो लड़कियां अक्सर बोलती हैं अपने बॉयफ्रेंड से।

शायद ऐसा कोई न होगा जिसका किसी लड़की से कोई रिलेशनशिप न हो। अगर आपकी कोई गर्लफ्रेंड है तो आपको कुछ ऐसे सफेद झूठ उनके मुँह से जरूर सुनने को मिल जाएंगे। ज्यादातर लड़कियां खुद को सच्चा साबित करने तथा लड़कों का अटेंशन पाने के लिए इन सफेद झूठों का इस्तेमाल जरूर करती हैं। क्या आपकी गर्लफ्रैंड भी ऐसी है?
Some of the white lies that girls often speak to their boyfriends.

आइए हम आपको बताते हैं कौन से है सफेद झूठ हैं जिसे ज्यादातर लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड से बोलती हैं। 

'जलन'… और वो भी मुझे, जले मेरी जुत्ती?
यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड के सामने किसी अन्य लड़की से बात करते हैं, बेशक आप सामान्य बात कर रहे हों, तो आपकी गर्लफ्रेंड को बहुत जलन होती है। लेकिन अगर आप उनसे पूछे कि क्या तुम्हें मेरी उस लड़की से बात करने से जलन हुई? तो वो गन्दा से मुँह बनाकर यही बोलेंगी, "जलन.. मैं क्यों जलूँगी! कभी नहीं"। समझा भी देंगी की वो जल रही है, लेकिन बोलेंगी नही।



बस कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं।
अगर कोई गर्लफ्रैंड आपसे नाराज है ओर किसी बात से नाराज है और साथ ही वो आपको बताना भी चाहती है, तो वह डायरेक्ट आपसे ना बोल कर मायूस शक्ल बनाकर ये जरूर कहती है की "मुझे कुछ नहीं हुआ, मैं बिल्कुल ठीक हूं तुम्हे मेरी ज्यादा चिंता करने की जरूरत नही" परंतु वो ये भी चाहती है कि उनका बॉयफ्रेंड उससे जबरदस्ती उसके दुख का कारण पूछें।



मैं ऐसी-वैसी लड़की नहीं हूं, दूसरी लड़कियों जैसी।
अगर आपने कभी किसी लड़की को प्रपोज किया हो तो, ये बात आपने जरुर सुनी होगी कि "मैं ऐसी-वैसी लड़की नहीं हूं, दूसरी लड़कियों जैसी"। बेचारे लड़कों को यह बात कभी समझ नहीं आती कि साली ये "दूसरी लड़कियां कैसी होती हैं" पता नही हर लड़की यही बात क्यों बोलती हैं।

मैं आपको कभी "हर्ट" नहीं कर सकती, तुम तो मेरी जान हो।
यदि आप कोई गर्लफ्रैंड है तो आपको बहुत बार ये लाइन भी जरूर सुनने को मिली होगी कि "मैं आपको कभी "हर्ट" नहीं कर सकती, तुम तो मेरी जान हो। लेकिन बहुत सी लड़कियां ऐसी होती हैं जिनको आपसे अच्छा विकल्प मिलते ही आपको हर्ट करने में देरी ही नहीं करती। वो जल्द ही किसी दूसरे को हर्ट करने की तैयारी कर लेती हैं।



बस अपनी फ्रेंड से बात कर रही थी, बहुत दिन हो गए थे बात किये।
कभी-कभी यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड को फोन करते हैं और उसका फोन बिजी बताता है। जब आप उनसे इस बारे में पूछते है तो ये सफेद झूठ बहुत ही आम है लड़कियां के लिए।पूछने पर बोलती है कि "बस अपनी फ्रेंड से बात कर रही थी, बहुत दिन हो गए बात किये"।



अगर आपको इस बारे में कुछ और समझ आये तो हमे भी जरूर बताएं।



Monday, February 25, 2019

सॉफ्टवेयर क्या होते हैं,सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं? What is Software, how many types it have.

दोस्तों नमस्कार 
आपका हमारे वेब पोर्टल पर बहुत स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से सम्बंधित आर्टिकल पोस्ट करते हैं,आप हमारे चैनल पर लगभग सभी प्रकार की टेक्निकल और हायर जॉब से सम्बंधित जानकारी पा सकते हैं। जैसा की आप सभी को पता ही है आज कंप्यूटर का यूग है, हर जगह कंप्यूटर का बोलबाला है। इसलिए मैंने सोचा की क्यों न आज आपको कंप्यूटर से रिलेटेड ही कुछ जानकारी दी जाये। आज हम बात करेंगे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की। इसमें हम जानेंगे की कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या होते हैं और कितने प्रकार के होते हैं।


What is Software, how many types it have.
ये भी पढ़ें :
आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की कंप्यूटर के मुख्यत: दो भाग होते हैं, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर। इन्ही दोनों के कॉम्बिनेशन से कंप्यूटर चलता है, और आप काम कर पते हैं। हार्डवेयर वो होता है जिसे हम मूर्त रूप में छू सकते हैं, यानि ये फिजिकल होता है। और सॉफ्टवेयर वो होता है जिसे हम छू नहीं सकते ये केवल वर्चुअल होता है, जिसे हम देख सकते हैं, प्रयोग कर सकते हैं। हाँ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को अलग-अलग हम यूज़ नहीं कर सकते। एक दूसरे इन दोनों का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कंप्यूटर हार्डवेयर तभी काम करेगा जब सॉफ्टवेयर सही तरिके से इनस्टॉल होगा और सॉफ्टवेयर भी तभी काम करेगा जब आपका कंप्यूटर हार्डवेयर सही तरीके से लगा हुआ होगा।

सॉफ्टवेयर क्या होते हैं या सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं? Software (मृदु उपागम ) 
सॉफ्टवेयर कंप्यूटर द्वारा लिखी गई भाषाओँ और सूचनाओं का समूह होता है जिसे हम अपने हिसाब से डिज़ाइन कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट से करवा सकते हैं, और कंप्यूटर में यूज़ कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर वो होते है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर द्वारा किये जाने वाले काम को बहुत ही आसानी से कर सकें। पूरा कंप्यूटर सिस्टम सॉफ्टवेयर पर ही चलता है, हर एक अलग काम के लिए हम अलग-अलग सॉफ्टवेयर का यूज़ करते हैं। जैसे के अगर आपको फोटो एडिटिंग करनी है तो आपको Photoshop सॉफ्टवेयर यूज़ करना होगा, कुछ लिखने के लिए MS Word यूज़ करते है, हिसाब किताब के लिए Tally सॉफ्टवेयर है, वहीँ MS Excel भी आप यूज़ कर सकते हैं, वीडियो एडिटिंग के लिए विभिन्न Video Editing सॉफ्टवेयर जैसे Premier Pro, After Effect, Sony Vegas, Filmora और भी न जाने कितने सॉफ्टवेयर हैं। कहने का मतलब ये है की कंप्यूटर पर किये जाने वाले छोटे से बड़े काम के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर का यूज़ किया जाता है। कहने का तात्पर्य ये है की सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर का नाम सार्थक नहीं हो सकता। Google, YouTube, Facebook सभी सॉफ्टवेयर ही तो हैं जिन्हें हम कंप्यूटर पर यूज़ करते हैं।  


सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?
सॉफ्टवेयर मुलत: दो प्रकार के होते हैं, अगर आपने हमारा पिछले आर्टिकल पढ़ा हो तो उसमे हमने इनके बारे में जानकाररी दी थी। चलिए यहाँ फिर से आपको बता देते हैं।

  1. System Software/सिस्टम सॉफ्टवेयर 
  2. Application Software/एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर 

System Software/सिस्टम सॉफ्टवेयर कोनसे होते हैं?
सिस्टम सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर होते हैं जिनके माध्यम से हमारा कंप्यूटर बूट होता है या शुरुआत में चलता है। जब भी हम कोई नया कंप्यूटर खरीदते हैं, उसमे कोई सॉफ्टवेयर इनस्टॉल नहीं होता, वो केवल DOS बेस्ड होता है।  इसे प्रॉपर तरिके से चलने के लिए हमे किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम/Operating System की आवश्यकता होती है, जो हम सबसे पहले कंप्यूटर के अंदर इनस्टॉल करते हैं। इसे इनस्टॉल करने के बाद ही आप कंप्यूटर को अपने तरीके से यूज़ कर पाते हैं। इन्ही प्रार्थमिक सॉफ्टवेयर को System Software/सिस्टम सॉफ्टवेयर बोलै जाता है, विश्व में ज्यादातर माइक्रोसॉफ्ट विंडोज/Microsoft Window's का प्रयोग होता है उसके बाद है मैक ओएस/Mac OS यानि Macintosh जो Apple कंपनी का है, उसके बाद आता है लिनक्स/Linus ऑपरेटिंग सिस्टम। ये सभी System Software/सिस्टम सॉफ्टवेयर हैं। जो आपको कंप्यूटर को चलते हैं। कंप्यूटर में सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना आप कोई भी Application Software/एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर इसमें इनस्टॉल नहीं कर सकते। 


What is Software, how many types it have.

Application Software/एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर 
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर होते हैं जिनके द्वारा हम अपने किसी भी काम को अपने तरीके से कर सकते हैं, इसमें हमारे विशेष काम के लिए विशेष सॉफ्टवेयर होता है। आजकल हर काम के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर हैं जैसा की हम ऊपर बात कर चुके हैं(अगर आपको फोटो एडिटिंग करनी है तो आपको Photoshop सॉफ्टवेयर यूज़ करना होगा, कुछ लिखने के लिए MS Word यूज़ करते है, हिसाब किताब के लिए Tally सॉफ्टवेयर है, वहीँ MS Excel भी आप यूज़ कर सकते हैं, वीडियो एडिटिंग के लिए विभिन्न Video Editing सॉफ्टवेयर जैसे Premier Pro, After Effect, Sony Vegas, Filmora और भी न जाने कितने सॉफ्टवेयर हैं।) हम किसी भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को अपनी आवश्यकता अनुसार किसी सॉफ्टवेयर डेवलपर से बनवा भी सकते हैं। आप अपने बिज़नेस के हिसाब से भी इसे बना सकते हैं। बहुत से ऐसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हैं जो आपको ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ ही मिल जाते हैं। आपके कम्यूटर में अगर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम है तो आपके इसके साथ बहुत से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर मिल जाते हैं जैसे Microsoft Office पूरा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का पिटारा है, जो सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। 


दोस्तों आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।












  


Sunday, February 24, 2019

ANM और GNM कोर्स क्या होता है? जानिए विस्तार से। ANM and GNM nursing course detail.

दोस्तों नमस्कार 
आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं मेडिकल लाइन से सम्बंधित कोर्स  ANM और GNM कोर्स के बारे में। इस कोर्स को करने के लिए आपकी योग्यता क्या होनी चाहिए, क्या इसके लिए महिला और पुरुष दोनों अप्लाई कर सकते है? कहाँ से आप ये कोर्स कर सकते हैं, आपको पूरी जानकारी इसी आर्टिकल में दी जाएगी, कृपया इसे अंत तक पढ़ें। आप हमारी इस वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से सम्बंधित या किसी भी अच्छी जॉब के लिए पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 


ANM और GNM कोर्स क्या होता है? जानिए विस्तार से। ANM and GNM nursing course detail.

आइये पहले जान लेते हैं ANM और GNM का काम क्या होता है?
इन दोनों का काम लगभग समान ही होता है। ANM  इनका मुख्य काम मैडिकल उपकरणों का रखरखाव इत्यादि होता है, वहीँ GNM का मुख्य काम किसी भी अस्पताल या संस्था में मरीजों की सेवा करना होता है। इन्हे स्टाफ नर्स भी बोला जाता है। नर्सिंग हेल्थकेयर सेक्टर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अस्पतालों, डिस्पेंसरीज़, एनजीओ आदि इन जैसे स्वास्थ्य संगठनों के सुचारू कामकाज को सुचारु रूप से चलने के लिए इन्ही की ज़िम्मेदारी होती है। किसी मरीज की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म होता है, और यही धर्म नर्सिंग क्षेत्र में स्टाफ नर्स भी निभाता/निभाती है। 


मेडिकल नर्सिंग लाइन में दो डिप्लोमा कोर्स मुख्यता करवाए जाते हैं जिसके बारे में आज हम बाते कर रहे हैं, ANM(Auxiliary Nurse Midwifery) हिंदी में इसे सहायक नर्स मिडवाइफ और GNM(General Nursing and Midwifery), सामान्य नर्स मिडवाइफइरी बोला जाता है। दोनों मेडिकल कोर्सों में बहुत कुछ समानतायें भी हैं वहीँ कुछ विभिन्ताएं भी हैं। आइये जान लेते हैं विस्तार से -

ANM/Auxiliary Nurse Midwifery/सहायक नर्स मिडवाइफ।
ANM/सहायक नर्स मिडवाइफ के इस डिप्लोमा कोर्स में स्टूडेंट को इलाज के दौरान काम में आने वाली चीजों जैसे मेडिकल उपकरण का रखरखाब और उनको प्रयोग करने की जानकारी दी जाती है। ANM कोर्स सिर्फ लड़कियां ही कर सकती हैं। लड़कों के लिए ये डिप्लोमा कोर्स नहीं है। ANM  डिप्लोमा कोर्स 2 साल का होता है। 

ANM कोर्स के लिए योग्यता।

  • कोर्स करने के लिए आपकी की उम्र कम से कम 17 और अधिकतम उम्र 35 साल होनी चाहिए। 
  • केवल लड़कियां ही इस डिप्लोमा कोर्स को कर सकती हैं। 
  • सामान्य वर्ग के लिए 12 वीं कक्षा साइंस विषय में 50% अंकों के साथ पास की होनी चाहिए।
  • Sc/St उम्मीदवारों के लिए 40%, 45% अंकों के साथ साइंस विषय में 12 वीं कक्षा पास की होनी चाहिए। 
  • आवेदनकर्ता का मेडिकल फिट होना जरुरी है। 


सैलेरी : ANM/सहायक नर्स मिडवाइफ के कोर्स करने के बाद आप किसी भी प्राइवेट सेक्टर के हॉस्पिटल से अपनी शुरुआत कर सकते है। इसमें आपकी शुरुआती सैलेरी लगभग 15000 रूपये से शुरू होकर एक्सपेरिएंस के हिसाब से काफी बढ़ सकती है। 



GNM/General Nursing and Midwifery/सामान्य नर्स मिडवाइफरी। 
मेडिकल क्षेत्र में नर्स बनने के लिए जीएनएम 3 साल का कोर्स होता है, इस कोर्स को पूरा करने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिल जाता है जिसके बाद आप रजिस्टर्ड नर्स बन जाते हैं। ये कोर्स लड़का और लड़की दोनों ही कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप सरकारी मेडिकल जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं, और बहुत से सरकारी हॉस्पिटल या सरकारी संस्थान या गैर-सरकारी संस्था स्थाई या संविदा पर पर भी नर्सिंग की Vacancy निकालते हैं, जिनमे भी आप नौकरी पा सकते हैं।

GNM कोर्स के लिए योग्यता। 

  • इस कोर्स को लड़का और लड़की दोनों ही कर सकते हैं। 
  • कोर्स करने के लिए आपकी की उम्र कम से कम 17 और अधिकतम उम्र 30 साल होनी चाहिए। 
  • छात्र PCB (फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायोलॉजी) से 12 वीं पास होना चाहिए और उसके अंग्रेजी में कम से कम 40 नंबर होना जरूरी है। 
  • आपको मेडिकली फिट होने चाहिए। 
सैलरी : एक स्टाफ नर्स की सैलरी औसतन 2,30,000 प्रति वर्ष के लगभग होती है। सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में स्टाफ नर्स की बहुत डिमांड और वैल्यू होती है, शुरुआत में आपकी सैलेरी 15000 से 20000 रूपये महीना तक हो सकती है।  



कहाँ पर काम कर सकते हैं आप?
इस कैरियर में असीमित नौकरी के अवसर हैं, ANM और GNM डिग्री धारकों के लिए व्यापक रोजगार के अवसर हैं। आपको ये पाठ्यक्रम नर्सिंग क्षेत्र में अपना कैरियर चुनने का अवसर प्रदान करता हैं। ANM और GNM कोर्स की सफलतापूर्वक समाप्ति के बाद, आपके लिए एक उच्च अध्ययन विकल्प और साथ ही कैरियर की संभावनाएं भी बहुत हैं। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नर्स आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। अधिकतर इस कोर्स को करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, रूरल हेल्थ सेण्टर , ओल्ड आगे होम, गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम, अनाथालयों,  अस्पताल और सशस्त्र बलों जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। आप शिक्षा संस्थानों, नर्सिंग ट्यूटर, आईसीयू नर्स और संक्रमण नियंत्रण नर्स में भी काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में रोजगार की अपर सम्भावनाएं हैं, इसको करने के बाद अच्छा करियर बना सकते हैं।  



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Saturday, February 23, 2019

Paytm क्या है, Paytm Digital Wallet क्या है, इसके क्या-क्या प्रयोग हैं? what is paytm and digital wallet?

दोस्तो नमस्कार
आपको हमारे इस वेब पोर्टल पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल मिलेंगे, जिसमे आपको किसी भी विषय की पूर्ण जानकारी दी जाएगी। आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले है, आजकल बहुत ज्यादा प्रयोग की जाने वाली सर्विस Paytm के बारे में।

Paytm दरअसल एक डिजिटल वॉलेट सर्विस है और साथ ही ये एक इ-कॉमर्स शॉपिंग साइट भी है। इस सर्विस को आप मोबाइल एप्प ओर कंप्यूटर वेबसाइट दोनो पर ऑनलाइन यूज़ कर सकते हैं। कहने का मतलब ये है कि आप इसका उपयोग दोनो माध्यमों(मोबाइल और कंप्यूटर) से कर सकते हैं। आप Paytm एप्प को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर इनस्टॉल करके भी प्रयोग कर सकते हैं। Paytm के माध्यम से आप ऑनलाइन मनी ट्रांसफर, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन रिचार्ज, ऑनलाइन टिकट बुकिंग ओर लगभग सभी प्रकार के बिल(बीमा, बिजली, गैस, डीटीएच बिल) ऑनलाइन पे कर सकते हैं।
what is paytm and digital wallet?

Paytm की शुरुआत किसने ओर कब की?
Paytm की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, आजकल लगभग हर एक मोबाइल फोन में ये एप्प इन्सटाल्ड मिल जाएगी जो अपने मोबाइल में इंटरनेट इस्तेमाल करता होगा। Paytm के संस्थापक श्री विजय शेखर शर्मा जी है। इस कंपनी का प्रमुख कार्यालय दिल्ली से सटे नोएडा में है।

क्या खास बात है Paytm wallet की?
अगर आप इस एप्प या सर्विस का उपयोग करते हैं तो निश्चित ही आपको इनके द्वारा दिये जाने आफर के बारे में पता होगा। अगर आप इसका इस्तेमाल नही करते तो चलिए हम आपको बता देते हैं। जब भी यूजर Paytm wallet से कोई भी किसी भी प्रकार का लेनदेन करता है या कुछ भुगतान करता है या यहां से कुछ भी ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो उसको बहुत अच्छे-अच्छे आफर इस कंपनी द्वारा दिये जाते हैं। जैसे अगर आप कोई बिल का भुगतान करते है तो आपको 50 से 100% कैशबैक भी आफर के माध्यम से मिल जाता है। कोई भी भुगतान करने से पहले आफर जरूर देख लें और नियम व शर्तें भी पढ़ ले, आफर को कंपनी समय-समय पर बदलती रहती है ये भी याद रखें।
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क्या फायदा है डिजिटल वॉलेट यूज़ करने का?
किसी भी कंपनी के डिजिटल वॉलेट को यूज़ करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कैश/नगद पैसा रखने की जरूरत नही है। अगर किसी को कुछ पैसा देना हो तो आप हाथों-हाथ उसके डिजिटल वॉलेट या उसके बैंक एकाउंट में पैसा भेज सकते हैं। हैं इसके लिए आपके डिजिटल वॉलेट में बैलेंस होना जरूरी है।

अपने Paytm Wallet में पैसा कैसे डालें।
अपने Paytm वॉलेट में पैसा डालने के कई तरीके हैं, आप अपने दोस्त से अपने एकाउंट पर पैसा भिजवा सकते हैं, आप अपने DEBIT या CREDIT कार्ड्स भी अपने वॉलेट में पैसा भेज सकते हैं। आप किसी ओर के कार्ड से भी अपने वॉलेट में पैसे भेज सकते है, इसके लिए उस व्यक्ति की परमिशन जरूरी है, अन्यथा ये गैरकानूनी है। आप नेटबैंकिंग से भी अपने एकाउंट में पैसा भेज सकते हैं। किसी भी दूसरे डिजिटल वॉलेट से भी आप अपने Paytm एकाउंट में पैसा भेज सकते हैं।


what is paytm and digital wallet?

Paytm पर अपना एकाउंट कैसे बनाएं।
जिसकी हम ऊपर बता चुके हैं कि आप Paytm को दो तरीकों से यूज़ कर सकते हैं, एक है कंप्यूटर और दूसरा है मोबाइल। दोनो पर एकाउंट बनाने का तरीका बिल्कुल समान है। चलियेमें आपको मोबाइल एप्प पर एकाउंट बनाने का तरीका बता देता हूँ। सबसे पहले अपने मोबाइल के प्लेस्टोर में जाएं, उसके बाद Paytm लिखकर सर्च कर, उसके बाद Paytm एप्प को इनस्टॉल करलें। जैसे ही एप्प मोबाइल में इनस्टॉल हो जाये, इसे ओपन करे। ओपन होते ही सबसे पहले ये एप्प आपसे USER ID ओर PASSWORD मांगेगी, अगर आप नए यूजर है तो CREATE NEW ACCOUNT पर क्लिक करें। आप एकाउंट भी दो तरीकों से बना सकते है, एक है अपने पर्सनल मोबाइल नंबर से ओर दूसरा है अपनी E-Mail ID से भी आप नया एकाउंट बना सकते है। उसके बाद आपको इसमे अपनी पर्सनल detail डालनी होती है जैसे, अगर आपको शॉपिंग करनी हो तो अपना पता इसमे डालना होता है, साथ ही ऑनलाइन लेनदेन के लिए आपको E-KYC भी करना होता है, जिसमे आपको अपने एकाउंट के साथ आधार कार्ड लिंक करना होता है, साथ ही आप अपने फिजिकल DEBIT ओर CREDIT CARD भी अपने ACCOUNT से जोड़ सकते हैं। अगर आप मोबाइल नंबर से एकाउंट बनाते हैं तो एकाउंट से जोड़ते ही आपके नंबर पर एक OTP यानी One Time Password आएगा, जैसे ही ये OTP नंबर मोबाइल एप्प में OTP के लिए दिए गए खानों में डालोगे। आपका एकाउंट verify हो जाएगा ओर आप Paytm को मोबाइल फोन और कंप्यूटर दोनो तरीकों से प्रयोग कर पाएंगे।


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