LS Home Tech: August 2019
You can search your text here....

Saturday, August 17, 2019

कम्प्यूटर की पीढ़ियां/कंप्यूटर जनरेशन कितनी और कौन-कौनसी हैं? Generation of Computer in Hindi

दोस्तो नमस्कार हमारे वेब पोर्टल www.lshometech.com पर आपका स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर समसामियिक जानकारी के साथ-साथ Technology ओर Education से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते रहते हैं, आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कंप्यूटर से सम्बंधित पीढ़ियों/Generations के बारे में। 
वैसे तो कंप्यूटर का विकास 16 वीं शताब्दी से माना गया है जिसके परिणामस्वरुप ही आधनिक कंप्यूटर का विकास हुआ। हालांकि, इसके बाद कंप्यूटर के विकास में तेज़ी से बदलाव आया। प्रत्येक पीढ़ी के बाद, कंप्यूटर के आकार-प्रकार, कार्यप्रणाली और कार्यशीलता में बहुत बदलाव हुआ है और वो लगातार हो भी रहा है। वर्तमान के कंप्यूटर काफी आधुनिक और विकसित है। इसी क्रम-विकास की अवधि के दौरान, कंप्यूटर में बहुत सारे परिवर्तन आये जिसने कंप्यूटरों की नई पीढीयों को जन्म दिया। इसमें विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर का आविष्कार हुआ जिसे हम जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Generation of Computer/ कंप्यूटर की पीढ़ियां के रूप में जानते है। इन पीढ़ियों को समय के अनुसार पांच अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, जिनका विवरण हम निचे दे रहे हैं।
Enjoy Flipkart shopping 29 September to 4 October http://fkrt.it/ztHPA4uuuN Sasta or best.


Generation of Computer in Hindi

ये भी पढ़ें :


कम्प्यूटर की पीढियाँ (Generation of Computer in Hindi)
  1. फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1940 – 1956) पहली पीढ़ी 
  2. सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1956 – 1963) दूसरी पीढ़ी 
  3. थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1964 – 1971) तीसरी पीढ़ी 
  4. फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1971 – 1980) चौथी पीढ़ी 
  5. फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1980 और भविष्य) पांचवी पीढ़ी 
Generation of Computer in Hindi

फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1940 – 1956) पहली पीढ़ी
फर्स्ट जनरेशन की समय अवधि 1940-1956 थी, जो "वैक्यूम ट्यूब/Vacuum Tube" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी।
पहले पीढ़ी के कंप्यूटरों में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था। वैक्यूम ट्यूब एक नाजुक कांच का यंत्र होता था जो फिलामेंट्स का इस्तेमाल Electron Source के रूप में  करता था। यह इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को नियंत्रित कर घटा और बढ़ा सकता था। इन वैक्यूम/Vacuum ट्यूबों का उपयोग गणनाओं के साथ-साथ डाटा भंडारण और नियंत्रण के लिए भी किया जाता था। पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर (इलेक्ट्रॉनिक नुमेरिकल इन्तेग्रटर और कंप्यूटर) यानी ENIAC था, इसे जे. प्रेस्पेर एच्केर्ट और जॉन वी ने बनाया था। 

पहले पीढ़ी/फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े और भारी होते थे, जिनको रखने के लिए बहुत ही बड़े कमरे की आवश्यकता होती थी।  ये कंप्यूटर बड़ी मात्रा में गर्मी पैदा करते थे, इसलिए कंप्यूटर के उचित रख-रखाव और काम लेने के लिए एयर कंडीशन की आवश्यक होती थी। इसके प्रोग्राम्स उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग/High Level Programming Language यानी भाषाओं में लिखे जाते थे, जो एक कंपाइलर द्वारा असेंबली भाषा या मशीन की भाषा में अनुवादीत/translate किये जाते थे। यह कंप्यूटर यानी ENIAC 30 से 50 फीट लंबा था, 30 टन वजन, 18,000 वैक्यूम ट्यूब, 70,000 रजिस्टरों, 10,000 कैपेसिटर्स से चलता था और इसके लिए 150,000 वाट बिजली की जरूरत होती थी।

असेंबली भाषा प्रोग्राम एक असेम्बलर के द्वारा (असेंबली भाषा कंपाइलर) मशीनी भाषा में पुन: वितरित किया जाता था। ENIAC कंप्यूटर के समाप्त होने से पहले, "वॉन न्यूमैन" ने एक स्वचालित/Automatic कंप्यूटर EDVAV को डिज़ाइन किया।

EDVAV/इलेक्ट्रॉनिक डिस्क्रीट वेरिएबल आटोमेटिक कंप्यूटर, इसमें प्रोग्राम्स के साथ-साथ चल रहा डाटा भी मेमोरी में रिकॉर्ड होता था।  इस कंप्यूटर में डेटा और निर्देश दोनों बहुत तेजी से प्रोसेस होते थे। सन 1952 में "एच्केर्ट" और "मौच्ली" ने पहला वाणिज्यिक कंप्यूटर "यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कम्प्यूटर/UNIVAC" विकसित किया था।

[पहली पीढ़ी के कम्प्यूटर में इन्टरनल/आंतरिक मेमोरी के रुप में मेग्नेटिक/चुंबकीय ड्रम का उपयोग किया जाता था। इस जनरेशन में प्रोग्रामिंग, मशीन और असेम्बली लैंग्वेज/Programming in Machine and Assembly Language में की जाती थी। किसी भी कंप्यूटर की मशीन लेंग्वेज केवल 0 और 1 कोड पर आधारित होती हैं। 

सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1956 – 1963) दूसरी पीढ़ी 

सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Second Generation of Computer  इसकी समय अवधि 1956-1963 थी, जो "ट्रांजिस्टर/Transistor" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। सेकंड जनरेशन यानी दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में, वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया था। इसका विकास "विलियम शोक्क्ली" ने 1947 में किया था। इसके  ही कंप्यूटर का साइज छोटा होने लगा था और कंप्यूटर की गति भी तेज होने लगी थी, साथ ही ये कंप्यूटर पहले की तुलना में कम बिजली से चलने लगे थे। इन कंप्यूटरों पर प्रोग्रामिंग करना संभव था  तथा इस चरण के दौरान कंप्यूटर का प्रयोग मुख्यतः परमाणु ऊर्जा उद्योग में उपयोग किया जाने लगा था। इस पीढ़ी के कम्प्यूटरों में मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप/Magnetic  Tape का प्रयोग किया जाता था। 

थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1964 – 1971) तीसरी पीढ़ी 
थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Third Generation of Computer इसकी समय अवधि 1964-1971 थी, जो "एकीकृत परिपथ/इंटीग्रेटेड सर्किट/Integrated Circuit/IC" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। यही वो समय था जब कंप्यूटर में I.C. का इस्तेमाल किया गया था। ट्रांट्रांज़िस्टरों का साइज भी बहुत छोटा कर दिया गया और उन्हें सिलिकॉन चिप पर रखा गया। इन सिलिकॉन चिप को अर्धचालक/Semiconductors कहते हैं। तीसरी पीढ़ी के विकास ने कंप्यूटर की गति और भी बढ़ा दी थी क्योंकि एक IC में ट्राजिस्टर, रेजिस्टर और कैपेसिटर तीनों ही समाहित कर दिए गए थे। इससे कम्प्यूटर का आकार भी अत्यंत छोटा हो गया था और इसका प्रयोग भी सरल हो गया था।  तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटरों में एक ही समय में कई अलग-अलग कार्यक्रम चल सकते थे  यही वो समय था जब कंप्यूटर आम आदमी की पहुंच के भीतर आ गया था। स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के कारण इन कंम्यूटरों की गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक हो गयी।


तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटरों में ऑपरेटिंग सिस्टम/Operating System का प्रयोग किया जाने लगा था, साथ ही बहुत सारी नई-नई हाई लेवल लैंग्वेज/High Level Language का विकास भी हुआ जैसे की -BASIC/Beginner’s All Purpose Symbolic Instruction Code. आई सी के कारण कंप्यूटर ओर ज्यादा तेज हो गया था तथा इसके आंतरिक कार्य भी स्वचालित/Automatic हो गये। 

फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1971 – 1980) चौथी पीढ़ी 
फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Fourth Generation of Computer इसकी समय अवधि 1971-1980 थी, जो की  "VLSI माइक्रोप्रोसेसर/VLSI Microprocessor" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। कंप्यूटर के क्षेत्र में सबसे बड़ी क्रांति इस पीढ़ी को माना जाता है। कंप्यूटर का उपयोग अब हम सभी PC/पर्सनल कंप्यूटर के रूप में भी करने लगे है। चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में, पहली बार माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया था। ये कंप्यूटर बहुत ज्यादा उपयोग हुआ हैं। इस जनरेशन में माइक्रोप्रोसेसर चिप्स विकसित किए गए थे। अंकगणित संचालन के लिए 0 और 1 को कोडित किया गया था। ये बाइनरी संख्या के रूप में जाना जाता है इस पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर बहुत छोटे हैं वे हाथ की हथेली में फिट हो सकते हैं इन कंप्यूटरों को तेज छोटे से छोटा, गति तेज और सस्ते बनाया गया और व्यापक रूप से उपयोग किया जाता रहा है। इस पीढ़ी के दौरान माउस और अन्य पेरिफेरल डिवाइस, जैसे जॉयस्टिक इत्यादि को विकसित किया गया था।  इसकी पीढ़ी के दौरान इंटरनेट का विकास भी बहुत ज्यादा हुआ  जिसके कारण आज पूरी दुनिया आपस में एक दूसरे के साथ जानकारी साझा कर सकती है। इसी दौरान उच्च गति वाले नेटवर्क का विकास हुआ जिन्हें आप लैन/LAN/local area networkऔर वैन/WAN/wide area network के नाम से जानते हैं।

एक छोटी सी चिप में लाखो ट्रांजिस्टरों को समाहित कर एक माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण इसी अवधि में किया गया था  जिसे Large Scale Integrated Circuit के नाम दिया गया। पहला माइक्रो कम्प्यूटर MITS नाम की प्रसिद्ध कंपनी ने बनाया था।आज दुनिया में दो बड़ी माइक्रोप्रोसेसर बनाने वाली कंपनिया Intel और AMD है। 

ऑपरेटिंग सिस्टम MS DOS/ माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम का पहली बार इस्तेमाल इसी पीढ़ी में हुआ इसके साथ ही कुछ समय बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज भी कंप्यूटरों में आने लगी।माइक्रोसॉफ्ट विंडोज/Microsoft Windows  आने के बाद से ही मल्टीमीडिया का प्रचलन प्रारम्भ हुआ। इसी अवधि में C भाषा का विकास हुआ, जिससे प्रोग्रामिंग करना और सरल हो गया।  


फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1980 और भविष्य) पांचवी पीढ़ी 
फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Fifth Generation of Computer इसकी समय अवधि 1980 से आज तक है या भविष्य तक चल सकती है। ये पीढ़ी पूरी तरह ULSI माइक्रोप्रोसेसर/ULSI Microprocessor टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ULSI  तकनीक यानी Ultra Large Scale Integration तकनीक पर आधारित है। हम कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी में काम कर रहे है जिसपर अभी काम चल रहा है। यह अभी तक यह स्पष्ट नहीं है की पाचवी पीढ़ी किस दिशा में जाएगी क्यूंकि आये दिन कंप्यूटर जगत में एक नया आविष्कार हमारे सामने आ रहा है। इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में स्वयं सोचने की क्षमता पैदा की जा रही है अर्थात इस जनरेशन के कम्प्यूटर्स में कृत्रिम बुद्धि यानी Artificial Intelligence क्षमता विकसित की जा रही है। आज के कम्प्यूटर को हर क्षेत्र में कार्य करने योग्य बनाया जा रहा है और कुछ हद तक हम इसमें सफल भी हो चुके हैं। उदाहरण के लिये विंडोज कोर्टाना/Windows Cortana, गूगल असिस्टेंट/Google Assistant, एप्पल सीरी/Apple Siri इत्यादि को आप देख ही रहे हैं, कंप्यूटर के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित कर लिए गए हैं जिनको हम कुछ भी पूछ सकते हैं  और वाद-विवाद भी कर सकते हैं। 

इस पीढ़ी के कंप्यूटर में हाई लेविल प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। GUI/Graphical User Interface की सहायता से इसे और अधिक सरल बनाया जा रहा है। ये कंप्यूटर किसी समस्या के हल करने के लिए इन्टरनेट का इस्तेमाल करते है क्योंकि ये नेटवर्को के माध्यम से जुड़े होते है। कुछ कंप्यूटर्स को तो मनुष्य की तरह व्यव्हार तथा सभी काम खुद से करने के लिए डिजाईन किया जा रहे है जिन्हें रोबोट कहाँ जाता है। आजकल मेडिकल और रक्षा उपकरणों में इस तरह के रोबोट कंप्यूटर बहुतायत में प्रयोग किये जा रहे हैं, और आने वाले समय में सम्पूर्ण रूप से यही काम करेंगे। 


Generation of Computer in Hindi



हमारे और आर्टिकल पढ़ने के लिए मोबाइल में हमारी पोस्ट ओपन करने के बाद सबसे निचे View Web Version पर क्लीक करें, ताकि आप हमारे बाकि की पोस्ट भी पढ़ सकें।
दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।



Join us :
My Facebook :  Lee.Sharma





कंप्यूटर क्या है?, कंप्यूटर की परिभाषा, कंप्यूटर का नामकरण। सम्पूर्ण ज्ञान हिन्दी में। What is computer?

दोस्तो नमस्कार 
हमारे वेब पोर्टल www.lshometech.com पर आपका स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर समसामियिक जानकारी के साथ-साथ Technology ओर Education से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते रहते हैं, आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कंप्यूटर से सम्बंधित ज्ञान बारे जैसे- कंप्यूटर क्या है?, कंप्यूटर की परिभाषा क्या है?, कंप्यूटर की विशेषताएं, कंप्यूटर का महत्व इत्यादि। 
What is computer definition?

सर्वप्रथम जान लेते हैं की कंप्यूटर है क्या? वैसे तो आजकल पुरे विश्व में कंप्यूटर का बोलबाला है, और हमारा देश भी इस कड़ी में बहुत तरक्की पर है, ज्यादातर लोग तो कंप्यूटर के बारे में जानते ही हैं लेकिन फिर भी हमारे देश में बहुत सारे लोग इससे अभी तक अनभिज्ञ हैं तो ये पोस्ट उनकी जानकारी के लिए है। कंप्यूटर आज हमारी रोजमर्रा/Daily की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चूका हैं। कंप्यूटर के बिना हमारा जीवन अधूरा है। आजकल हम कहीं भी किसी भी छोटे से बड़े दफ्तर में जाते हैं तो सारा काम कंप्यूटर से ही किया जाता है।


कंप्यूटर क्या है? (What is Computer)
कंप्यूटर/Computer शब्द लैटिन भाषा के "कंप्यूट/Compute" शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है -गणना करना। कंप्यूटर को हिंदी भाषा में “संगणक” कहा जाता है। सहज शब्दों में, कम्प्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण/Electronic Device है जो किसी भी डेटा/Data को इनपुट/Input के रूप में लेता है और उसे प्रोसेस/Process करता है तथा परिणामों/Results को आउटपुट/Output के रूप में हमे दिखाता है। 

आप इसे इस तरह से भी समझ सकते है की कंप्यूटर आज के जमाने की एक ऐसी विधुतीय मशीन है जो हमारे लगभग सभी प्रकार के कामों को बड़े ही सहज और सरल तरीके से और बहुत ही कम समय में बिलकुल त्रुटि रहित सभी कार्यों को किर्यान्वित कर सकने वाली मशीन है। 

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार कंप्यूटर की परिभाषा  "कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रानिक मशीन है, जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण गणनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है।"

ऐसे बहुत से लोग अब भी होंगे जो कंप्यूटर के बारे में सभी कुछ जानने के इच्छुक होंगे जैसे की - 
कंप्यूटर के जन्मदाता कौन हैं? (Who is The Inventor of Computer) 
कंप्यूटर काम कैसे करता है? (How Does Computer Work?)
कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है? (What is the Full Form of Computer?)
कंप्यूटर के फायदे और नुकसान (Advantages and Disadvantages of Computer)


कंप्यूटर का नामकरण। निम्न उल्लेखित शब्दों के मेल से बना है कंप्यूटर नाम। 
C Common
O Operating
M Machine
P Particularly
U Used for
T Technological and 
E Engineering
R Research
What is computer definition?

कंप्यूटर के जन्मदाता कौन हैं? (Who is The Inventor of Computer)
सर्वप्रथम कंप्यूटर का आविष्कार/Invention अंग्रेजी गणितज्ञ "चार्ल्स बैबेज/Charles Babbage" ने किया था। उन्होंने साल 1822 में पहला मैकेनिकल कंप्यूटर/Mechanical Computer बनाया था। इसी कंप्यूटर के आधार पर आज के सभी कंप्यूटर काम कर रहे हैं।  "चार्ल्स बैबेज" को आधुनिक कंप्यूटर का पिता/जन्मदाता कहा जाता है। हालाँकि शुरू में उन्होंने इसे गणित की बड़ी गणना/Calculations करने के लिए एक कंप्यूटर/Computer  यानि नए जमाने की मशीन बनाई थी। चार्ल्स बेवेज की डिजिटल प्रोग्रामेबल कंप्यूटर/Digital Programmable Computer की सोच ही आधुनिक कंप्यूटरों का आधार बन गई।  यही कारण है की "चार्ल्स बेवेज" को कंप्यूटर का जनक/Inventor of Computer) कहा जाता है। 
मैकेनिकल कंप्यूटर/Mechanical Computer बनाने  के कुछ सालों बाद चार्ल्स बैबेज ने 1837 में एक स्वचालित कंप्यूटर सिस्टम/Automated Computer System बनाने की परिकल्पना की थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण वह इसे पूरा नहीं कर सके।


ये भी पढ़ें :

कंप्यूटर का महत्व/Importance of Computer 
आजकल जहाँ कहीं भी आप जायेंगे हर जगह कंप्यूटर से कार्य होता मिलेगा जैसे - अस्पतालों, बैंकों, दूरसंचार, रक्षा सम्बंधित कार्यो, उद्द्योग एवं व्यापार, कार्यालयों, परिवहन, मॉल और घरों में कंप्यूटर हर जगह हैं। यहाँ तक की आज छोटी सी किरयाने की दुकान पर भी आपको कंप्यूटर मिल जायेगा, वाहन पंजीकरण, वाहन चेकिंग और विभिन्न प्रकार की सूचनाओं तथा डाटा को एकत्रित करने तथा गणना करके संगठित रखने और हमें सूचित करने में सहायता करते हैं। आज का युग कंप्यूटर का युग है। आज इसका महत्व इतना बढ़ गया है की आने वाले वक़्त में बिना कंप्यूटर के कोई कार्य नहीं होगा।

आइये जाने कंप्यूटर की विशेषताएं /Characteristics of Computer 
कम्प्यूटर में एक बार किसी भी प्रकार का डाटा इनपुट करने के पश्चात यह उस डाटा को दिये गये निर्देशों के आधार पर उसे प्रोसेस/Process  कर परिणाम/Result को आउटपुट/Output के रूप में हमे प्रदान करता है। इसके द्वारा अधिक सूक्ष्म/Micro समय में अधिक तीव्र गति से गणनाएं की जा सकती है।


स्वचालित/Automatic
आजकल कंप्यूटर एक स्वचालित उपकरण बन गया है। यह एक बार उपयोगकर्ता/User से सारा डाटा इनपुट के रूप में लेकर तुरंत उसका विश्लेषण करता है तथा परिणामों को आउटपुट/output  के रूप में हमे प्रदान करता है।

गति/speed 
कम्प्यूटर में एक बार डेटा इनपुट करने के पश्चात उन्हें दिए गये निर्देशों के अनुसार एक सेकंड में लाखों बार गणनाएं कर सकता है। इसकी काम करने की गति बहुत तेज होती है, तथा यह बिना थके लगातार काम करता रहता है।

सटीकता/Accuracy
कम्प्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसमे उपयोगकर्ता निर्देश देते समय अगर कोई गलती न करे तो, जो निर्देश कंप्यूटर को दिए जाते हैं  तो कंप्यूटर उस डाटा का विश्लेषण कर हमे आवश्यक और सही परिणाम देता है जो की काफी तेज तथा त्रुटिरहित और सटीक होता है।


गोपनीयता/Secrecy
लगभग सभी कंप्यूटर में डाटा की सुरक्षा के लिए पासवर्ड विकल्प होता है जिसके द्वारा हम प्रमाणीकरण/Authentication लगा सकते है तथा अपने डाटा की सुरक्षा पासवर्ड/Password के जरिये कर सकते है। 

विशाल भण्डारण क्षमता/Large storage capacity 
कंप्यूटर में डाटा संग्रहण/storage करने के लिए बाहरी तथा आंतरिक भाग होते है जैसे की, हार्ड डिस्क/HardDisk, CD, DVD, BlueRay, फ़्लैश ड्राइव इत्यादि। 




हमारे और आर्टिकल पढ़ने के लिए मोबाइल में हमारी पोस्ट ओपन करने के बाद सबसे निचे View Web Version पर क्लीक करें, ताकि आप हमारे बाकि की पोस्ट भी पढ़ सकें।
दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।


Join us :
My Facebook :  Lee.Sharma