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कम्प्यूटर वायरस और उनके प्रकार/Computer viruses and their types in Hindi

कम्प्यूटर वायरस और उनके प्रकार/Computer viruses and their types in Hindi
आप सभी का हमारे पोर्टल पर बहुत-बहुत स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर आपके लिए कंप्यूटर Technology और मॉडर्न Education से जुड़े हुए आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए बहुत ही काम के होते हैं। आज का जो हमारा विषय है वि सभी कंप्यूटर और मोबाइल उपयोगकर्ता के लिए जानना बेहद जरुरी है, क्यूंकि  इसमें हम वायरस/Virus से सम्बंधित जानकरी आपके लिए लाये हैं। बहुत सी बार अप्पने देखा होगा की आपके कंप्यूटर सिस्टम से Windows अचानक से बिना किसी कारण के खराब हो जाती है सिस्टम Hang होने लग जाता है, और ठीक इसी प्रकार से कभी-कभी आपका मोबाइल भी Virus से इन्फेक्टेड हो जाता है, जिसके कारण वो भी हैंग होने लगता है। तो इस आर्टिकल में आपको Virus से सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी दी जाएगी जैसे की "Virus क्या है?, कम्प्यूटर वायरस और उनके प्रकार/Computer viruses and their types in Hindi". आईए जान लेते हैं इसके बारे में विस्तार से। 
What is virus, trojan

कंप्यूटर वायरस क्या है/What is a Computer Virus? in Hindi 
Computer Virus एक प्रकार का Program या Programming Code का सेट होता है, जो किसी भी Software डेवलपर द्वारा बनाया जा सकता है, या लिखा जा सकता है। इस प्रकार के प्रोग्राम को किसी भी Computer System को संक्रमित/Infected करने या नष्ट करने के लिए बनाया जाता है। कंप्यूटर वायरस भी बिलकुल असली वायरस की तरह ही काम करते हैं, ये भी Duplicate और Rebirth/ पुन: प्रजनन करके किसी भी PC को दूषित कर उसके अंदर के Software और Data को नष्ट कर देते हैं। सभी कंप्यूटर वायरस भी हानिकारक नहीं होते, लेकिन ज्यादातर वायरस कंप्यूटर को गंभीरता से हानि पहुँचा सकते हैं। कंप्यूटर वायरस विभिन्न माध्यमों से अलग-अलग कंप्यूटर को दूषित कर हानि पहुंचा सकते हैं। ये वायरस कंप्यूटर उपयोगकर्ता के सामने आये बिना ही अंदुरनी तरीक़े से सिस्टम को नष्ट करना शुरू कर देते हैं। असल में कंप्यूटर वायरस Digital Virus होते हैं, जो डिजिटली तरीके से एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम को हानि पहुँचाने में सक्षम होते हैं। कई बार ये वायरस आपके कंप्यूटर में Automatically किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन करने पर उसकी दूसरी कॉपी बना देते है,और कंप्यूटर सिस्टम को हैंग या बंद कर देते हैं। ये वायरस आपकी Hard-Disk में System फाइल के साथ जमकर बैठ जाते हैं और डिलीट भी नहीं होते। उदाहरण के लिए, .exe .SYS .DLL .OCX आदि फाइल के साथ ये ज्यादा सक्रिय होते हैं। 

कैसे फैलते हैं कंप्यूटर वायरस?
इस तरह के वायरस फैलने के बहुत से तरीके हो सकते हैं। सबसे ज्यादा वायरस Internet के माध्यम से आते हैं। जब भी हम इंटरनेट पर पर कुछ सर्च करते हैं, तो कई बार अनजाने में कई ऐसी साइट पर चले जाते हैं, जहाँ से वायरस सीधा हमारे कंप्यूटर में आ जाता है। इसमें कई वायरस तो ऐसे होते हैं, जो आपके सिस्टम में Anti Virus होते हुए भी आ जाते हैं। किसी तरह के दूषित मिडीया के द्वारा भी वायरस हमारे कंप्यूटर तक आ जाते हैं, जैसे की Pen Drive, DVD, Software इत्यादि द्वारा भी ये सीधे कंप्यूटर में प्रवेश कर जाते हैं। कभी-कभी पुराने टाइप के मोबाइल से डाटा कंप्यूटर में डालने पर भी वायरस आपके कंप्यूटर में आ जेते हैं। अनजाने में वायरस से बचने के लिए किसी भी तरह की अनजान वेबसाइट से कुछ भी डाउनलोड करने से बचें। यहाँ आपको ये भी बता दें की कंप्यूटर वायरस पहली बार पाकिस्तान के लाहौर के दो भाइयों ने मिलकर साल 1986 में विकसित किया था, जिसे उन्होंने "BRIAN VIRUS" का नाम दिया था। समाज में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो, किसी दुर्भावना से व्यक्तिगत कंप्यूटर या किसी कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम को हानी पहुँचाना चाहते हैं। जिसके लिए वो खतरनाक वायरस को डेवलप करते हैं। असल में ये लोग भी सक्षम और प्रतिभाशाली होते हैं, जो अपनी योग्यताओं का इस्तेमाल गलत इस्तेमाल के लिए करते हैं। ऐसे ही लोगों द्वारा जनित कंप्यूटर वायरस के कुछ उदारण आपको देर रहा हूँ, जैसे I love You, Y2K, Jerusalem, killbill, w3perite इत्यादि ये सभी कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुँचाने के लिए ही बनाये गए थे।

कंप्यूटर वायरस के विभिन्न प्रकार/Different Types Of Computer Viruses
कंप्यूटर वायरस को कई प्रकार से वर्गीकृत किया गया है, जिनके बारे में पूरा विवरण हम निचे दे रहे हैं....

  • System Virus/सिस्टम वायरस
  • File Virus /फ़ाइल वायरस
  • Boot Sector or Boot Record Virus/बूट सेक्टर या बूट रिकॉर्ड वायरस
System Virus /सिस्टम वायरस
जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की, Computer Virus एक प्रकार का Codid प्रोग्राम होता है, जिससे कंप्यूटर सिस्टम को हानी पहुंचे जा सके। System Virus जो हार्ड डिस्क या MBR/Master Boot Record वाले किसी भी अन्य मीडिया के सिस्टम एरिया के अंदर छुपे रहते हैं, और System के बूट क्षेत्र को संक्रमित करते हैं। साथ ही ये ऑपरेटिंग सिस्टम के अन्य अन्य स्थानों में भी छुपे होते हैं। ये वायरस मुख्य रूप से COMMAND.COM, IO.SYS और MSDOS.SYS को संक्रमित या दूषित करते हैं। क्यूंकि ये सभी सिस्टम फाइल होती हैं, जो किसी भी Operating System की बूट प्रक्रिया को संचालित करती हैं। System Virus कंप्यूटर सिस्टम के इनपुट और आउटपुट फ़ंक्शन को संक्रमित करके उसको नष्ट कर देते हैं।

System Virus के भी कई प्रकार होते हैं।

  • Trojan Virus/ट्रोजन वायरस 
  • Macro Virus/मैक्रो वायरस
  • Worm/वॉर्म 
1. Trojan Virus/ट्रोजन वायरस 
ट्रोजन एक प्रकार का खतरनाक वायरस होता है जिसे गलत तरीके से Computer System को हानी पहुँचाने के लिए डिज़ाइन और विकसित किया गया था। ट्रोजन शब्द ग्रीक शब्द से उत्पन्न होता है, जो ट्रोजन युद्ध को दर्शाता है, जहां अधिकारियों ने विशाल लकड़ी के घोड़ों के अंदर खुद को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया था। इसमें ऐसे Programming Code सिस्टम के साथ अनुकूलित किया जाता है, की जब ये ये वायरस किसी भी Document के साथ Interact करता है, तो उस डॉक्यूमेंट को ही ट्रोजन वायरस में बदल देता है। इस प्रकार के वायरस हार्ड डिस्क के File Distribution सिस्टम को ही इफ़ेक्ट करते हैं, जिसमें कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण डाटा भी शामिल होता है।   

2. Macro Virus/मैक्रो वायरस 
असल में ये काफी छोटे वायरस प्रोग्राम होते हैं, जो किसी भी प्रकार की फाइल के अंदर छुपे हो सकते हैं, लेकिन ये वायरस किसी चित्र, वीडियो, ग्राफ़िक या पाठ को नुकसान नहीं पहुंचाते। इस तरह के वायरस को आप सामान्य से Anti Virus प्रोग्राम से भी रोक सकते है। इसके लिए आपको सिर्फ इंटरनेट के अज्ञात स्रोत से डाउनलोड होने वाली फाइलों से बचना चाहिए। ऐसे वायरस आपके कंप्यूटर की गति को धीमा कर देते हैं, जिसका अहसास यूजर को धीरे-धीरे होता है।

3. Worm/वॉर्म 
वॉर्म एक प्रकार का छोटा Virus प्रोग्राम होता है, जिसे Customize किया जा सकता है। ये वायरस नेटवर्क में अन्य दूसरे कंप्यूटरों के साथ इंटरैक्ट करते समय खुद की Copy करता है। इस तरह के वायरस आपके कंप्यूटर में उपलब्ध फ़ाइलों या कार्यक्रमों से जुड़े होते हैं, और सिस्टम फ़ाइलों को नुकसान पहुंचाते हैं। आम तौर पर ये उस कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाते हैं, जो नेटवर्क से जुड़े हुए होते हैं। धीरे-धीरे ये वायरस पूरे नेटवर्क को क्रैश कर देते हैं, या होस्ट किए गए डेटा और उनकी कार्यक्षमता को Infected कर देते हैं।

File Virus/फ़ाइल वायरस
इस तरह के वायरस Executable फाइल और रिकॉर्ड जैसे की .exe और .com को ही संक्रमित करते हैं। बहुत बार ये प्रोग्राम किस सभी फाइल की सभी Details भी बदल देते हैं, और उनको बेकार बना देते हैं। ये वायरस किसी भी अन्य डाटा को हानी नहीं पहुंचाते, बस सिर्फ Executable फाइल को ही हानी पहुंचाते हैं, और उनके लिखित कोड को बदल देते हैं। जैसे हमें कंप्यूटर में किसी भी सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन को इनस्टॉल करने के लिए .exe फाइल की जरुरत होती है, और ये वायरस उस फाइल को ही दूषित कर देता है। इस वायरस के कारण आपका कंप्यूटर हैंग होकर सिथिल हो जाता है।

Boot Sector or Boot Record Virus/बूट सेक्टर या बूट रिकॉर्ड वायरस
बूट सेक्टर या बूट रिकॉर्ड वायरस को Partition Virus भी कहा जाता है। ये वायरस आपके कंप्यूटर की Hard Disk के Boot एरिया से शुरू होता है।  ये वायरस आपकी हार्ड डिस्क के बूट सेक्टर में मौजूद होता है, और जब भी आप कंप्यूटर के अंदर कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम डालते हैं तो ये उसे इन्फेक्टेड कर देता है। इससे अनियंत्रित स्टार्टअप फाइलों को हानी पहुंचाई जाती है, और ये बूट सेक्टर संक्रमण स्टार्टअप फाइलों को दूषित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बूट प्रक्रिया विफल हो जाती है। ये प्रोग्राम कोड या वायरस ऑपरेटिंग सिस्टम की बूट प्रक्रिया को खत्म करने के लिए Startup रिकॉर्ड और Executable फ़ाइलों को दूषित करते हैं। इस वायरस के कारण कंप्यूटर हार्ड डिस्क में मौजूद जानकारी भी मिट जाती है। ये Memory Residence Virus होते हैं।  इनके कुछ उदहारण है GOLDEN GATE ,BRIAN VIRUS इत्यादि।

कंप्यूटर वायरस से बचाव और सावधानियां। 
जैसे-जैसे हमारे कंप्यूटर और Anti Virus सॉफ्टवेयर विकसित हो जा रहे हैं, उनके साथ ही वायरस भी बहुत खतरनाक होते जा रहे हैं। आजकल के कई वायरस, एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को भी बेवकूफ बना देते हैं। आइये आपको इनसे बचाव के कुछ उपाय बता देते हैं।

  1. अपने कंप्यूटर में अच्छा और सुरक्षित Anti Virus सॉफ्टवेयर जरूर रखें, साथ की कंप्यूटर के Firewall सिस्टम को भी Activate रखें।
  2. किसी भी तरह की Data ट्रांसपोर्टेशन डिवाइस जैसे की USB, Ext. HDD, SSD, Mobile को अपने कंप्यूटर में खोलने से पहले अच्छी तरह से एंटी वायरस सॉफ्टवेयर से स्कैन कर जाँच लें। 
  3. समय-समय पर अपने एंटी वायरस प्रोग्राम/सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें। 
  4. किसी भी अनजान वेबसाइट को ओपन न करें, किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को न खोलें
  5. अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गयी E-Mail को बिना जाने और सोचे ना खोलें। इसके साथ आई किसी भी प्रकार की सामग्री को न खोलें। 
  6. अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट को न खोलें, सबसे ज्यादा इन्ही वेबसाइट से वायरस आपके कंप्यूटर में प्रवेश करते हैं। 
  7. इंटरनेट से फ्री में डाउनलोड होने वाले सॉफ्टवेयर ना इनस्टॉल करें, अगर करें तो उनकी Proper वेबसाइट से ही डाउनलोड करें।
तो दोस्तों आशा करता हूँ की आपको हमारे द्वारा दी गई ये जानकारी पसंद आयी होगी। अगर इससे सम्बंधित आप कोई सलाह या सुझाव हमें देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आप हमारे दूसरे आर्टिकल के लिए हमें सब्सक्राइब भी कर सकते हैं। आप हमें कमेंट करके बता भी सकते हैं कि आपको किसी विषय पर हमारी वेबसाइट पर जानकरी चाहिए, हम जल्द से जल्द वो जानकारी हमारी वेबसाइट पर आपके लिए उपलब्ध करने की कोशिश। हमारी इस जानकारी को दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। धन्यवाद 

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