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Saturday, October 5, 2019

उमंग एप्प क्या है और कितने काम की है जानिए विस्तार से। What is UMANG application?


दोस्तो नमस्कार हमारे वेब पोर्टल www.lshometech.com पर आपका स्वागत है, आप हमारे पोर्टल पर Technology ओर Education से सम्बंधित आर्टिकल पढ़ सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आये हैं सरकारी योजनाओं या सरकारी सुविधाओं की जानकारी के लिए बनाई गई मोबाइल एप्प UMANG की सम्पूर्ण जानकारी।

उमंग एप्प क्या है और कितने काम की है

UMANG एप्प इसका पूरा नाम(Unified Mobile Application for New-age Governance)है। इसे 23 नवंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा लांच किया गया था। इस एप्प का मूल उद्देश्य है भारत सरकार द्वारा जारी किसी भी प्रकार की जानकारी या सुविधा मोबाइल/इंटरनेट के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है। इस एप्प को DIGITAL INDIA मुहिम के अंतर्गत बनाया गया है जिसका एक उद्देश्य पेपरवर्क को कम कर ऑनलाइन कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना भी है। इस मोबाइल एप्प का निर्माण Ministry of Electronics and Information Technology/MeitY ओर National e-Governance Division/NeGD ने मिलकर किया है। इस एप्प के माध्यम से आपका समय और पैसा दोनों की बचत होती है।


अब आपको तमाम सरकारी सेवाओं और सुविधाओं के लिए अलग-अलग एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करने की जरूरत नही है, सिर्फ एक ही एप्लीकेशन काफी है। UMANG एप्प को इनस्टॉल करें इसी के अंदर आपको भारत सरकार की 200 से ज्यादा सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने का विकल्प मिल जाता है, अभी तक इस एप्प पर लगभग 170 से ज्यादा सरकारी सुविधाओं को लाइव किया गया है, और नई सुविधाओं को जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है।
उमंग एप्प क्या है और कितने काम की है

उमंग/UMANG कैसे अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा?
उमंग का उद्देश्य केंद्रीय और राज्य सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और अनेक निजी संगठनों द्वारा दी जाने वाली प्रमुख सेवाएं प्रदान करना है। यह एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करता है जहां नागरिकों को एक से अधिक सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए केवल एक ही एप्प इनस्टॉल करनी होगी। उपयोगकर्ता मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट, आईवीआर और  एसएमएस  जैसे कई चैनलों पर कई सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए UMANG एप्प इनस्टॉल कर सकते हैं, जिसको स्मार्टफोन/Smartphone, टैबलेट/Tablet और डेस्कटॉप/Desktop के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है।
UMANG एप्प से आप निम्न सेवाओं का लाभ उठा सकते है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा, देश के अन्नदाता किसान भाईयों के लिए फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड व एग्मार्कनेट, किसान सुविधा, अन्नपूर्णा कृषि प्रसार सेवा। शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, ई-पाठशाला, एआईसीटीई, केंद्रीय विद्यालय की सुविधा, देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, घरेलू सुविधाओं में गैस बुकिंग की सुविधा, पेंशन लेने वाले वरिष्ठ लोगों के लिए जीवन प्रमाण, नेशनल पेंशन योजना आदि की सुविधाएं आपको उमंग एप के जरिए मिल जाएंगी। CBSE और NCERT के परीक्षा केंद्र, परिणाम और कोर्स कंटेंट को देखा जा सकता है। पूरे देश में AICTE स्वीकृत कॉलेंज को देखा जा सकता है। भारत बिल पेमेंट सिस्टम को एक्सेस किया जा सकता है।आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के प्रोग्राम्स को एक्सेस किया जा सकता है। सरकारी अस्पतालों में अप्वाइंटमेंट बुक किए जा सकते हैं। डिजिलॉकर/DigiLocker  सिस्टम को एक्सेस किया जा सकता है। मौजूदा ट्रेंड्स और फसलों के मार्किट रेट को देख जा सकता है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी और ट्रेनिंग सेंटर समेत नौकरियों की जानकारी भी ली जा सकती है। उमंग एप के जरिए अब आप लोग घर बैठे पैनकार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप नया पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, तो ये मोबाइल एप्प आपके काम आएगा। 


ईपीएफओ से संबंधित सभी सेवाओं के लेटेस्ट अपडेट भी आपको इस एप के जरिए मिल जाएंगे।
उमंग एप्प क्या है और कितने काम की है

अपने फोन में कैसे इनस्टॉल ओर सेटअप करें UMANG एप्प!
1. इसे गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर और विंडोज स्टोर से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा इस एप्प का लिंक 9718397183 पर मिस कॉल या एसएमएस करके भी मंगवाया जा सकता है।

2. एप्प डाउनलोड करने के बाद एप्प को ओपन करें। अब आपको भाषा का चुनाव करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद आपकी मोबाइल स्क्रीन पर उमंग एप्प की नियम व शर्तें दी गई होंगी। इसके लिए नीचे दिए गए बॉक्स पर टिकमार्क करें और Next पर क्लिक कर दें।

3. इसके बाद आपको एप्प के लिए लॉगीन करना होगा। इसमें आपसे कुछ परमीशन मांगी जाएंगी। आप चाहें तो इन्हें Deny भी कर सकते हैं। उसके बाद नीचे दिए गए New User पर आपको टैप करना होगा। फिर इसमें आपको अपना मोबाइल नंबर एंटर करना होगा।

4. इसके बाद आपके उसी फोन नंबर पर ओटीपी आएगा जो आपने रजिस्ट्रेशन के लिए एप्प में दिया होगा। इसे एंटर कर ok कर दें। इसके बाद आपसे m-Pin बनाने कहा जाएगा। आप यहां कोई भी चार अंक का m-Pin बना सकते हैं। इसके बाद आपसे सिक्योरिटी के लिए कुछ सवाल पूछे जाएंगे। आपको इन्हे सेलेक्ट करना होगा।

5. इसके बाद आपसे आधार कार्ड डिटेल मांगी जाएगी। इसे एंटर कर दें। ये प्रक्रिया आपको ऑप्शन के रूप में मिलेगी चाहें तो आप इसे स्किप/Skip भी कर सकते हैं। इसके बाद आपसे कुछ निजी जानकारी मांगी जाएंगी। इन्हें एंटर कर Save and Proceed पर टैप/क्लिक कर दें। चाहें तो इसे भी आप स्किप कर सकते हैं। इसके बाद आपके मोबाइल पर एप्प की होम स्क्रीन ओपन हो जाएगी। एप्प पूरी तरह खुलने के बाद आप किसी भी सरकारी सेवा का लाभ उठा सकते हैं।


6. एक बात हमेशा ध्यान रखें कि इसमें आपका मोबाइल नंबर ही आपका Login ID होगा और m-Pin आपका पासवर्ड होगा।


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Thursday, September 19, 2019

Secret code for Android Mobile/ एंड्राइड मोबाइल के कुछ सीक्रेट कोड।

दोस्तो नमस्कार, आज के इस आर्टिकल में मैं आपके लिए लाया हूँ मोबाइल के वो सीक्रेट कोड जिनको सीधे डायल कर आप अपने मोबाइल के इंजीनियर मोड में जाकर बहुत सारी सेटिंग कर सकते हैं, या अपने मोबाइल के अंदर घुस सकते हैं, इनमें से बहुत सारे कोड मोबाइल के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इन्हें जब भी आप डायल करें बड़ी सावधानी के साथ उसे करें। ऐसी चीजों से बचें जिनके बारे में आपको ज्यादा ज्ञान न हो तो उन सेटिंग्स को ना छेड़ें।


सभी कोड की जानकारी निम्न है:
ये एंड्राइड मोबाइल का सबसे महत्वपूर्ण कोड है, अगर इस कोड की जानकारी आपको है तो आप फ्लाइट मोड में मोबाइल होने के बाद भी इंटरनेट यूज कर सकते हैं, ओर साथ ही बहुत सारी ओर सेटिंग्स भी कर सकते हैं।*#*#4636#*#* Display information about Phone, Battery and Usage statistics
नोट: कुछ मोबाइल फोन में ये कोड काम नही करता जैसे oppo के कुछ मोबाइल में।

एंड्राइड मोबाइल के कुछ सीक्रेट कोड।

इसकोड को यूज़ कर आपपने एंड्राइड मोबाइल को फैक्ट्री रिसेट कर सकते हैं।
*#*#7780#*#* Restting your phone to factory state-Only deletes application data and applications इसमे आप ये ध्यान रखें, आपका मोबाइल से एप्प ओर डाटा भी डिलीट हो सकता है।

ये वो कोड है जो आमतौर पर सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। किसी भी मोबाइल के IMEI नंबर को जानने के लिए। 
*#06# Displays IMEI/International Mobile Equipment Identity number 


 ये भी पढ़ें: 
*2767*3855# It’s a complete wiping of your mobile also it reinstall the phones firmware
*#*#34971539#*#* Shows completes information about the camera

*#*#7594#*#* Changing the power button behavior-Enables direct power off once the code enabled
*#*#273283*255*663282*#*#* For a quick backup to all your media files
*#*#197328640#*#* Enabling test mode for service activity
*#*#232339#*#* OR *#*#526#*#* Wireless Lan Tests
*#*#232338#*#* Displays Wi-Fi Mac-address
*#*#1472365#*#* For a quick GPS test
*#*#0673#*#* OR *#*#0289#*#* Audio test
*#*#2222#*#* FTA Hardware version
*#*#0283#*#* Packet Loop back test
*#*#0*#*#* LCD display test
*#*#3264#*#* Ram version
*#*#0842#*#* Vibration and Back light test
*#*#2663#*#* Displays touch-screen version
*#*#2664#*#* Touch-Screen test
*#*#0588#*#* Proximity sensor test
*#*#7262626#*#* Field test
*#*#232331#*#* Bluetooth test
*#*#1575#*#* A Different type GPS test
*#*#232337#*# Displays Bluetooth device address
*#*#8255#*#* For Google Talk service monitoring
*#*#4986*2650468#*#* PDA, Phone, Hardware, RF Call Date firmware info
*#*#1234#*#* PDA and Phone firmware info
*#*#1111#*#* FTA Software version
##778 (+call) Brings up Epst
*#*#44336#*#* Displays Build time and change list number
*#*#8350#*#* Disables voice dialing logging mode
*#*#8351#*#* Enables voice dialing logging mode

तो दोस्तो ये थे एंड्राइड मोबाइल के लिए कुछ सीक्रेट कोड आशा करता हूँ आपको पसंद आये होंगे।

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Saturday, August 17, 2019

कम्प्यूटर की पीढ़ियां/कंप्यूटर जनरेशन कितनी और कौन-कौनसी हैं? Generation of Computer in Hindi

दोस्तो नमस्कार हमारे वेब पोर्टल www.lshometech.com पर आपका स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर समसामियिक जानकारी के साथ-साथ Technology ओर Education से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते रहते हैं, आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कंप्यूटर से सम्बंधित पीढ़ियों/Generations के बारे में। 
वैसे तो कंप्यूटर का विकास 16 वीं शताब्दी से माना गया है जिसके परिणामस्वरुप ही आधनिक कंप्यूटर का विकास हुआ। हालांकि, इसके बाद कंप्यूटर के विकास में तेज़ी से बदलाव आया। प्रत्येक पीढ़ी के बाद, कंप्यूटर के आकार-प्रकार, कार्यप्रणाली और कार्यशीलता में बहुत बदलाव हुआ है और वो लगातार हो भी रहा है। वर्तमान के कंप्यूटर काफी आधुनिक और विकसित है। इसी क्रम-विकास की अवधि के दौरान, कंप्यूटर में बहुत सारे परिवर्तन आये जिसने कंप्यूटरों की नई पीढीयों को जन्म दिया। इसमें विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर का आविष्कार हुआ जिसे हम जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Generation of Computer/ कंप्यूटर की पीढ़ियां के रूप में जानते है। इन पीढ़ियों को समय के अनुसार पांच अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, जिनका विवरण हम निचे दे रहे हैं।
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Generation of Computer in Hindi

ये भी पढ़ें :


कम्प्यूटर की पीढियाँ (Generation of Computer in Hindi)
  1. फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1940 – 1956) पहली पीढ़ी 
  2. सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1956 – 1963) दूसरी पीढ़ी 
  3. थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1964 – 1971) तीसरी पीढ़ी 
  4. फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1971 – 1980) चौथी पीढ़ी 
  5. फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1980 और भविष्य) पांचवी पीढ़ी 
Generation of Computer in Hindi

फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1940 – 1956) पहली पीढ़ी
फर्स्ट जनरेशन की समय अवधि 1940-1956 थी, जो "वैक्यूम ट्यूब/Vacuum Tube" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी।
पहले पीढ़ी के कंप्यूटरों में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था। वैक्यूम ट्यूब एक नाजुक कांच का यंत्र होता था जो फिलामेंट्स का इस्तेमाल Electron Source के रूप में  करता था। यह इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को नियंत्रित कर घटा और बढ़ा सकता था। इन वैक्यूम/Vacuum ट्यूबों का उपयोग गणनाओं के साथ-साथ डाटा भंडारण और नियंत्रण के लिए भी किया जाता था। पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर (इलेक्ट्रॉनिक नुमेरिकल इन्तेग्रटर और कंप्यूटर) यानी ENIAC था, इसे जे. प्रेस्पेर एच्केर्ट और जॉन वी ने बनाया था। 

पहले पीढ़ी/फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े और भारी होते थे, जिनको रखने के लिए बहुत ही बड़े कमरे की आवश्यकता होती थी।  ये कंप्यूटर बड़ी मात्रा में गर्मी पैदा करते थे, इसलिए कंप्यूटर के उचित रख-रखाव और काम लेने के लिए एयर कंडीशन की आवश्यक होती थी। इसके प्रोग्राम्स उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग/High Level Programming Language यानी भाषाओं में लिखे जाते थे, जो एक कंपाइलर द्वारा असेंबली भाषा या मशीन की भाषा में अनुवादीत/translate किये जाते थे। यह कंप्यूटर यानी ENIAC 30 से 50 फीट लंबा था, 30 टन वजन, 18,000 वैक्यूम ट्यूब, 70,000 रजिस्टरों, 10,000 कैपेसिटर्स से चलता था और इसके लिए 150,000 वाट बिजली की जरूरत होती थी।

असेंबली भाषा प्रोग्राम एक असेम्बलर के द्वारा (असेंबली भाषा कंपाइलर) मशीनी भाषा में पुन: वितरित किया जाता था। ENIAC कंप्यूटर के समाप्त होने से पहले, "वॉन न्यूमैन" ने एक स्वचालित/Automatic कंप्यूटर EDVAV को डिज़ाइन किया।

EDVAV/इलेक्ट्रॉनिक डिस्क्रीट वेरिएबल आटोमेटिक कंप्यूटर, इसमें प्रोग्राम्स के साथ-साथ चल रहा डाटा भी मेमोरी में रिकॉर्ड होता था।  इस कंप्यूटर में डेटा और निर्देश दोनों बहुत तेजी से प्रोसेस होते थे। सन 1952 में "एच्केर्ट" और "मौच्ली" ने पहला वाणिज्यिक कंप्यूटर "यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कम्प्यूटर/UNIVAC" विकसित किया था।

[पहली पीढ़ी के कम्प्यूटर में इन्टरनल/आंतरिक मेमोरी के रुप में मेग्नेटिक/चुंबकीय ड्रम का उपयोग किया जाता था। इस जनरेशन में प्रोग्रामिंग, मशीन और असेम्बली लैंग्वेज/Programming in Machine and Assembly Language में की जाती थी। किसी भी कंप्यूटर की मशीन लेंग्वेज केवल 0 और 1 कोड पर आधारित होती हैं। 

सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1956 – 1963) दूसरी पीढ़ी 

सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Second Generation of Computer  इसकी समय अवधि 1956-1963 थी, जो "ट्रांजिस्टर/Transistor" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। सेकंड जनरेशन यानी दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में, वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया था। इसका विकास "विलियम शोक्क्ली" ने 1947 में किया था। इसके  ही कंप्यूटर का साइज छोटा होने लगा था और कंप्यूटर की गति भी तेज होने लगी थी, साथ ही ये कंप्यूटर पहले की तुलना में कम बिजली से चलने लगे थे। इन कंप्यूटरों पर प्रोग्रामिंग करना संभव था  तथा इस चरण के दौरान कंप्यूटर का प्रयोग मुख्यतः परमाणु ऊर्जा उद्योग में उपयोग किया जाने लगा था। इस पीढ़ी के कम्प्यूटरों में मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप/Magnetic  Tape का प्रयोग किया जाता था। 

थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1964 – 1971) तीसरी पीढ़ी 
थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Third Generation of Computer इसकी समय अवधि 1964-1971 थी, जो "एकीकृत परिपथ/इंटीग्रेटेड सर्किट/Integrated Circuit/IC" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। यही वो समय था जब कंप्यूटर में I.C. का इस्तेमाल किया गया था। ट्रांट्रांज़िस्टरों का साइज भी बहुत छोटा कर दिया गया और उन्हें सिलिकॉन चिप पर रखा गया। इन सिलिकॉन चिप को अर्धचालक/Semiconductors कहते हैं। तीसरी पीढ़ी के विकास ने कंप्यूटर की गति और भी बढ़ा दी थी क्योंकि एक IC में ट्राजिस्टर, रेजिस्टर और कैपेसिटर तीनों ही समाहित कर दिए गए थे। इससे कम्प्यूटर का आकार भी अत्यंत छोटा हो गया था और इसका प्रयोग भी सरल हो गया था।  तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटरों में एक ही समय में कई अलग-अलग कार्यक्रम चल सकते थे  यही वो समय था जब कंप्यूटर आम आदमी की पहुंच के भीतर आ गया था। स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के कारण इन कंम्यूटरों की गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक हो गयी।


तीसरी पीढ़ी के कम्प्यूटरों में ऑपरेटिंग सिस्टम/Operating System का प्रयोग किया जाने लगा था, साथ ही बहुत सारी नई-नई हाई लेवल लैंग्वेज/High Level Language का विकास भी हुआ जैसे की -BASIC/Beginner’s All Purpose Symbolic Instruction Code. आई सी के कारण कंप्यूटर ओर ज्यादा तेज हो गया था तथा इसके आंतरिक कार्य भी स्वचालित/Automatic हो गये। 

फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1971 – 1980) चौथी पीढ़ी 
फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Fourth Generation of Computer इसकी समय अवधि 1971-1980 थी, जो की  "VLSI माइक्रोप्रोसेसर/VLSI Microprocessor" टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। कंप्यूटर के क्षेत्र में सबसे बड़ी क्रांति इस पीढ़ी को माना जाता है। कंप्यूटर का उपयोग अब हम सभी PC/पर्सनल कंप्यूटर के रूप में भी करने लगे है। चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में, पहली बार माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया था। ये कंप्यूटर बहुत ज्यादा उपयोग हुआ हैं। इस जनरेशन में माइक्रोप्रोसेसर चिप्स विकसित किए गए थे। अंकगणित संचालन के लिए 0 और 1 को कोडित किया गया था। ये बाइनरी संख्या के रूप में जाना जाता है इस पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर बहुत छोटे हैं वे हाथ की हथेली में फिट हो सकते हैं इन कंप्यूटरों को तेज छोटे से छोटा, गति तेज और सस्ते बनाया गया और व्यापक रूप से उपयोग किया जाता रहा है। इस पीढ़ी के दौरान माउस और अन्य पेरिफेरल डिवाइस, जैसे जॉयस्टिक इत्यादि को विकसित किया गया था।  इसकी पीढ़ी के दौरान इंटरनेट का विकास भी बहुत ज्यादा हुआ  जिसके कारण आज पूरी दुनिया आपस में एक दूसरे के साथ जानकारी साझा कर सकती है। इसी दौरान उच्च गति वाले नेटवर्क का विकास हुआ जिन्हें आप लैन/LAN/local area networkऔर वैन/WAN/wide area network के नाम से जानते हैं।

एक छोटी सी चिप में लाखो ट्रांजिस्टरों को समाहित कर एक माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण इसी अवधि में किया गया था  जिसे Large Scale Integrated Circuit के नाम दिया गया। पहला माइक्रो कम्प्यूटर MITS नाम की प्रसिद्ध कंपनी ने बनाया था।आज दुनिया में दो बड़ी माइक्रोप्रोसेसर बनाने वाली कंपनिया Intel और AMD है। 

ऑपरेटिंग सिस्टम MS DOS/ माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम का पहली बार इस्तेमाल इसी पीढ़ी में हुआ इसके साथ ही कुछ समय बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज भी कंप्यूटरों में आने लगी।माइक्रोसॉफ्ट विंडोज/Microsoft Windows  आने के बाद से ही मल्टीमीडिया का प्रचलन प्रारम्भ हुआ। इसी अवधि में C भाषा का विकास हुआ, जिससे प्रोग्रामिंग करना और सरल हो गया।  


फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (1980 और भविष्य) पांचवी पीढ़ी 
फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर/Fifth Generation of Computer इसकी समय अवधि 1980 से आज तक है या भविष्य तक चल सकती है। ये पीढ़ी पूरी तरह ULSI माइक्रोप्रोसेसर/ULSI Microprocessor टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ULSI  तकनीक यानी Ultra Large Scale Integration तकनीक पर आधारित है। हम कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी में काम कर रहे है जिसपर अभी काम चल रहा है। यह अभी तक यह स्पष्ट नहीं है की पाचवी पीढ़ी किस दिशा में जाएगी क्यूंकि आये दिन कंप्यूटर जगत में एक नया आविष्कार हमारे सामने आ रहा है। इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में स्वयं सोचने की क्षमता पैदा की जा रही है अर्थात इस जनरेशन के कम्प्यूटर्स में कृत्रिम बुद्धि यानी Artificial Intelligence क्षमता विकसित की जा रही है। आज के कम्प्यूटर को हर क्षेत्र में कार्य करने योग्य बनाया जा रहा है और कुछ हद तक हम इसमें सफल भी हो चुके हैं। उदाहरण के लिये विंडोज कोर्टाना/Windows Cortana, गूगल असिस्टेंट/Google Assistant, एप्पल सीरी/Apple Siri इत्यादि को आप देख ही रहे हैं, कंप्यूटर के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित कर लिए गए हैं जिनको हम कुछ भी पूछ सकते हैं  और वाद-विवाद भी कर सकते हैं। 

इस पीढ़ी के कंप्यूटर में हाई लेविल प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। GUI/Graphical User Interface की सहायता से इसे और अधिक सरल बनाया जा रहा है। ये कंप्यूटर किसी समस्या के हल करने के लिए इन्टरनेट का इस्तेमाल करते है क्योंकि ये नेटवर्को के माध्यम से जुड़े होते है। कुछ कंप्यूटर्स को तो मनुष्य की तरह व्यव्हार तथा सभी काम खुद से करने के लिए डिजाईन किया जा रहे है जिन्हें रोबोट कहाँ जाता है। आजकल मेडिकल और रक्षा उपकरणों में इस तरह के रोबोट कंप्यूटर बहुतायत में प्रयोग किये जा रहे हैं, और आने वाले समय में सम्पूर्ण रूप से यही काम करेंगे। 


Generation of Computer in Hindi



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कंप्यूटर क्या है?, कंप्यूटर की परिभाषा, कंप्यूटर का नामकरण। सम्पूर्ण ज्ञान हिन्दी में। What is computer?

दोस्तो नमस्कार 
हमारे वेब पोर्टल www.lshometech.com पर आपका स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर समसामियिक जानकारी के साथ-साथ Technology ओर Education से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते रहते हैं, आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कंप्यूटर से सम्बंधित ज्ञान बारे जैसे- कंप्यूटर क्या है?, कंप्यूटर की परिभाषा क्या है?, कंप्यूटर की विशेषताएं, कंप्यूटर का महत्व इत्यादि। 
What is computer definition?

सर्वप्रथम जान लेते हैं की कंप्यूटर है क्या? वैसे तो आजकल पुरे विश्व में कंप्यूटर का बोलबाला है, और हमारा देश भी इस कड़ी में बहुत तरक्की पर है, ज्यादातर लोग तो कंप्यूटर के बारे में जानते ही हैं लेकिन फिर भी हमारे देश में बहुत सारे लोग इससे अभी तक अनभिज्ञ हैं तो ये पोस्ट उनकी जानकारी के लिए है। कंप्यूटर आज हमारी रोजमर्रा/Daily की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चूका हैं। कंप्यूटर के बिना हमारा जीवन अधूरा है। आजकल हम कहीं भी किसी भी छोटे से बड़े दफ्तर में जाते हैं तो सारा काम कंप्यूटर से ही किया जाता है।


कंप्यूटर क्या है? (What is Computer)
कंप्यूटर/Computer शब्द लैटिन भाषा के "कंप्यूट/Compute" शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है -गणना करना। कंप्यूटर को हिंदी भाषा में “संगणक” कहा जाता है। सहज शब्दों में, कम्प्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण/Electronic Device है जो किसी भी डेटा/Data को इनपुट/Input के रूप में लेता है और उसे प्रोसेस/Process करता है तथा परिणामों/Results को आउटपुट/Output के रूप में हमे दिखाता है। 

आप इसे इस तरह से भी समझ सकते है की कंप्यूटर आज के जमाने की एक ऐसी विधुतीय मशीन है जो हमारे लगभग सभी प्रकार के कामों को बड़े ही सहज और सरल तरीके से और बहुत ही कम समय में बिलकुल त्रुटि रहित सभी कार्यों को किर्यान्वित कर सकने वाली मशीन है। 

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार कंप्यूटर की परिभाषा  "कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रानिक मशीन है, जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण गणनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है।"

ऐसे बहुत से लोग अब भी होंगे जो कंप्यूटर के बारे में सभी कुछ जानने के इच्छुक होंगे जैसे की - 
कंप्यूटर के जन्मदाता कौन हैं? (Who is The Inventor of Computer) 
कंप्यूटर काम कैसे करता है? (How Does Computer Work?)
कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है? (What is the Full Form of Computer?)
कंप्यूटर के फायदे और नुकसान (Advantages and Disadvantages of Computer)


कंप्यूटर का नामकरण। निम्न उल्लेखित शब्दों के मेल से बना है कंप्यूटर नाम। 
C Common
O Operating
M Machine
P Particularly
U Used for
T Technological and 
E Engineering
R Research
What is computer definition?

कंप्यूटर के जन्मदाता कौन हैं? (Who is The Inventor of Computer)
सर्वप्रथम कंप्यूटर का आविष्कार/Invention अंग्रेजी गणितज्ञ "चार्ल्स बैबेज/Charles Babbage" ने किया था। उन्होंने साल 1822 में पहला मैकेनिकल कंप्यूटर/Mechanical Computer बनाया था। इसी कंप्यूटर के आधार पर आज के सभी कंप्यूटर काम कर रहे हैं।  "चार्ल्स बैबेज" को आधुनिक कंप्यूटर का पिता/जन्मदाता कहा जाता है। हालाँकि शुरू में उन्होंने इसे गणित की बड़ी गणना/Calculations करने के लिए एक कंप्यूटर/Computer  यानि नए जमाने की मशीन बनाई थी। चार्ल्स बेवेज की डिजिटल प्रोग्रामेबल कंप्यूटर/Digital Programmable Computer की सोच ही आधुनिक कंप्यूटरों का आधार बन गई।  यही कारण है की "चार्ल्स बेवेज" को कंप्यूटर का जनक/Inventor of Computer) कहा जाता है। 
मैकेनिकल कंप्यूटर/Mechanical Computer बनाने  के कुछ सालों बाद चार्ल्स बैबेज ने 1837 में एक स्वचालित कंप्यूटर सिस्टम/Automated Computer System बनाने की परिकल्पना की थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण वह इसे पूरा नहीं कर सके।


ये भी पढ़ें :

कंप्यूटर का महत्व/Importance of Computer 
आजकल जहाँ कहीं भी आप जायेंगे हर जगह कंप्यूटर से कार्य होता मिलेगा जैसे - अस्पतालों, बैंकों, दूरसंचार, रक्षा सम्बंधित कार्यो, उद्द्योग एवं व्यापार, कार्यालयों, परिवहन, मॉल और घरों में कंप्यूटर हर जगह हैं। यहाँ तक की आज छोटी सी किरयाने की दुकान पर भी आपको कंप्यूटर मिल जायेगा, वाहन पंजीकरण, वाहन चेकिंग और विभिन्न प्रकार की सूचनाओं तथा डाटा को एकत्रित करने तथा गणना करके संगठित रखने और हमें सूचित करने में सहायता करते हैं। आज का युग कंप्यूटर का युग है। आज इसका महत्व इतना बढ़ गया है की आने वाले वक़्त में बिना कंप्यूटर के कोई कार्य नहीं होगा।

आइये जाने कंप्यूटर की विशेषताएं /Characteristics of Computer 
कम्प्यूटर में एक बार किसी भी प्रकार का डाटा इनपुट करने के पश्चात यह उस डाटा को दिये गये निर्देशों के आधार पर उसे प्रोसेस/Process  कर परिणाम/Result को आउटपुट/Output के रूप में हमे प्रदान करता है। इसके द्वारा अधिक सूक्ष्म/Micro समय में अधिक तीव्र गति से गणनाएं की जा सकती है।


स्वचालित/Automatic
आजकल कंप्यूटर एक स्वचालित उपकरण बन गया है। यह एक बार उपयोगकर्ता/User से सारा डाटा इनपुट के रूप में लेकर तुरंत उसका विश्लेषण करता है तथा परिणामों को आउटपुट/output  के रूप में हमे प्रदान करता है।

गति/speed 
कम्प्यूटर में एक बार डेटा इनपुट करने के पश्चात उन्हें दिए गये निर्देशों के अनुसार एक सेकंड में लाखों बार गणनाएं कर सकता है। इसकी काम करने की गति बहुत तेज होती है, तथा यह बिना थके लगातार काम करता रहता है।

सटीकता/Accuracy
कम्प्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसमे उपयोगकर्ता निर्देश देते समय अगर कोई गलती न करे तो, जो निर्देश कंप्यूटर को दिए जाते हैं  तो कंप्यूटर उस डाटा का विश्लेषण कर हमे आवश्यक और सही परिणाम देता है जो की काफी तेज तथा त्रुटिरहित और सटीक होता है।


गोपनीयता/Secrecy
लगभग सभी कंप्यूटर में डाटा की सुरक्षा के लिए पासवर्ड विकल्प होता है जिसके द्वारा हम प्रमाणीकरण/Authentication लगा सकते है तथा अपने डाटा की सुरक्षा पासवर्ड/Password के जरिये कर सकते है। 

विशाल भण्डारण क्षमता/Large storage capacity 
कंप्यूटर में डाटा संग्रहण/storage करने के लिए बाहरी तथा आंतरिक भाग होते है जैसे की, हार्ड डिस्क/HardDisk, CD, DVD, BlueRay, फ़्लैश ड्राइव इत्यादि। 




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Monday, July 22, 2019

चंद्रयान-2 मिशन हुआ सफलतापूर्वक लांच। जाने इसके बारे में। chandryaan-2

दोस्तो नमस्कार 
हमारे वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर समसामियिक जानकारी के साथ-साथ Technology ओर Education से संबंधित आर्टिकल पोस्ट करते रहते हैं, आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे चंद्रयान-2 के सफल लांच के बारे में। 
India on monn

जैसा किआप सभी को विदित होगा की चंद्रयान-2 को इसी महीने यानि जुलाई 2019 की 15 तारीख को सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाना था, प्रक्षेपण से लगभग 52 मिनट पहले इसमें कुछ तकनिकी खराबी आने के कारण इसके लांच को रोक दिया गया था। उसके एक दिन बात इसकी अगली प्रक्षेपण तिथि की घोषणा की गई थी, जो थी 22 जुलाई 2019 और समय 2 बजकर 43 मिनट। 
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आज यानि 22 जुलाई 2019 को इसे इसके तयशुदा वक़्त पर आंध्र-प्रदेश के श्री-हरोकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया जा चूका है। इसकी लॉन्चिंग GSLV मार्क-3 से की गई है। 
CHANDARYAAN-2 MISSION

चंद्रयान-2 का मिशन क्या होगा प्रक्षेपण के बाद आइये जाने। 

  1. यह यान 2:43 पर लांच होने के 16 मिनट बाद पृथ्वी की कक्षा में पहुँच गया जैसा की पहले से तय था। 
  2. पृथ्वी की कक्षा में पहुँचने के बाद Orbitor/ऑर्बिटर 23 दिन तक लगातार पृथ्वी के 4 चक्कर लगाएगा।  
  3. इसके बाद यह 7 दिन में चन्द्रमा की कक्षा में पहुंचेगा। ऑर्बिटर यहाँ पर लगातार 13 दिन तक इसके चक्कर लगाएगा। 
  4. 43 वें दिन ऑर्बिटर से लैंडर अलग होगा और 48 वें दिन चन्द्रमा की सतह पर उतरेगा, इस लैंडर का नाम है "Vikram/विक्रम"। 
  5. लैंडर के चन्द्रमा की सतह पर उतरने के बाद लैंडर से रोवर बाहर आएगा और चन्द्रमा की सतह से कुछ सैंपल और अन्य जानकारी जुटाएगा।  इस रोवर का नाम है "Pargyan/प्रज्ञान"। 


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तकनिकी खराबियों के कारण टला चंद्रयान-2 मिशन 15/07/2019


ISRI यानि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संसथान ने प्रक्षेपित किये जाने वाले यान चंद्रयान-2 को फ़िलहाल कुछ दिन के लिए प्रक्षेपण को किन्ही तकनिकी खराबियों के कारण टाल दिया गया है। इसरो ने सोमवार सुबह एक ट्वीट के माध्यम से ये जानकारी दी है।  

ISRO के अनुसार प्रक्षेपण से लगभग 56 मिनट पहले यान में कुछ तकनिकी खराबी आ गयी थी, सावधानी बरतते हुए इसरो के वैज्ञानिकों ने इसे दुरुस्त करने के लिए चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण को अभी टाल दिया है। इस यान के प्रक्षेपण की नयी तारीख जल्द ही जारी की जाएगी। 



14 जुलाई रविवार सुबह से ही पूरी इसरो टीम इस लांच में जुटी हुई थी, इसकी तयारी सुबह 6 बजकर 51 मिनट पर शुरू हुई थी। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आज सुबह यानी 15 जुलाई तड़के 2 बजकर 51 मिनट पर होना था। इसे हर बार की तरह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया जाना था। इसमें लांच से कुछ समय पहले ही तकनीकी खामियों के कारण इसे कुछ दिन के लिए टालना पड़ा। भारत ने इस मिशन के लिए बहुत पहले से तयारी कर रखी थी। इसरो के इस मिशन में GSLV-MK3 M1 प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल किया जा रहा है। ISRO ने बताया कि मिशन के लिए रिहर्सल कार्य शुक्रवार को पूरा हो गया था। 

इसरो के इस यान का उदेश्य क्या है?


इस मिशन के मुख्य उद्देश्यों में चंद्रमा पर पानी की मात्रा का अनुमान लगाना, उसके जमीन, उसमें मौजूद खनिजों एवं रसायनों, संसाधनों तथा उनके वितरण का अध्ययन करना और चंद्रमा के बाहरी वातावरण की ताप-भौतिकी गुणों का विश्लेषण करना बताया गया है। आपको बतादें की चंद्रमा पर भारत के पहले चंद्र मिशन चंद्रयान-1 ने वहां पानी की मौजूदगी की पुष्टि की थी। इस मिशन में चंद्रयान-2 के साथ कुल 13 स्वदेशी Pay-Load यान वैज्ञानिक उपकरण भेजे जा रहे हैं। इनमें तरह-तरह के आधुनिक कैमरे, स्पेक्ट्रोमीटर, राडार, प्रोब और बहुत तरह के सिस्मोमीटर शामिल होंगे। प्रक्षेपित किये जाने वाले चंद्रयान-2 के 3 हिस्से हैं। 

इसका ऑर्बिटर चंद्रमा की सतह से 100 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में चक्कर लगाएगा। लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। इसे विक्रम नाम दिया गया है। यह 2 मिनट प्रति सेकंड की गति से चंद्रमा की जमीन पर उतरेगा। प्रज्ञान नाम का रोवर लैंडर से अलग होकर 50 मीटर की दूरी तक चंद्रमा की सतह पर घूमकर तस्वीरें लेगा।


इस प्रक्षेपण की खास बात ये है की इसमें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा/NASA का एक पैसिव पेलोड भी इस मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की सटीक दूरी का पता लगाना है। यह मिशन इस मायने में खास है कि चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा और सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अब तक दुनिया का कोई मिशन नहीं उतरा है। 


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