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Monday, December 30, 2019

एक्सटर्नल/External/बाहरी हार्ड-डिस्क/Hard-Disk के लाभ और हानियां।

दोस्तों नमस्कार, हमारे वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में मैं आपके लिए External Hard Disk जो की कंप्यूटर का ही एक Hardware होता है उसके बारे में विस्तार से जानेंगे।
advantage and disadvantage of external hard disk

What is Hard Drive or Hard Disk in Hindi 
सबसे पहले जान लें की हार्डड्राइव या हार्डडिस्क क्या होती है? 
हार्ड डिस्क कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण पार्ट होती है जिसे HDD/Hard Disk Drive कहते हैं। हार्ड डिस्क या हार्ड ड्राइव एक डाटा स्टोरेज डिवाइस होती है, जिसमे कंप्यूटर का सारा डाटा ओर आपका पर्सनल डाटा सभी इसमे स्टोर कर सकते हैं। अगर हार्डवेयर की बात करें तो, हार्ड डिस्क एक तरह से कुछ डिस्कों/चकतियों का समूह होता है, जो आपके किसी भी प्रकार के Data को इलेक्ट्रोमग्नेटीकली/Electromagnetically रीड/Read और राइट/Write करती है और स्टोर/Store भी करती है। यह डाटा को Electromagnetically तरीके से एक गोलाकार डिस्क में संभाल कर रखती है। आज इस पोस्ट में हम केवल एक्सटर्नल/External Hard Disk के लाभ और हानियों का बारे में जानेंगे।  


एक्सटर्नल/External Hard Disk मल्टीप्ल/Multiple कंप्यूटर के प्रयोग के लिए होती है। आजकल हमारे पास अपना कुछ पर्सनल/Personal डाटा होता है जिसे हम सदा अपने पास सहेज कर रखना चाहते हैं, जिनमे कुछ जानकारियां और जरुरी डॉक्यूमेंट/डॉक्यूमेंट होते हैं। इस अभी डाटा और जानकारियों को वैसे तो आप पेन ड्राइव/Pen Drive में भी रख सकते हैं लेकिन कई बार हमारा डाटा इतना ज्यादा होता है की वो पेन ड्राइव में नहीं आ पाता तो उसके लिए हम एक्सटर्नल/External Hard Disk का प्रयोग करते हैं। पेन ड्राइव की तरह ही इसे भी आप किसी भी कंप्यूटर के साथ डायरेक्ट USB केबल के माध्यम से जोड़ सकते हैं। आजकल External Hard Disk की स्टोरेज Capacity 500 GB/Gigabyte से लेकर 4 TB/Terabyte तक आसानी से मिल जाती हैं।



एक्सटर्नल/External/बाहरी हार्ड-डिस्क/Hard-Disk के लाभ और हानियां।

बाहरी हार्डडिस्क के लाभ/ Advantage of External Hard Disk 

बैकअप/Backup : आप सभी को पता ही है की कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक्स मशीन है, जो की हार्डवेयर/Hardware और सॉफ्टवेयर/Software से मिलकर बनी है। चूँकि ये एक मशीन है तो इसके खराब होने, वायरस आ जाने या विंडो करप्ट होने का खतरा बना रहता है। इन खराबियों के कारण हमारे डाटा को खतरा हो सकता है, या बहुत बार आपका सारा डाटा वायरस के कारण ख़त्म हो जाता है, जिसमे आपके द्वारा सेव किये गए आपके फाइल्स, पर्सनल या पारिवारिक फोटो, वीडियो आदि होते हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए बाहरी/External Hard Disk का इस्तेमाल बहुत सुरक्षित रहता है, इसमें आप अपने किसी भी डाटा की ओरिजनल कॉपी रख सकते हैं।  

पोर्टेबिलिटी/Portability : बाहरी/External Hard Disk से आप अपने डाटा को अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं। इसे आप किस दूसरे कंप्यूटर में भी डाटा लाने या ले जाने के लिए आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। 

पुरालेख/Archiving :  बहुत बार ऐसा होता है की हमारे कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में डाटा रखने के लिए ज्यादा स्पेस नहीं होता, उस अतिरिक्त डाटा को हम अपनी बाहरी/External Hard Disk में आसानी से रख सकते हैं। सात ही हम अपने पुराने से पुराने पुरालेख को भी इसमें सहेज सकते हैं।  

सुरक्षा/Security : आपकी बाहरी/External Hard Disk में रखा हुआ डाटा ज्यादा सुरक्षित होता है, एक तो इसमें वायरस आने का खतरा नहीं होता, अगर आपकी हार्ड डिस्क किसी इन्फेक्टेड कंप्यूटर में न लगायी जाये तो। 


बाहरी/External Hard Disk के नुकसान। Disadvantage of External Hard Disk 
एक्सटर्नल हार्ड डिस्क जितनी लाभदायक है वहीँ इसके एक-दो नुकसान भी हैं। 
इसका छोटा और हल्का होना भी इसके एक नुकसान का कारण बन सकता है। 
इसके कोई भी आसानी से चुरा सकता है, दूसरा इसके गिर जाने पर इसमें खराबी आ सकती है।   

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हार्डड्राइव या हार्डडिस्क क्या होती है? What is Hard Drive or Hard Disk and its main parts.

दोस्तों नमस्कार, हमारे वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में मैं आपके लिए Internal Hard Disk जो की कंप्यूटर का ही एक Hardware होता है उसके बारे में विस्तार से जानेंगे। 
What is Hard Drive or Hard Disk and its main parts.

हार्डड्राइव या हार्डडिस्क क्या होती है? What is Hard Drive or Hard Disk in Hindi 
हार्ड डिस्क कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण पार्ट होती है जिसे HDD/Hard Disk Drive कहते हैं। हार्ड डिस्क या हार्ड ड्राइव एक डाटा स्टोरेज डिवाइस होती है, जिसमे कंप्यूटर का सारा डाटा ओर आपका पर्सनल डाटा सभी इसमे स्टोर कर सकते हैं। अगर हार्डवेयर की बात करें तो, हार्ड डिस्क एक तरह से कुछ डिस्कों/चकतियों का समूह होता है, जो आपके किसी भी प्रकार के Data को इलेक्ट्रोमग्नेटीकली/Electromagnetically रीड/Read और राइट/Write करती है और स्टोर/Store भी करती है। यह डाटा को Electromagnetically तरीके से एक गोलाकार डिस्क में संभाल कर रखती है। इसमें हर एक्शन/क्रिया के लिए रीड और राइट किये गए डाटा को स्टोर करने के लिए जिस जगह की जरुरत पड़ती है उसे सीक/Seek कहते हैं। किसी भी हार्ड डिस्क/Hard disk के अंदर जो गोल चक्तियाँ होती हैं उन्ही पर बने सेक्टर/सेक्टर में सारा डाटा स्टोर होता है, डाटा को रीड और राइट करने के लिए ये डिस्क/चक्तियाँ एक मोटर द्वारा घूमती है जिनकी घूमने की गति/Rotation Speed 4500 से 7200 RPM तक होती है। इन डिस्क के काम करने के समय को मिली/Mili सेकंड में मापा जाता है।



आजकल HDD की जगह SSD कार्ड भी ले रहे हैं, इन कार्ड की गति HDD से काफी ज्यादा होती है। SSD कार्ड के बारे में हम अपने अगले पोस्ट में विस्तार से बात करेंगे।   

हार्डड्राइव या हार्डडिस्क दो प्रकार की होती हैं।

  1. इंटरनल/Internal Hard Disk 
  2. एक्सटर्नल/External Hard Disk 
इंटरनल/Internal Hard Disk कंप्यूटर कैबिनेट में स्थाई/Permanent रूप से लगी रहती है, इसे आपको बार-बार हटाने या लगाने की जरूरत नहीं होतीं, इसे आप एक ही कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लगभग सभी कंप्यूटर का सारा व्यक्तिगत डाटा इन्ही में स्टोर होता है। इंटरनल हार्डडिस्क के अंदर ही आपके कंप्यूटर का ऑपरेटिंग/Operating सिस्टम मौजूद होता है, जो आपके कंप्यूटर को रन/Run करता है।

एक्सटर्नल/External Hard Disk मल्टीप्ल/Multiple कंप्यूटर के प्रयोग के लिए होती है। आजकल हमारे पास अपना कुछ पर्सनल/Personal डाटा होता है जिसे हम सदा अपने पास सहेज कर रखना चाहते हैं, जिनमे कुछ जानकारियां और जरुरी डॉक्यूमेंट/डॉक्यूमेंट होते हैं। इस अभी डाटा और जानकारियों को वैसे तो आप पेन ड्राइव/Pen Drive में भी रख सकते हैं लेकिन कई बार हमारा डाटा इतना ज्यादा होता है की वो पेन ड्राइव में नहीं आ पाता तो उसके लिए हम एक्सटर्नल/External Hard Disk का प्रयोग करते हैं। पेन ड्राइव की तरह ही इसे भी आप किसी भी कंप्यूटर के साथ डायरेक्ट USB केबल के माध्यम से जोड़ सकते हैं। आजकल External Hard Disk की स्टोरेज Capacity 500 GB/Gigabyte से लेकर 4 TB/Terabyte तक आसानी से मिल जाती हैं। 




इंटरनल/Internal हार्डड्राइव के ये चार भाग/Parts होते है,जिनके द्वारा आप इनकी पहचान कर सकते हैं। 

  • IDE/Integrated Drive Electronics Drive
  • SATA/Serial Advance Technology Attachment Drive
  • SCSI/Small Computer System Interface Drive
  • SAS/Serial Attached SCSI Drive

IDE/Integrated Drive Electronics Drive :
इन हार्डडिस्क को DE/Drive Electronic और PATA/Parallel Advance Technology Attachment Drive भी कहा जाता है। इनमे 40 पिन का कनेक्टर/Connector होता है। इसकी डाटा ट्रांसफर रेट/गति 133 MB/Megabyte प्रति सेकंड होती है। यह एक समय में 8 Bit डाटा को भेज सकती है। इस ड्राइव को कंप्यूटर मदरबोर्ड/Motherboard से जोड़ने के लिए PATA केबल का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें दो ड्राइव एक साथ जोड़े जा सकते हैं होस्ट और क्लाइंट की तरह। 

SATA/Serial Advance Technology Attachment Drive :
इस ड्राइव में 7 पिन का कनेक्टर/Connector होता है, जिनमे से 4 पिन 2 युग्म/जोड़े में काम करती है, जो एक पतले लाल रंग की केबल के साथ कंप्यूटर मदरबोर्ड/Motherboard के साथ कनेक्ट होती है। इसकी डाटा ट्रांसफर रेट/गति 300 MB/Megabyte प्रति सेकंड होती है। यह डाटा Bit के बाद Byte के फॉर्मेट से भेज सकती है। इसमें एक ही ड्राइव को जोड़ा जा सकता है। 


SCSI/Small Computer System Interface Drive :
SCSI केबल को SCSI हार्ड डिस्क को मदरबोर्ड/Motherboard से जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें ज्यादातर 50 से 68 पिन मौजूद होती है। इसकी डाटा ट्रांसफर रेट/गति 640 MB/Megabyte प्रति सेकंड होती है। इसके साथ अधिकतम 16 ड्राइव जोड़े जा सकते हैं। 

SAS/Serial Attached SCSI Drive :
इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा स्टोर करने के लिए किया जाता है, यह बाकियों से पावरफुल तच्नोलोग्य का यूज़ करती है। इसकी डाटा ट्रांसफर रेट/गति 805 MB/Megabyte प्रति सेकंड होती है। इसकी केबल के साथ हम अधिकतम 128 ड्राइव जोड़ सकते हैं। 

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Saturday, December 28, 2019

YouTube से जुड़े कुछ रोचक तथ्य। Amazing facts about YouTube.

दोस्तों नमस्कार, हमारे वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, इसी कड़ी में मैं आज आपके लिए यूट्यूब/YouTube से जुड़े कुछ रोचक तथ्य आपके लिए लेकर आया हूँ। आशा करता हूँ आपको जरूर पसंद आएंगे।

YouTube से जुड़े कुछ रोचक तथ्य। Amazing facts about YouTube.

क्या है YouTube?
आजकल YouTube से शायद ही कोई अपरिचित हो, क्यूंकि जब से स्मार्टफोन/Smartphone मोबाइल ने अपनी पकड़ बनाई है तब से YouTube ने भी अपने ऑडियंस की संख्या में बेतहासा वृद्धि की है। आप सभी लोग भी YouTube का इस्तेमाल हर रोज किसी न किसी प्रकार की जानकारी पाने के लिए जरूर ही करते होंगे। असल में YouTube भी सोशल-मीडिया का ही एक अंग है, जिस पर हम, मनोरंजन, विज्ञान, चिकित्सा, सामान्य ज्ञान, शिक्षा, और भी न जाने कितने विषयों से सम्बंधित वीडियो देख सकते हैं। साथ ही हम YouTube पर अपना खुद का चैनल बनाकर अपने वीडियो भी पूरी दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।


हमारे यूट्यूब/YouTube चैनल पर जाएँ। 

YouTube की शुरुआत !
YouTube की शुरुआत Valentine Day के दिन यानि 14 फरवरी 2005 को हुई थी। YouTube को पेपल/PayPal कंपनी में काम करने वाले तीन डेवलपरों ने बनाया था, जिनके नाम जावेद करीम/Javed Karim, स्टीव चैन/Steve Chain, चाड हार्ले/Chad Harley थे। दरअसल YouTube शुरुआत में एक Dating वेबसाइट थी। आज YouTube दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन वीडियो साइट है।

YouTube से जुड़े कुछ रोचक तथ्य।
1. यूट्यूब/YouTube पर पहला वीडियो 23 अप्रैल 2005 को इसके को-डेवलपर जावेद ने अपने खुद के नाम के चैनल पर रात 8 बजकर 27 मिनट पर अपलोड किया था। यह केवल 19 सेकंड की ही वीडियो क्लिप थी, जिसका शीर्षक/Title था Me At The Zoo . इस वीडियो को जावेद के दोस्त याकूब ने सेन-डिएगो के एक चिड़ियाघर में फिल्माया था। इस वीडियो में जावेद हाथियों के सामने खड़े हैं।

2. यूट्यूब/YouTube के बनने के केवल 18 महीने बाद ही दुनिया की सबसे बड़ी IT कंपनी Google ने इसे 9 अक्टूबर 2006 को 1 अरब 65 करोड़ डॉलर में खरीद लिया। यह अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन डील मानी जाती है।

3. गन्घम स्टाइल/Ghangham Style यूट्यूब/YouTube पर अपलोड पहला ऐसा गाना था जिसने यूट्यूब/YouTube पर व्यू/View काउंट किये जाने वाले सिस्टम को फ़ैल कर दिया था। असल में हुआ ये था की उस वक़्त यूट्यूब का सिस्टम 32 बिट को ही स्पोर्ट करता था जिसमें 2,147,683,647 व्यू ही काउंट किये जा सकते थे। उस वक़्त यूट्यूब के डेवलपरों ने सोचा भी नहीं था की किसी वीडियो के व्यू यहाँ तक भी पहुँच जायेंगे। अब यूट्यूब/YouTube ने अपने सिस्टम को बढ़कर 64 बिट स्पोर्ट कर दिया है जिसमे की 9,223,373,036,854,775,808 व्यू गिने जा सकते हैं।


4. यूट्यूब/YouTube पर अपलोड की गई सबसे पुरानी वीडियो 1188 की है, 2 मिनट 11 सेकंड की इस वीडियो को फ्रांस/फ्रैंच के लुइस ली प्रिंस ने इंग्लैंड/England के RoundHay में फिल्माया था। इस वीडियो को RoundHay Garden Scene के नाम से जाना जाता है। इसे यूट्यूब/YouTube पर इतिहास की सबसे पुरानी वीडियो माना जाता है।

5. यूट्यूब/YouTube पर अब तक सबसे ज्यादा देखि जाने वाली एक गाने की वीडियो है जिसने टाइटल है Luis Fonsi -Despacito ft.Dady Yankee   यह वीडियो पोस्ट लिखे जाने तक 6 अरब 5 करोड़ बार देखा जा चूका था।
6. यूट्यूब/YouTube पर सबसे बड़ा चैनल T-Series है जिस पर 123 मिलियन से भी ज्यादा Subscriber हैं, इसके बाद दूसरे नंबर पर PewDiePie चैनल है जिसके सब्सक्राइबर की संख्या 102 मिलियन से ज्यादा है।

7. यूट्यूब/YouTube 91 देशों में लगभग 80 भाषाओँ में उपलब्ध है।

8. चीन/China, ईरान/Iran और उत्तर कोरिया/North Corea में प्रतिबंधित है।

9. यूट्यूब/YouTube पर सबसे लम्बी वीडियो 596 घंटे 31 मिनट और 21 सेकंड की है, इस वीडियो का टाइटल है : The Longest Video On YouTube - 596 Hours  इस वीडियो को अगर आप लगातार देखना चाहेंगे तो आपको 25 दिन बिना रुके देखना होगा। इस वीडियो को 15 अक्टूबर 2011 को अपलोड किया गया था।

10. हर रोज करीब 1.5 अरब लोग यूट्यूब/YouTube का प्रयोग करते हैं।

11. यूट्यूब/YouTube पर हर एक मिनट में पूरी दुनिया से लगभग 400 घंटे की वीडियो अपलोड की जाती है।

12. यूट्यूब/YouTube गूगल/Google के बाद दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है, जहाँ हर विषय के लिए सर्च किया जाता है।

13. यूट्यूब/YouTube पर हर जो करीबन 5 अरब वीडियोस देखि जा रही हैं, और इनकी संख्या हर दिन बढ़ती ही जा रही है।

14. भारत के मुंबई/Mumbai समेत दुनिया भर के 10 शहरों में YouTube Space नाम की जगह है, जो लोग यूट्यूब/YouTube चैनल चलाते हैं और उनके चैनल पर 10,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं तो वो लोग वहां जाकर वीडियो शूट कर सकते हैं। यहाँ पर आपको आधुनिक तकनीक से युक्त बहुत साडी सुविधा मिलती है।

15. साल 2008 से यूट्यूब/YouTube ने April Fool Day शुरू किया था जो अब तक चलता आ रहा है।

16. साल 2009 में यूट्यूब के सॉफ्टवेयर इंजीनियर Peter Bradshaw की घोषणा के बाद यूट्यूब/YouTube के सभी यूजर 360 डिग्री वीडियो भी अपलोड कर सकते हैं।

17. यूट्यूब/YouTube पर सबसे ज्यादा Dislike किया जाने वाला वीडियो Justin Bibar का Music वीडियो Baby है। इस वीडियो को 19 फरवरी 2010 में अपलोड किया गया था, जिस पर अब तक 10 मिलियन से ज्यादा Dislike आ चुके हैं।

18. यूट्यूब/YouTube पर सबसे ज्यादा Like किया जाने वाला वीडियो है Despacito जिस पर अब तक 35 मिलियन से ज्यादा लाइक मिल चुके हैं। इसके बाद नंबर आता है See You Again का जिस पर 25 मिलियन से ज्यादा लाइक मिले हैं।

19. 24 मार्च 2017 को PewDiePie चैनल ने एक ऐसा वीडियो अपलोड किया था जिसमें इस चैनल ने आग्रह किया था की इस वीडियो पर Like और Dislike की संख्या एक समान रहनी चाहिए। तब से लेकर अब तक इस वीडियो पर Like और Dislike की संख्या एक समान चल रही है।

20. भारत में साल 2019 तक सबसे बड़ा YouTube Video  कंटेंट Creator अमित भड़ाना है, इनके अब तक 17 मिलियन के करीब सब्सक्राइबर हैं।

तो ये तो थे कुछ रोचक तथ्य यूट्यूब/YouTube के बारे में, आगे भी इसमें कुछ नए तथ्य जुड़ते रहेंगे क्यूंकि आये दिन यूट्यूब/YouTube नए-नए कृतिमान स्थापित कर रहा है। अगर आपको भी लगता है की हमने किसी तथ्य के बारे में यहाँ जिक्र नहीं किया तो आप हमें जरूर लिखें, ताकि हम वो जानकारी इसमें जोड़ सकें और लोगों तक पहुंचा सकें।

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Thursday, December 26, 2019

कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है डिजिटल आर्ट? जानिए विस्तार से। Fields of Digital Art to be use

दोस्तो नमस्कार, हमारे इस वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, इस Portal पर हम Technology ओर Education से जुड़े आर्टिकल लिखते है, जो सामान्य-ज्ञान और किसी भी परीक्षा की तैयारी हेतु आपके लिए बड़े ही उपयोगी और ज्ञानवर्धक होते हैं। आज हम जानेंगे की डिजिटल आर्ट कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है। पूरी जानकारी लेने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।  

अगर आप भी डिजिटल आर्ट में इंटरस्ट/रूचि रखते हैं, तो अनेक प्रकार के कोर्स करके इस फिल्ड में प्रवेश कर सकते हैं, और जीवन में एक अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। यह एक ऐसा फिल्ड है जिसमे बहुत सारे करियर विकल्प हैं। इस प्रकार का कोर्स करने के बाद छात्रों को वेबसाइट डिज़ाइन, किताबे, पत्रिका, कंप्यूटर ग्राफिक, प्रोडक्ट डिजाइनिंग, कॉर्पोरटे सेक्टर, एडवर्टईजिंग, पोस्टर, बैनर, कार्ड डिज़ाइनर जैसे बहुत तरह के जॉब मिल सकते हैं। या फिर आप अपना फोटो स्टूडियो भी खोल सकते है।

Fields of Digital Art to be use



कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है डिजिटल आर्ट?
डिजिटल आर्ट/Digital Art का दायरा क़ाफी विस्तृत है, इसका प्रयोग आजकल ग्राफिक डिजाइनिंग/Graphic Design, गेमिंग/Gaming, प्रिंटिंग/Printing, मिडिया/Media(Photo, Video), पैकेजिंग/Packaging, प्रोडक्ट डिजाइनिंग/Product Designing, कंप्यूटर ग्राफिक/Computer Graphics 2D विसुअल आर्ट/Visual Art, 3D विसुअल आर्ट जैसे विभिन्न प्रकार के उत्पादों में या उनके निर्माण में प्रयोग किया जाता है। 

ग्राफिक डिजाइनिंग/Graphic Designing  
ग्राफिक डिजाइनिंग के लिए कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके बहुत से काम किये जाते हैं जैसे की -लोगो डिजाइनिंग, प्रोडक्ट पैकेजिंग, फिल्म स्टूडियो ग्राफ, फोटो एल्बम/ वेबसाइट पेज डिज़ाइनिंग आदि के लिए काम किया जाता है। 

डिजिटल आर्ट क्या होता है?

गेमिंग आर्ट/Gaming Art 
आजकल वीडियो गेमिंग/Video Gaming का काम सबसे शिखर पर है, किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर के लिए गेम डिज़ाइन करने के लिए डिजिटल आर्ट का इस्तेमाल होता है, जिसमे आप अपने गेम के अनुसार कोई भी करैक्टर डिज़ाइन कर सकते हैं। गेमिंग डिजाइनिंग में 3DS मैक्स/3DS MAX, माया/Maya, हुडिनी/Hudini, ब्लैंडर/Blander जैसे काफी तरह के सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है। डिजिटल आर्ट में गेमिंग इंडस्ट्री का कारोबार सालाना अरबों डालरों का होता है और ये हर दिन नए कृतिमान स्थापित कर रहा है। 

प्रिंटिंग/Printing   
आजकल पब्लिकेशन का सारा काम डिजिटली ही किया जाता हैं जिनमे न्यूज़ पेपर/New paper, मैगजीन बुक पब्लिश, बुक डिज़ाइन प्रिंटिंग, शादी कार्ड/Wedding Card, कैलेंडर/Calendar, पोस्टर/Poster, पम्पलेट/Pumplet आदि शामिल होते हैं। 


मिडिया/Media  
इनमे डिजिटल आर्ट का इस्तेमाल बढ़-चढ़कर सबसे ज्यादा मीडिया में किया जाता है। इन मिडिया के अंतर्गत प्रिंट मिडिया, चैनल मिडिया, न्यूज़ मिडिया आते हैं जो सूचनाओं और ख़बरों को डिजिटल आर्ट के माध्यम से लोगो तक पहुंचाते हैं। प्रिंट मिडिया के अंतर्गत न्यूज़ पेपर मैगजीन बुक पब्लिश ,बुक डिज़ाइन प्रिंटिंग आदि आते है। वहीँ चैनल मिडिया के अंतर्गत अलग-अलग टीवी चैनल आते है और न्यूज़ मिडिया के अंतर्गत ख़बरों से सम्बंधित चैनल जैसे जी न्यूज़/ZEE News,आजतक/AAJTAK, एनडीटीवी/NDTV इत्यादि आते हैं। 

पैकेजिंग/Packaging  
आधुनिक युग में  प्रोडक्ट को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए डिजिटल आर्ट का प्रयोग काफी होता है। इससे कोई भी ज्यादा लुभावना लगता है और प्रोडक्ट की ज्यादा बिक्री होने के चांस होते हैं। आप कोई भी सस्ते से सस्ती पैकिंग भी देखेंगे तो उस पर आपको लुभावने इलस्ट्रेटर/Illustrator या तस्वीरें मिलेंगी।  

प्रोडक्ट डिजाइनिंग/Product Designing 
आजकल कोई भी कंपनी अपने किसी भी उत्पाद/Product को बाजार में लेन से पहले उस प्रोडक्ट का डिज़ाइन तैयार करवाती है, ताकि वो दिखने में बेहतर होने के साथ अच्छी गुणवत्ता से युक्त भी हो। या तो कम्पनी अपने प्रोडक्ट का डिज़ाइन खुद तैयार करती है, या फिर यो डिज़ाइन को किसी डिजिटल आर्ट प्रोफेशनल फर्म से बनवाती है।  

कंप्यूटर ग्राफिक/Computer Graphic 2D, 3D Modeling 
3D डिज़ाइन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से बना वो मॉडल होता है जीसके हम तीनो आयामों/Dimensions को देख सकते हैं, इसमें उस प्रोडक्ट या करैक्टर की लम्बाई, चौड़ाई और ऊंचाई तीनो आयामों का अहसास होता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर गेम डिज़ाइन और कार्टून एनीमेशन बनाने के लिए होता है, आजकल इसके बेस पर बहुत सी फिल्मों का निर्माण भी हो रहा है।   
2D ग्राफिक वो ग्राफिक होते हैं जिसमे दो आयामी अक्स ही आपको दिखाई देता है। इसमें लम्बाई और चौड़ाई ही शामिल होती है। इसमें आप कार्टून/Cartoon करैक्टर, सामान्य टेक्स्ट, लोगो या प्रोडक्ट कवर/Cover डिजाइन कर सकते हैं।  


डिजिटल आर्ट कोर्स कहाँ से करें।
ग्राफिक डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में कई प्रकार के कोर्स मौजूद है। इसमें से कुछ कोर्स 6 महीने से लेकर 4 साल तक के डिग्री कोर्स तक होते हैं। इसके लिए छात्रों को कम से कम 12 वीं  पास होना आवश्यक है। ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए भी ये कोर्स मौजूद है। डिजिटल आर्ट के अंतर्गत छात्रों के लिए अनेक प्रकार के कोर्स होते हैं। 

Course Name : 

  • ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन
  • विजुअल कम्युनिकेशन डिजाइन
  • एप्लाइड आर्ट्स ऐंड डिजिटल आर्ट्स
  • प्रिंटिंग ऐंड मीडिया इंजीनियरिंग
  • बैचलर इन फाइन आर्ट्स
  • एनिमेशन 


दिल्ली कोलकाता, बैंग्लोर, हैदराबाद जैसे बड़े सिटी में ये कोर्स आसानी से उपलब्ध होते हैं। वहीँ आजकल लगभग सभी कॉलेज और विश्वविधालय में या प्राइवेट संसथान में भी ये कोर्स उपलब्ध होते हैं। 

भारत के कुछ प्रमुख संस्थान 

  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन ,अहमदाबाद
  • इंडस्ट्रियल डीजाइन  सेंटर, मुंबई
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ डिज़ाइन ,गुहाटी
  • आई आई टी ,गुहाटी
  • आई आई टी, मुंबई

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डिजिटल आर्ट क्या होता है? What is Digital Art?

दोस्तो नमस्कार, हमारे इस वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, इस Portal पर हम Technology ओर Education से जुड़े आर्टिकल लिखते है, जो सामान्य-ज्ञान और किसी भी परीक्षा की तैयारी हेतु आपके लिए बड़े ही उपयोगी और ज्ञानवर्धक होते हैं। पूरी जानकारी लेने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।  
डिजिटल आर्ट क्या होता है? What is Digital Art?

What is Digital Art in Hindi
आज का जो हमारा विषय है वो है की डिजिटल आर्ट/Digital Art क्या है? जैसा की इसके नाम से ही विदित है की ये आधुनिक जमाने की कला है। इस कला के माध्यम से हम अपनी कल्पनाओं को उड़ान दे सकते हैं। आपने इलस्ट्रेटर/Illustrator, फोटोशॉप/Photoshop, कोरल ड्रा/Corel Draw जैसे सॉफ्टवेयर का नाम तो सुना ही होगा, इसी प्रकार के अनेक सॉफ्टवेयर होते है, जिनके माध्यम से ग्राफिक डिजाइन बनाये जाते है। ये सभी ग्राफ़िक्स कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से ही बनाये जाते है। फोटो पर वीडियो में सामान्य पैकिंग पर ऐसे ही डिजिटल आर्ट के माध्यम से तैयार नमूने आपको देखने को मिल जायेंगे। आमतौर पर हम आर्ट/कला को ड्राइंग/Drawing, पेंटिंग/Painting और फाइन आर्ट/Fine Art के रूप में ही देखते हैं। पहले हम किसी भी प्रकार की कला या कृति की रचना के लिए हाथ, ब्रश और रंगों या अन्य पदार्थ से कोई भी रचना तैयार करते थे। लेकिन आज वो सब कार्य हम डिजिटल तरीके या डिजिटल टेक्नोलॉजी/Digital Technology से कर सकते हैं। डिजिटल टेक्नोलॉजी की मदद से हम लाखों तरह के डिज़ाइन तैयार कर सकते हैं, डिजिटल आर्ट को मीडिया आर्ट के नाम से भी जाना जाता है। डिजिटल आर्ट में हम अपने पारम्परिक तरीकों की बजाय आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसमें हम कंप्यूटर ग्राफ़िक्स, एनीमेशन, इंटरैक्टिव आर्ट, वर्चुअल आर्टस की रचना कर सकते हैं। 


आधुनिक युग में डिजिटल आर्ट अपने चर्म पर है और दिन रात तरक्की कर रहा है। साल 1980 में हुए कंप्यूटर के अद्भुत विकास के बाद कला के क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी का विकास बढ़ने लगा था। धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी और विकसित होती गई, इसका प्रयोग और भी ज्यादा क्षेत्रों के लिए किया जाने लगा। इंटरनेट/Internet के विकास के बाद तो इस क्षेत्र में अकल्पनीय तरक्की हुई है। इंटरनेट पर तो सारा काम डिजिटल आर्ट से ही होता है बिना इसके तो इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइट/Website इत्यादि लोगों को अपनी और आकर्षित नहीं कर पाती। इसमें हर प्रकार की वेबसाइट पर अनेकों एनीमेशन और विसुअल आर्ट होते हैं, जो हमें अपनी और आकर्षित करते हैं। आजकल हर क्षेत्र में डिजिटल आर्ट का प्रयोग हो रहा है, इसके बढ़ते प्रभाव के कारण ही आजकल शिक्षण संस्थानों में इस पाठ्यकर्म में शामिल किया गया है। युवाओं में इस कला को सिखने की ललक भी बढ़ती जा रही है, ये लाइन उनके लिए अच्छे करियर की संभावनाएं पैदा करती है। 


ये एक ऐसा फिल्ड है जिसमें फ़िलहाल और आने वाले समय में भरपूर करियर की संभावनाएं हैं, जिसमें आप अच्छी नौकरी के साथ अच्छा पैसा भी कमा सकते हैं।   

कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है डिजिटल आर्ट?
डिजिटल आर्ट/Digital Art का दायरा क़ाफी विस्तृत है, इसका प्रयोग आजकल ग्राफिक डिजाइनिंग/Graphic Design, गेमिंग/Gaming, प्रिंटिंग/Printing, मिडिया/Media(Photo, Video), पैकेजिंग/Packaging, प्रोडक्ट डिजाइनिंग/Product Designing, कंप्यूटर ग्राफिक/Computer Graphics 2D विसुअल आर्ट/Visual Art, 3D विसुअल आर्ट जैसे विभिन्न प्रकार के उत्पादों में ये उनके निर्माण में प्रयोग किया जाता है।


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Wednesday, December 25, 2019

10वीं के बाद छात्र क्या कैरियर ऑप्शन चुनें। जाने इस लेख में। What to do after 10th exam

प्रिय छात्रों नमस्कार, हमारे इस वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है, इस Portal पर हम Technology ओर Education से जुड़े आर्टिकल लिखते है, जो सामान्य-ज्ञान और किसी भी परीक्षा की तैयारी हेतु आपके लिए बड़े ही उपयोगी और ज्ञानवर्धक होते हैं। आज की पोस्ट हम उन छात्रों के लिए लाये हैं जो दसवीं की परीक्षा की तयारी कर रहे हैं या फिर वो दसवीं पास कर चुके हैं। हम इस पोस्ट में आपको बताएंगे की दसवीं कक्षा के बाद आप कौन-कौनसे करियर विकल्प चुन सकते हैं, तो पूरी जानकारी लेने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।  
10वीं के बाद छात्र क्या कैरियर ऑप्शन चुनें।

दसवीं कक्षा के बाद करियर विकल्प।
दसवीं कक्षा किसी भी बेस होता है, यहीं से आप अपने आगे आने वाले करियर के लिए सही दिशा का चुनाव कर सकते हैं। ज्यादातर छात्र यही सोचते हैं की दसवीं की परीक्षा के बाद क्या करें, हमे आगे की पढाई के लिए किस Stream/संकाय का चुनाव करना चाहिए, या फिर किसी Professional/वव्यसायिक कोर्स को चुनना चाहिए, या फिर किसी अन्य Traditional ऑप्शन का चुनना सही रहेगा। ये कुछ सवाल हैं जो अक्सर उन छात्रों के मन में आते हैं जो इस परीक्षा के आस-पास होते हैं। आपके मन में ये सवाल आना जायज है, क्यूंकि आपके इन सवालों का सीधा सम्बन्ध आपके आने वाले भविष्य को सुनिश्चित करता है। अगर आपके मन में सवाल आएंगे तो ही आप इनके बारे में जान पाएंगे। लेकिन इन सवालों से आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है। 


यह परीक्षा इतनी निर्णायक क्यों होती है?
ये वो परीक्षा होती है जिसके बाद छात्रों के मन में आने वाले जीवन में कुछ खास करने की ललक पैदा होती है। दसवीं की परीक्षा के बाद छात्र एक ऐसे मोड़ पर खड़े होते हैं, जहाँ आपको ये तय करना होता है की आप जीवन में कितना समृद्ध और सशक्त इंसान बनना चाहते हैं। यहाँ पर आप कई बार सही निर्णय न ले पाने के कारण अपनी योग्यताओं का सही प्रयोग नहीं कर पाते। अगर आप करियर से जुड़े इस निर्णय को लेकर पूरी तरह से Confident हैं तो आप एक सही दिशा का चुनाव कर जीवन में अग्रसर हो सकते हैं। यहाँ पर आपको अपने अंदर की योग्यताओं को पहचान कर आगे के रस्ते का चुनाव करना होता है। 

छात्रों को अपने लिए सही विषय का चुनाव कैसे करना चाहिए?
दसवीं की परीक्षा के बाद ये निर्णय करना सबसे कठिन होता है की आप किस Stream/संकाय का चुनाव करें। इसलिए मैं आपको यही सुझाव दूंगा की आप अपनी रूचि और योग्यता के अनुसार ही संकाय का चुनाव करें, ताकि आप अच्छा स्कोर कर सकें। बहुत बार ऐसा होता है की बच्चे माता-पिता के दबाव या अपने दोस्तों की रुची के अनुसार विषयों का चुनाव कर लेता है, जो की उस छात्र की रूचि और उसकी क्षमताओं के बिलकुल उल्टा साबित हो जाता है। वो अपने मित्रो द्वारा किये गए चुनाव को सही मानकर उसी का अनुसरण करते हैं जो की आने वाले वक़्त में उनके लिए बहुत ही हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इसलिए मेरी आपसे यही राय है की जब भी संकाय का चुनाव करें अपने दिल से सोचें अपनी क्षमताओं को जाने, वही चुने जिसे आप अच्छी तरह सिख सकें, पढ़ सकें, जान सकें। अगर माँ-बाप उनके अनुसार आपको किसी भी संकाय का चुनाव करने के लिए कहें तो उनको अपनी रूचि के बारे में जरूर बताएं। अगर आप हर संकाय के लिए अपने आप को योग्य मानते हैं तो आप उनके अनुसार भी संकाय का चुनाव कर सकते हैं। 



आइये अब जान लेते हैं दसवीं के बाद आप किन-किन स्ट्रीम्स/Stream /संकाय का चयन कर सकते हैं !

साइंस/Science संकाय/Stream का चुनाव। Science Side 
कसी भी माँ-बाप का सपना होता है की उनका बच्चा Science विषय से ही पढाई करे। सामान्यत देखने में यही आया है की जो छात्र साइंस/Science,मैथ/Math और इंग्लिश/English में काफी अच्छे होते हैं, ज्यादातर वही साइंस/Science संकाय का चुनाव करते हैं। यह स्ट्रीम बच्चो को इंजीनियर/Engineer, डॉक्टर/Doctor, आईटी/IT, साइंटिस्ट/Scientist, कंप्यूटर विज्ञान/Computer साइंस जैसे क्षेत्रों में करियर चुनने के अवसर प्रदान करती है। साथ ही ये स्ट्रीम आपको विभिन्न ज्ञानक्षेत्रों में काम करने के अवसर भी प्रदान करती है। इस स्ट्रीम को चुनने का छात्र के लिए सबसे बड़ा फायदा ये भी होता है की आगे चलकर छात्र कॉमर्स/Commerce या आर्ट्स/Arts किसी भी संकाय में एडमिशन/दाखिला ले सकता है। इसके विपरीत दूसरे संकाय/Stream का चुनाव करके आप आगे चलकर साइंस/Science स्ट्रीम की पढाई नहीं कर सकते। मान लीजिये आपने 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास की है, तो आप आगे तीनो स्ट्रीम में से किसी भी स्ट्रीम का चुनाव कर सकते हैं, वहीँ अगर आपने 12 वीं कॉमर्स से की है तो आप आगे  सिर्फ कॉमर्स या आर्ट्स का ही चुनाव कर सकते हैं। आर्ट्स से 12वीं करने वाले छात्रों के पास आर्ट्स के आलावा कोई और विकल्प नहीं होता। 

कक्षा 11 और 12 में आप कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, जैसे कुछ ऐच्छिक/Optional विषयों के साथ जिनमे रसायन विज्ञान, जिव विज्ञान, भौतिकी और गणित शामिल होते हैं ऐसे विषयों का चयन करना होता है। इन सब के आलावा छात्र को चुने हुए इंस्ट्रक्शंस की भाषा के रूप में एक अनिवार्य भाषा का चयन भी करना होता है। इस स्ट्रीम में छात्र को थ्योरी/Theory के साथ लैबोरेटरी/Lab में प्रेक्टिकल/Practical ज्ञान भी दिया जाता है।      
अगर आप इंजीनियरिंग/Engineering में दिलचस्पी रखते हैं तो आप पीसीएम/PCM यानि भौतिकी/Physics , रसायन/Chemistry और गणित/Math  को मूल विषयों के रूप में चुन सकते हैं। अगर आप मेडिसिन/Medicine  में रुचि रखते हैं तो आप पीसीएमबी/PCMB यानि भौतिकी/Physics, रसायन/Chemistry, गणित/Math, या जीवविज्ञान/Biology  विषय ले सकते हैं। 



कॉमर्स/Commerce संकाय/Stream का चुनाव। Commerce Side 
कॉमर्स संकाय साइंसStream के बाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला स्ट्रीम है। यह स्ट्रीम Business विषय के लिए सबसे उपयुक्त होता है। अगर आप स्टैटिक्स/Statics, फायनांस/Finance, बंकिन/Banking या इकोनॉमिक्स/Economics के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो ये स्ट्रीम आपके लिए सबसे बेहतर है। इस साइड से पढाई करने के बाद आप CA/चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, CS/कंपनी सेक्रेटरी, Accountant/एकाउंटेंट, SB/निवेश बैंकिंग और EA/वित्तीय सलाहकार जैसे उच्च तनख्वाह वाले  पद पर काम करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए 12 वीं के बाद आपको इनसे सम्बंधित ज्ञानक्षेत्र का चुनाव करना होगा। 

कॉमर्स/Commerce स्ट्रीम में छात्र के रूप में आपको बिजनेस/Business, इकोनॉमिक्स/Economics, एकाउंटेंसी/Accountancy, बिजनेस स्टडी/Business Study और बिजनेस लॉ/Business Law आदि मूल विषयों की पढाई करनी होती है। इन सब के आलावा छात्र को कॉमर्स स्ट्रीम के एक भाग के रूप में अकाउंटिंग/Accounting, ऑडिटिंग/Auditing, इनकम टैक्स/IT, मार्केटिंग/Marketing, जनरल बिजनेस/Genral Business और इकोनोमिक्स/Economics में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस स्ट्रीम में भी आपको एक आवश्यक भाषा का चुनाव करना होता है । 



आर्ट्स/Arts /कला संकाय/मानविकी। Art Side 
जो छात्र साइंस या कॉमर्स संकाय का चुनाव किसी कारणवश नहीं करते आगे पढ़ने वाले वो सभी छात्र आर्ट/Art स्ट्रीम का चुनाव करते हैं। आजकल ज्यादातर छात्र इस  नहीं करना चाहते, देखा जाये तो इस स्ट्रीम से पढाई करने के बाद भी अवसरों की भरमार है। इस स्ट्रीम का चुनाव वो छात्र भी करते हैं जो साइंस या कॉमर्स स्ट्रीम के होते हैं, लेकिंग उनकी अभिरुचि के कारण आर्ट का चुनाव करते हैं। आजकल आर्ट्स के छात्रों के पास भी आगे चलकर बहुत ही अच्छे करियर विकल्प मौजूद हैं। आर्ट स्ट्रीम आपको बहुत ऑफ-बीट और रोमांचक करियर चुनने के अवसर प्रदान करती है। आर्ट स्ट्रीम का छात्र स्टूडेंट जर्नलिज्म/Generalism, लिटरेचर/Literature, सोशल वर्क/Social Work, एजुकेशन/Education और अन्य कई प्रकार के करियर विकल्पों को चुन सकता है। 

आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के पास बहुत से विषयों में से उनके पसंदीदा विषय चुनने का विकल्प होता है। इन विषयों में से छात्र कोई भी विषय चुन सकता है जिनमे समाजशास्त्र/Social Science, इतिहास/History, साहित्य/Literature, मनोविज्ञान/Psychology, राजनीति विज्ञान/ Political Science, दर्शन/Philosophy , अर्थशास्त्र/Economics इत्यादि विषयों का  अध्ययन कर सकता है। इस स्ट्रीम में भी आपको एक अनिवार्य भाषा का चयन करना होता है।    


उपरोक्त जानकारी के बाद भी, अगर आपको लगता है कि आप स्ट्रीम/Stream के चयन को लेकर भ्रमित/Confuse और अनिश्चित/Unstable हैं, तो आपको इस बारे में अपने माता-पिता, प्रोफेशनल काउंसलर या सीनियर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। आजकल बहुत सारे और भी करियर विकल्प मौजूद हैं जो दसवीं के बाद आपकी आप चुन सकते हैं।  मेरी सलाह यही है की अगर आप माता-पिता, प्रोफेशनल काउंसलर या सीनियर की सलाह लेते हैं तो वो सही दिशा चुनने में आपकी बहुत मदद करेंगे। 

सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास करें। 
किसी भी काम की सफलता के पीछे हमारे द्वारा सही समय पर लिए गए सही निर्णय का बहुत योगदान होता है। इसलिए मैं आपसे यही कहूंगा की कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने बड़े/सीनियर्स, माता-पिता, अध्यापक या अन्य अभिभावक से राय-मश्वरा जरूर करना चाहिए। इस बात का हमेशा ध्यान रखें की यह बात आपके लिए कितनी सही है, और इस बात के क्या दूरगामी परिणाम आपके लिए हो सकते हैं। आपको अपने खुद के अंदर ही सहीं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना होता है। आप ये भी मान के चलें की आपके द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय आपके जीवन का आखिरी निर्णय नहीं होता। आप समाज में कहीं पर भी जाएँ हर जगह आपमें सही निर्णय लेने की परख की पहचान की जाएगी। सही निर्णय लेने की क्षमता पर ही आपका करियर कुछ हद तक निर्भर भी करता है। इसीलिए आपको दसवीं के बाद सही निर्णय लेने की कोशिश करनी चाहिए।  इस कोशिश से आपके अंदर तार्किक क्षमता का विकास होगा जो आने वाले जीवन में आपके लिए बहुत ही सही साबित होगा।   

जब आप छोटे होते हैं तो आपसे सम्बंधित हर चीज का निर्णय आपके माता-पिता/अभिभावक ही लेते है। लेकिन दसवीं की परीक्षा के बाद आप अपने लिए अपने करियर से जुड़े Options के चुनाव के लिए आजाद होते हैं। इसलिए दसवीं के बाद आपको क्या करना है, यह निर्णय अब आपको ही सही तरीके से करना है। हो सकता है कुछ निर्णय को लेने से पहले आप कंफ्यूज हो जाएँ, तो इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं, आप इसके लिए किसी से परामर्श भी ले सकते हैं।  



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