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Friday, March 22, 2019

क्या है लोकपाल, कैसे काम करेगा लोकपाल? What is Lokpal?

दोस्तों नमस्कार आपका हमारे वेब पोर्टल पर बहुत स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से संबधित आर्टिकल और सामान्य ज्ञान हेतु विभिन्न प्रकार आर्टिकल पोस्ट करते हैं। आज हम आपके लिए लाये है लोकपाल से सम्बंधित जानकारी। इसमें हम जानेंगे की लोकपाल क्या है इसके अधिकार क्षेत्र क्या-क्या हैं। 
What is Lokpal?

लोकपाल क्या है? What is Lokpal?
लोकपाल कोई भी उच्च सरकारी पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें सुनने एवं उस पर कार्यवाही करने के लिए बनाया गया पद है, हमारे देश का पहला लोकपाल सुप्रीम कोर्ट/Supreme Court के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष/Justice P.C.Ghosh को नियुक्त किया गया हैं। इसके साथ ही लोकपाल के सदस्यों के रूप मेें जस्टिस दिलीप बी भोसले, जस्टिस पीके मोहंती, जस्टिस अभिलाषा कुमारी, जस्टिस एके त्रिपाठी, दिनेश कुमार जैन, अर्चना रामसुंदरम, महेंद्र सिंंह, डॉ: आईपी गौतम की भी नियुक्ति की गई है। इस कानून में लोकपाल/Lokpal को बहुत सारी शक्तियां दी गई हैं। लोकपाल को हमारे देश के प्रधानमंत्री से लेकर सभी सरकारी अधिकारियों की जांच का पूरा अधिकार है।


अन्ना हज़ारे/Anna Hazare  के आंदोलन के बाद राष्ट्रपति ने पांच साल पहले ही इस कानून को स्वीकृति दे दी थी। इस एक्ट में आठ सदस्य तक हो सकते हैं। लोकपाल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला सदस्यों की संख्या 50 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। सदस्यों का वेतन सुप्रीम कोर्ट के जजों के बराबर ही होगा, जबकि लोकपाल/लोकायुक्त का वेतन चीफ जस्टिस के बराबर होगा। 

What is Lokpal?

चयन के बाद क्या लोकपाल में कोई विंग का गठन किया जाएग?
लोकपाल में एक इन्क्वॉयरी/Enquary विंग भी होगा जो लोक सेवकों पर लगे आरोपों को लेकर जांच कर सकेगा। इसमेंं एक प्रोजेक्यूसन/Prosecution विंग भी होगा जो इस एक्ट/Act के अंतर्गत लोकपाल की शिकायतों को लेकर लोक सेवकों पर अभियोग/मुकदमा चला सकेगा। 


इसमें राज्यों के लिए क्या प्रावधान है?
इसमें प्रत्येक राज्य को लोकायुक्त संस्था का अपने राजय के अंदर गठन करना होगा। 
जाँच प्रक्रिया किस प्रकार से होगी?
जांच किसी लोक सेवक के खिलाफ शिकायत मिलने पर लोकपाल प्राथमिक जांच का आदेश दे सकता है, या किसी भी एजेंसी को जांच का आदेश दे सकता है।
जाँच के लिए तय समय सिमा क्या है?
इसमें किसी भी उच्च पद आसीन अधिकारी के खिलाफ अगर कोई जाँच होगी तो उसे 90 दिनों के अंदर ही पूरा करना होगा। 
जाँच के दायरे में कौन-कौन आएग? 
इसके सभी उच्च पद पर आसीन लोगों आते हैं साथ ही इस दायरे में प्रधानमंत्री के खिलाफ भी जांच हो सकती है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। प्रधानमंत्री के खिलाफ अगर आरोप अंतरराष्ट्रीय संबंध, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, बाहरी और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित होंगे तो यह कानून लोकपाल जांच की अनुमति नहीं देता है। प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायतों की जांच तब तक नहीं हो सकती है, जब तक लोकपाल की पूर्ण पीठ यानि सभी सदस्य जांच शुरू करने पर विचार नहीं करती है। साथ ही इसमें कम से कम दो तिहाई सदस्य इसे स्वीकृति नहीं प्रदान कर देते हैं।


दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।


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