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1G, 2G, 3G, 4G ओर 5G टेक्नोलॉजी क्या है? What is 1G, 2G, 3G, 4G, 5G technology?

नमस्कार दोस्तो, आपका हमारे वेब पोर्टल LSHOMETECH पर बहुत स्वागत है, हम अपने इस पोर्टल पर Technology ओर Education से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी आप लोगों के साथ शेयर करते हैं। आपको हमारी वेबसाइट पर हर प्रकार की आधुनिक टेक्नोलॉजी चाहे वो कंप्यूटर के क्षेत्र की हो या मोबाइल के क्षेत्र की, इनके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। आज के इस Technology Blog में हम आपको अब तक Network टेक्नोलॉजी में हुए बदलाव ओर उसकी Generation के बारे में बताएंगे, जिन्हें हम 1G, 2G, 3G, 4G ओर 5G के नाम से जानते हैं। फिलहाल 4G टेक्नोलॉजी अपने चरम पर है, ओर 5G टेक्नोलॉजी अभी अपने शुरुआती दौर में है। तो आइए जान लेते हैं कि इन सभी मोबाइल सेवा तकनीकों में क्या-क्या अंतर है।
What is Network Technology Generation

1G तकनीक/1G Technology
इस तकनीक को विश्व मे Wireless Telephony की पहली तकनीक के नाम से जाना जाता है, ओर इसे पहली बार अमेरिका में इस्तेमाल किया गया था। मोबाइल नेटवर्क की ये तकनीक दुनिया के सामने 1980 में आई थी, ओर लगातार12-13 सालों तक इसका इस्तेमाल किया गया। 1G टेक्नोलॉजी में Data की ट्रेवलिंग स्पीड 2.4 Kbps थी। इस तकनीक की कुछ कमियां थी, जैसे कि - तब इसमें रोमिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं था, ओर दूसरी कमी इस नेटवर्क पर आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई देती थी, यानी आवाज की क्वालिटी काफी खराब थी, साथ ही ये नेटवर्क उस वक़्त के भारी मोबाइल हैंडसेट की बैटरी को भी बहुत ज्यादा खपत करता था। 1G मोबाइल नेटवर्क तकनीक Analog Signal पर आधारित तकनीक थी।

2G तकनीक/2G Technology
इस तकनीक का ईजाद साल 1991 में Finland में हुआ। यह तकनीक GSM/Global System for Mobile Communication पर आधारित है, जिसे जीएसएम टेक्नोलॉजी कहा जाता है। 2G तकनीक में पहली बार Digital Signal का प्रयोग किया गया था। इस तकनीक के आने के बाद से ही फोन कॉल के अतिरिक्त Picture, Text ओर Multimedia मैसेज एक मोबाइल से दूसरे पर भेजे जाने लगे थे। इस तकनीक में काफी कम ऊर्जा की खपत होती है, ओर मोबाइल की बैटरी ज्यादा देर तक चलती है। 2G में Data ट्रेवलिंग की स्पीड 50,000 Bps तक हो सकती है। ये तकनीक प्रमुख रूप से आवाज के सिग्नल को प्रसारित करती है। इस तकनीक से आप डाटा को अपलोड ओर डाउनलोड 236 Kbps की गति से कर सकते हैं। इसी तकनीक के विकसित रूप को 2.5G ओर 2.7G का नाम दिया गया था, जिसमे डाटा के आदान-प्रदान की गति और भी तेज थी।

3G तकनीक/3G Technology
इस तकनीक ने मोबाइल की दुनिया में एक क्रांति ला दी थी, इसी तकनीक के कारण आज हमारे हाथों में Smartphone है। इस तकनीक की शुरुआत साल 2001 में जापान में हुई। 3G तकनीक को ITU/International Telecommunication Union ने ईजाद किया था। इस तकनीक के आ जाने के बाद Text, Image और Video के अलावा मोबाइल टेलीविजन/Mobile Television और वीडियो कांफ्रेसिंग/Video Conferencing या वीडियो कॉल करना आसान हो गया। 3G तकनीक में Data ट्रेवलिंग स्पीड 40 लाख Bps होती है। इस तकनीक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल इंटरनेट और डाटा Transfer में किया जाता है। 2G नेटवर्क के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा Secure होती है, क्योंकि इसमें सारा डाटा Encrypted होता है। 3G में डाउनलोड स्पीड 21 Mbps ओर अपलोड स्पीड 5.7 Mbps होती है। इस तकनीक ने ही नई पीढ़ी के मोबाइल को जन्म दिया था।

4G तकनीक/4G Technology
इस तकनीक की शुरुआत साल 2010-11 में ITU द्वारा की गयी थी। 4G तकनीक को मोबाइल नेटवर्क तकनिकी की चौथी पीढ़ी कहा जाता है। इसमें आप 100 Mbps से लेकर 4 Gbps तक की स्पीड से डाटा को अपलोड और डाउनलोड कर सकते हैं। ये तकनीक Global Roaming को सपोर्ट करती है, और इसमें सिक्योरिटी के फीचर 3G के मुकाबले कहीं ज्यादा है। किसी भी मोबाइल में 4G टेक्नोलॉजी के यूज़ के लिए बेहतरीन और जटिल Hardware की जरुरत होती है। इस तकनीक में 2G और 3G के मुकाबले कुछ कमियां भी है, जैसे कि 4G तकनीक से युक्त मोबाइल की बैटरी कम चलती हैं। 4G तकनीक की नेटवर्क संरचना को तैयार करने में बहुत ही महंगे उपकरणों की जरुरत होती है, इसलिए ये एक महंगी तकनीक है और इसके कारण ही 4G युक्त मोबाइल भी महंगे होते हैं। जैसे-जैसे ये तकनीक आम होती जा रही है, इसका असर 4G उपकरणों पर भी पड़ रहा है,  जिसके कारण मोबाइल फोन और नेटवर्क इक्विपमेंट्स दोनों की कीमतों में कमी आ रही है। फ़िलहाल दुनिया के विकसित देशों में ही 4G तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी इस पर इस्तेमाल किये जाने वाले डाटा की स्पीड है, जो की ख़राब से खराब नेटवर्क पर भी आपको 50 Mbps की स्पीड दे सकता है। 4G तकनीक में LTE/Long term Evolution और VoLTE/Voice Over Long term Evolution का इस्तेमाल होता है। 

5G  तकनीक/5G Technology
नेटवर्क इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी द्वारा कई सालों से 5G टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा था, और 2017 में उन्होंने 5G तकनीक लांच करने के लिए पूरी तयारी कर ली थी। 5G तकनीक को मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं पीढ़ी कहा जाता है। इस तकनीक को WWWW/Wireless World Wide Web (मोबाइल इंटरनेट) को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस तकनीक के माध्यम से बड़े स्तर पर डाटा का आदान-प्रदान किया जा सकता है। इसमें HD Quality की Videos के साथ किसी भी प्रकार का Multimedia प्रसारित किया जा सकता है। इस तकनीक से HD Video Calling और Ultra High Definition Voice क्वालिटी का मजा लिया जा सकेगा। इसमें 1 Gbps की स्पीड से डाटा ट्रेवल कर सकेगा, फ़िलहाल तक इसकी एक्यूरेट डाटा स्पीड को डिफाइन नहीं किया गया है फिर भी ये हमारी सोच से ज्यादा होगा। इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खूबी यही है की इसमें डाटा को बड़ी तेज गति से आदान-प्रदान किया जा सकेगा, और ये तकनीक हमारे लिए Augmented Reality/संवर्धित वास्तविकता के क्षेत्र में नए आयाम प्रदान करेगी। इस तकनीक से आप फोन कॉल या वीडियो कॉल पर बिलकुल आमने-सामने जैसा अहसास करेंगे। एक अनुमान के मुताबिक साल 2020 तक 5G तकनीक आम रूप से काम करने लगेगी। दक्षिण कोरिआ दुनिया का पहला देश है जिसने 5G तकनीक को 2019 में लागु कर दिया है। हमारे देश में भी 5G तकनीक 2020 के अंत तक अधिकांश क्षेत्रों में शुरू हो जाएगी। शुरुआती दौर में 5G तकनीक थोड़ी महंगी होगी, क्यूंकि इसके लिए सभी कंपनियों द्वारा सभी नेटवर्क प्रोवाइडर इक्विपमेंट नई तकनीकी युक्त लगाने होने, जो की काफी महंगे होंगे, और साथ ही इसे प्रयोग करने के लिए 5G तकनीक युक्त मोबाइल भी खरीदने होंगे। 5G तकनीक से युक मोबाइल अभी बहुत महंगे हैं, किसी भी समान्य से 5G मोबाइल मोबाइल की कीमत फ़िलहाल 35 हज़ार रूपये से ऊपर है, अभी भारत में Realme X50 5G Mobile और iQOO 3 5G मोबाइल ही उपलब्ध है। आने वाल समय में और भी बहुत सी कंपनियां अपने सस्ते 5G मोबाइल लांच करेंगी, जिनकी कीमत लगभग 20 हज़ार रूपये के आस-पास हो सकती है।    

तो दोस्तो आशा करता हूँ कि आपने हमारे द्वारा दी गयी जानकरी से जरूर कुछ सीखा होगा और जाना होगा। इसकी प्रकार की और जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिये, हम हर रोज टेक्नोलॉजी से जुड़े आर्टिकल यहाँ पर पोस्ट करते हैं, ताकि आप लोगों तक जल्द से जल्द नयी टेक्नोलॉजी की जानकारी पहुँचती रहे। आप हमारे द्वारा दी गयी इस जानकारी को अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें, ताकि वो लोग भी कुछ जानकारी पा सकें। 


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