जीपीएस/GPS क्या है और कैसे काम करता है? What is GPS and how it works? - LS Home Tech

Home Top Ad

Post Top Ad

Friday, December 13, 2019

जीपीएस/GPS क्या है और कैसे काम करता है? What is GPS and how it works?

दोस्तों नमस्कार, हमारे वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। हम अपने इस पोर्टल पर Technology और Education से जुड़े आर्टिकल लिखते हैं। हमारे सभी आर्टिकल ज्ञान वृद्धि के लिए बहुत काम के होते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे की जीपीएस/GPS क्या होता है और कैसे काम करता है?
What is GPS and how it works?

आजकल शायद ही कोई ऐसा होगा जो जीपीएस के बारे में न जनता होगा, क्यूंकि आजकल हर जगह आपके मोबाइल में, गाड़ियों में आपको जीपीएस नाम की चीज मिल ही जाएगी। आइये अब जान लेते हैं जीपीएस/GPS क्या है और कैसे काम करता है?
What is GPS and how it works?
GPS दरअसल एक प्रकार की टेक्नोलॉजी का नाम है, साथ आपको ये भी बतादूँ की जीपीएस नाम की डिवाइस भी होती है, असल में दोनों का काम एक ही होता है। GPS यानि ग्लोबल पॉजिस्निंग सिस्टम/Global Positioning System एक ऐसी तकनीक/Technology है जिसका प्रयोग हम कहीं से भी किसी भी वस्तु की सही लोकेशन/Location का पता लगाने के लिए करते हैं। जीपीएस/GPS ग्लोबल सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम/Global Satellite Navigation System टेक्नोलॉजी पर काम करता है। 

जीपीएस/GPS टेक्नोलॉजी को सबसे पहले यु-एस डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स/US Department Of Defense ने साल 1973 में मिलिट्री उपयोग के लिए बनाया था। कुछ सालों बाद साल 1995 में इसे सार्वजनिक प्रयोग के लिए शुरू कर दिया गया। उसके बाद इसका प्रयोग लगभग हर जगह होने लगा। हो सकता है आपने कभी न कभी अपने फोन में इसे इस्तेमाल किया हो। जब भी आप अपने मोबाइल में कोई नई एप्प इनस्टॉल करते हैं तो आपको लोकेशन के लिए परमिशन देना पड़ता है,वो आपकी लोकेशन को जीपीएस के माध्यम से ही डिटेक्ट करता है। आप बहुत बार गूगल मैप/Google Map का भी प्रयोग करते हों शायद। जब कभी हम कहीं बाहर अनजान जगह जाते हैं और रास्ता भूल जाते है तब हम मोबाइल जीपीएस या मैप की मदद से रास्ता आसानी से ढूंढ़ सकते हैं।  

कैसे काम करता है जीपीएस/GPS!
जीपीएस सैटेलाइट नेविगेशन/Satellite Navigation की मदद से काम करता है। हमारे ऊपर अंतरिक्ष में बहुत सी सैटेलाइट लगी हुई है जो बहुत ही ऊंचाई पर स्थित होती है। हमारी लोकेशन या हमारी जीपीएस डिवाइस हर वक़्त चार अलग-अलग नजदीकी सैटेलाइट से जुडी रहती है। इसके बाद हमारे डिवाइस द्वारा सैटेलाइट को जानकारी भेजी जाती है जिसे डिकोड/Decode करके सैटेलाइट हमें लोकेशन की सही जानकरी देता है। यहाँ ये ध्यान रखने वाली बात है की आपका जीपीएस डिवाइस केवल इंटरनेट कनैक्टिविटी के साथ ही काम करेगा। 

हमारे और आर्टिकल पढ़ने के लिए मोबाइल में हमारी पोस्ट ओपन करने के बाद सबसे निचे View Web Version पर क्लीक करें, ताकि आप हमारे बाकि की पोस्ट भी पढ़ सकें।
दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकरी अच्छी लगी तो, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक Share करे तथा इस आर्टिकल संबंधी अगर किसी का कोई भी सुझाव या सवाल है तो वो हमें जरूर लिखें।
Join us :
My Facebook :  Lee.Sharma

No comments:

Post a Comment

Featured Post

5G टेक्नोलॉजी के फायदे और नुकसान। Advantages and Disadvantages of 5G Technology.

जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विकास होता जा रहा है, टेक्नोलॉजी हमारे जीवन को समृद्ध बना रही है, इसके बहुत से फायदे होने के साथ ही कुछ नुकसान भी ...

Contact Form

Name

Email *

Message *

Newsletter

Advertisement

Post Top Ad

Your Ad Spot