Skip to main content

5G टेक्नोलॉजी क्या है? What is 5G technology?

आज हम साल 2020 में आ चुके हैं, और ये साल पूरी तरह से नयी टेक्नोलॉजी 5G इम्प्लीमेंटेशन में जाने वाला है। 5G टेक्नोलॉजी के बारे में पिछले करीब 2-3 सालों से जोर-शौर से चर्चा हो रही है, और अब चाइना, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में इसका इस्तेमाल शुरू भी हो चुका है। हमारा देश भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया के कुछ गिने-चुने देशों में शामिल है, इसलिए हम भी 5G नेटवर्क के क्षेत्र में  शामिल होना चाहते हैं जिन्होंने 5G टेक्नोलॉजी का प्रयोग शुरू कर दिया है।
5G technology kya hai?

5G टेक्नोलॉजी क्या है? What is 5G technology?
5G मोबाइल नेटवर्क की पांचवी जनरेशन/पीढ़ी है, 5G को आप इस तरह से सोचिए कि ये आपके 4G नेटवर्क की स्पीड का 100 गुना है। 4G की तरह ही, 5G टेक्नोलॉजी भी उसी मोबाइल नेटवर्किंग सिद्धांत पर आधारित है। 5G टेक्नोलॉजी एक सॉफ्टवेयर आधारित नेटवर्क सिस्टम है, जिसे Wireless Network की स्पीड और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए निर्मित किया गया है। यह तकनीक Data Quantity को भी बढ़ाती है, जो वायरलेस नेटवर्क को Transmit किया जा सकता है। यह तकनीक पांचवी पीढ़ी की वायरलेस, अल्ट्रा लो लेटेन्सी/Ultra Low Latency  (फोन और टावर के बीच सिग्नल की स्पीड) और मल्टी-जीबीपीएस/GBPS डेटा स्पीड ट्रांसमिट करने में सक्षम है।  

नेटवर्क इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी द्वारा कई सालों से 5G टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा था, और 2017 में उन्होंने 5G तकनीक लांच करने के लिए पूरी तयारी कर ली थी। 5G तकनीक को मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं पीढ़ी कहा जाता है। इस तकनीक को WWWW/Wireless World Wide Web (मोबाइल इंटरनेट) को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस तकनीक के माध्यम से बड़े स्तर पर डाटा का आदान-प्रदान किया जा सकता है। इसमें HD Quality की Videos के साथ किसी भी प्रकार का Multimedia प्रसारित किया जा सकता है। इस तकनीक से HD Video Calling और Ultra High Definition Voice क्वालिटी का मजा लिया जा सकेगा। इसमें 1 Gbps की स्पीड से डाटा ट्रेवल कर सकेगा, फ़िलहाल तक इसकी एक्यूरेट डाटा स्पीड को डिफाइन नहीं किया गया है फिर भी ये हमारी सोच से ज्यादा होगा। इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खूबी यही है की इसमें डाटा को बड़ी तेज गति से आदान-प्रदान किया जा सकेगा, और ये तकनीक हमारे लिए Augmented Reality/संवर्धित वास्तविकता के क्षेत्र में नए आयाम प्रदान करेगी।

इस तकनीक से आप फोन कॉल या वीडियो कॉल पर बिलकुल आमने-सामने जैसा अहसास करेंगे। एक अनुमान के मुताबिक साल 2020 तक 5G तकनीक आम रूप से काम करने लगेगी। दक्षिण कोरिआ दुनिया का पहला देश है जिसने 5G तकनीक को 2019 में लागु कर दिया है। हमारे देश में भी 5G तकनीक 2020 के अंत तक अधिकांश क्षेत्रों में शुरू हो जाएगी। शुरुआती दौर में 5G तकनीक थोड़ी महंगी होगी, क्यूंकि इसके लिए सभी कंपनियों द्वारा सभी नेटवर्क प्रोवाइडर इक्विपमेंट नई तकनीकी युक्त लगाने होने, जो की काफी महंगे होंगे, और साथ ही इसे प्रयोग करने के लिए 5G तकनीक युक्त मोबाइल भी खरीदने होंगे। 5G तकनीक से युक मोबाइल अभी बहुत महंगे हैं, किसी भी समान्य से 5G मोबाइल मोबाइल की कीमत फ़िलहाल 35 हज़ार रूपये से ऊपर है, अभी भारत में Realme X50 5G Mobile और iQOO 3 5G मोबाइल ही उपलब्ध है। आने वाल समय में और भी बहुत सी कंपनियां अपने सस्ते 5G मोबाइल लांच करेंगी, जिनकी कीमत लगभग 20 हज़ार रूपये के आस-पास हो सकती है।

5G Technology Sub-6 Band में काम करने में सक्षम है, इस बैंड की फ्रीक्वेंसी सामान्य तौर पर 3Ghz-6Ghz के बिच की होती है। आज के जमाने के लगभग सभी डिवाइस जैसे- Mobile, Tablet और Laptop सभी इसी Frequency पर काम करते हैं, जिनकी क्षमता काफी अधिक होती है। फ़िलहाल इस तकनीक को और ज्यादा विकसित करने के उपायों पर जोर-शोर से काम चल रहा है। इस तकनीक पर Research करने वाले 24Ghz-300Ghz स्पेक्ट्रम पर काम करने की क्षमता को विकसित करने में लगे हुए हैं। आइये जान लेते हैं की 5G टेक्नोलॉजी किन बेसिक तकनीक पर काम करती है। 

5G टेक्नोलॉजी का बेस इन पांच तकनीकों से बना है। 
➧मिलीमीटर वेव/Millimeter Wave
➧स्पीड सेल्स/Speed Cells
➧मैक्सिमम MIMO/Maximum MIMO
➧बीमफॉर्मिंग/Beamforming
➧फुल डुप्लेक्स/Full Duplex


1. मिलीमीटर वेव/Millimeter Wave
मिलीमीटर वेव जिसे mmWave भी कहते हैं। Milliliter Wave 5G काफी डाटा को Acquire करता है, जो 1Gbps/जीबी प्रति सेकेंड की स्पीड से डेटा के ट्रांसफर को संभव बनाता है। ये टेक्नोलॉजी फिलहाल अमेरिका में Verizon Communication और AT&T जैसे टेलीकॉम ऑपरेटर इस्तेमाल कर रहे हैं। 

2. स्पीड सेल्स/Speed Cells
इस टेक्नोलॉजी का दूसरा सबसे बड़ा आधार है स्पीड सेल्स। Millimeter Wave में Range के साथ काफी दिक्कत आ सकती है, जिनका समाधान स्पीड सेल्स/Speed Cells करता है। कारण ये होता है की मिलीमीटर वेव किसी भी तरह की रूकावट के अंदर काम नहीं करता, यही कारण है की Main Cell Tower से Signal रिले करने के लिए एक विस्तृत एरिया में बहुत से Mini Cell Tower लगाए जाते हैं। इन Mini Cell Tower को परंपरागत टावर की तुलना में कम दूरी पर रखा जाता है. ताकि यूजर्स/Users को बिना किसी रुकावट के 5G सिग्नल मिल सके। 

3. मैक्सिमम MIMO/Maximum MIMO
इस टेक्नोलॉजी का तीसरा आधार है, मैक्सिमम MIMO/Maximum MIMO यानि Multiple Input and Multiple Output आधारित संरचना। इस तकनीक के माध्यम से Network Traffic को Manage किया जाता है, यानि कि ये किसी भी एरिया की 5G Cellular Service को निरंतर कार्यांविंत रखता है। यह तकनीक एक साथ 100 Antenna को एक साथ सपोर्ट कर सकती है, जो की ज्यादा लोड होने पर टावर की क्षमता को बढ़ा सकती है। 

4. बीमफॉर्मिंग/Beamforming
इस तकनीक के माध्यम से Frequency के सभी Source को मॉनिटर किया जाता है। किसी भी Signal के जैम हो जाने या Block हो जाने पर उसे किसी दूसरे मजबूत और High Bandwidth वाले टावर पर Switch कर देती है। इसके द्वारा सिग्नल की दिशा का निर्धारण भी किया जा सकता है।   
5. फुल डुप्लेक्स/Full Duplex
Full Duplexतकनीक के माध्यम से एक समान Frequency Band में एक साथ डाटा को Transmit और Receive किया जा सकता है। इसकी कार्यप्रणाली 2-Way Road की तरह होती है, जिसमें दोनों और से समान ट्रैफिक आ-जा सकती है। 

तो दोस्तों आशा करता हूँ की आपको हमारे द्वारा दी गई ये जानकारी पसंद आयी होगी। अगर इससे सम्बंधित आप कोई सलाह या सुझाव हमें देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आप हमारे दूसरे आर्टिकल के लिए हमें सब्सक्राइब भी कर सकते हैं। आप हमें कमेंट करके बता भी सकते हैं कि आपको किसी विषय पर हमारी वेबसाइट पर जानकरी चाहिए, हम जल्द से जल्द वो जानकारी हमारी वेबसाइट पर आपके लिए उपलब्ध करने की कोशिश। हमारी इस जानकारी को दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। धन्यवाद 
Join us :
My Facebook:  Lee.Sharma


हमारे और आर्टिकल यहाँ पढ़ें :







Comments

Popular posts from this blog

आर्मी ऑफिसर कैसे बने। how to become Indian Army officer, what is NDA?

प्यारे बच्चो नमस्कार
में हमारी इस ब्लॉग वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल लिखता हूँ, ऐसे आर्टिकल जो बच्चों के आने वाले भविष्य में काम आ सकें। हमारे आर्टिकल आपको किसी भी जॉब की पूर्ण जानकारी देने वाले होते हैं। हमारी इस जानकारी के माध्यम से बच्चे सही दिशा का चुनाव कर अपने भविष्य को सफल बना सकते हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं कि आप भारतीय सेना में एक ऑफिसर कैसे बन सकते हैं, बेशक वो थल सेना, वायु सेना या जल सेना ही क्यों न हो। अगर आपमे देश सेवा करने का जज्बा है तो आप इस क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं, ऐसा नही की आपमे देश सेवा का जज्बा हो और आप इसमें जा सकते हैं, इसके लिए आपको बहुत मेहनत भी करनी पड़ेगी। अगर आप पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं तभी आप इसमें सेलेक्ट हो सकते हैं। आइये जान लेते हैं NDA क्या है?
NDA यानी "National Defense Academy" ओर हिंदी में इसे "राष्ट्रीय रक्षा अकादमी" कहा जाता है, NDA दुनिया की पहली ऐसी अकादमी है जिसमे तीनो विंगों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
आर्मी अफसर कैसे बने!
भारतीय सेना की तीन विंग हैं, army, air force and navel, अ…

Architecture क्या है ? Architect कैसे बने!

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की Architect क्या होता है? कृपया पूरी जानकारी के लिए पूरी पोस्ट को पढ़ें, साथ ही टेक्नोलॉजी से जुडी किसी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे वेबसाइट के बाईं/Left और दिए गए दूसरे आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

आज का जो हमारा विषय है वो है आर्किटेक्ट कैसे बने और आर्किटेक्चर है क्या?  सबसे पहले इन दोनों शब्दों का हिंदी में अगर अनुवाद करे तो  आर्किटेक्चर का मतलब है - वास्तुकला
और  आर्किटेक्ट का मतलब है - वास्तुकार
यदि आपकी भी रुचि आर्किटेक्ट बनने की है, या फिर आपको भी नए-नए प्रारूप /डिजाइन बनाने का शौक है या फिर आप नई-नई इमारतों के बारे में प्लान या नक्शे बनाने का शौक रखते हैं तो आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग आपके लिए सबसे बढ़िया रास्ता है जो आपको आपकी मनचाही मंजिल तक ले जाने में आपकी सहायता करेगा।
पहले जान लेते हैं आर्किटेक्चर या वास्तुकला क्या है?
दोस्तो वास्तुकला ललितकला की ही एक शाखा है, व…

DPC क्या होती है? What is DPC?

दोस्तों नमस्कार
                        आज के इस लेख में हम बात करेंगे की डीपीसी क्या होती है? और इसकी घर बनाते वक्त क्या जरूरत है यानी दीवारों के ऊपर डीपीसी लगाने की हमें क्या जरूरत पड़ती है किस कारण या किस चीज़ की रोकथाम के लिए हम डीपीसी लगाते हैं। साधारण दीवार के ऊपर भी आप इसको लगा सकते हैं।
डीपीसी क्या होती है?
दोस्तों आइए पहले जान लेते हैं कि डीपीसी का मतलब क्या होता है डीपीसी का मतलब होता है "Dump Proofing Course" यानी नीवं ओर ऊपरी दीवार के बीच  का जुड़ाव कहे  या व्यवधान कह सकते हैं जो कि आप के घर की सीलन या नमि को दीवारों में ऊपर चढ़ने से रोकता है और आपकी जो दीवारें हैं सदैव अच्छी बनी रहती है। सीलन नहीं होगी तो आप जो प्लास्टर करते हैं पेंट करते हैं वह कभी नहीं झडेगा या उखड़ेगा,वह बिल्कुल सही रहता है हमेशा हमेशा लंबे समय तक टिकाऊ बना रहता है। 
डीपीसी की जरूरत क्या है हमें!
प्यारे मित्रों जो डीपीसी होती है वह दो प्रकार की आप यूज़ कर सकते हैं दोनों डीपीसी के प्रकार में आपको बताऊंगा कि कौन-कौन से प्रकार होते हैं देखिए सबसे पहले जब भी हम हमारे घर की नींव का निर्माण करते हैं उ…