Skip to main content

Li-Fi क्या होता है? What is Li-Fi?

सबसे पहले तो आप सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, जैसा कि आप सभी को पता ही होगा की हम अपने सभी ब्लॉग में Technology और Education से जुड़े पोस्ट ही आपके साथ शेयर करते हैं, जो आधुनिक जमाने की हर टेक्नोलॉजी का ज्ञान आपको देते हैं। आज की इस पोस्ट में हम एक क्रन्तिकारी अविष्कार जिसे LI-Fi के नाम से जाना जाता है, उसके बारे में विस्तार से वर्णन करेंगे। 
What is Li-Fi Technology?

Li-Fi क्या होता है? What is Li-Fi?
Li-Fi आधुनिक जमाने की उन्नत होती हुई टेक्नोलॉजी है जिसका पूरा नाम है Light Fidelity, जो कि पूरी तरह से High-Speed Optical Wireless Technology. इस प्रकार की टेक्नोलॉजी में Visible Light यानि ब्लब से निकलने वाली रौशनी का इस्तेमाल Digital Information Transmission हेतु किया जाता है। इस टेक्नोलॉजी की तुलना हम Wi-Fi से कर सकते हैं, क्यूंकि दोनों की Wireless कार्यप्रणाली लगभग मिलती-जुलती ही है, लेकिन फिर भी इनमे काफी अंतर होता है। 

Li-Fi और Wi-Fi में अंतर। 

  • Li-Fi Visible Light Communication का इस्तेमाल करता है, जबकि Wi-Fi Radio Waves से Data Transmission करता है। 
  • Li-Fi एक Optical Communication Technology है जिसमें Visible Light Rays का प्रयोग होता है, जबकि Wi-Fi Micro Wave Based Technology है। 
  • Li-Fi Technology में डाटा ट्रांसफर गति बहुत ही ज्यादा करीबन 224 GBPS होती है, जबकि Wi-Fi की डाटा ट्रांसफर गति बहुत ही कम होती है। 
  • Li-Fi टेक्नोलॉजी आपको इंटरनेट के साथ रौशनी भी देगी, जबकि Wi-Fi केवल आपको इंटरनेट पर डाटा ट्रान्समिसन की परमिशन ही देता है। 

Li-Fi काम कैसे करेगा?
Li-Fi  भी बिलकुल उसी तरह से काम करता है जैसे बाकि के दूसरे Internet Device या Internet Technology काम करती है, फिर भी इसके काम करने की प्रक्रिया को समझने के लिए आपको इसके द्वारा प्रयोग किये जाने वाले कुछ Components के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। Li-Fi  टेक्नोलॉजी में मुख्य रूप से तीन कॉम्पोनेन्ट प्रयोग किये जाते हैं, जो है Lamp Driver, LED Lamp/Blub और Photo Dectector. इन तीनो Components के साथ साथ आपको एक Internet Connection भी चाहिए। LED Lamp/Blub में कुछ खास बात होती है जो इस टेक्नोलॉजी के लिए बहुत ही उपयुक्त है, जैसे कि Light Emitting Diode और Fluorescent Component के कारण Li-Fi के लिए यह एक सही Component है। LED Lamp/Blub में High-Speed Data Rate की जरुरत होती है, और इसमें डाटा भी Light की गति से ट्रांसमिट होता है। 

अब बात आती है कि इससे इंटरनेट कैसे चलेगा? तो यहाँ मैं आपको बतादूँ की इंटरनेट चलाने के लिए Internet Source, Lamp Driver से जुड़ा रहता है, और Lamp Driver, इंटरनेट की तार से आने वाली Information को Led Bulb के अंदर से Transmit करता है। जैसे ही LED में धारा प्रवाहित होती है, या Ligth आती है, वो लाइट  निचे Photo Dectector से टकराते ही, Binary Code में Convert हो जाती है, जिसे हमारा Computer या Mobile Phone Application से उसके सही रूप में Process कर उसे हमारे सामने Audio, Video, Images इत्यादि मूल डाटा के रूप में हमें दिखाता है। 

Li-Fi Technology Sender से Receiver और Receiver से Sender यानि ये Bidirectional System पर भी काम करता है। जैसे Lamp Driver से होते हुए LED Lamp/Blub और इसके बाद Photo Detector से Data Mobile के पास आता है, ठीक वैसे ही डाटा Mobile से वापिस LED Lamp से होते हुए  Receiver के पास जा सकता है।

Li-Fi Technology फायदे और नुकसान। Advantages and Disadvantages of Li-Fi Technology. 
पूरी दुनिया में हर एक चीज के साथ फायदे और नुकसान जुड़े होते हैं, ठीक उसी प्रकार से इस टेक्नोलॉजी के कुछ फायदे और नुकसान भी हैं, जिनका जिक्र हम निचे विस्तार से कर रहे हैं। 

Li-Fi Technology के फायदे। Advantages of Li-Fi Technology.

  • दक्षता/Efficiency:  जैसा कि हम पोस्ट के शुरू में ही बता चुके हैं कि ये Technology, Visible Light Technology पर आधारित है। निश्चित रूप से आपके घर या ऑफिस में LED लाइट ब्लब होते ही हैं, और ये Light के अच्छे Source भी होते हैं जिनके कारण इनकी Data Transmission क्षमता अधिक होती है। अगर आपको Light से परेशानी हो रही हो, तो आप  LED बल्ब की रोशनी को कम कर सकते हैं, और फिर भी आप Internet को उसी गति से इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • उपलब्धता/Availability :  आजकल ऐसी कोई जगह नहीं होगी जहाँ आपको लाइट ब्लब नहीं मिलेंगे, यानि ये हर जगह उपलब्ध होते हैं। जहाँ भी Light मौजूद होगी वहां Internet भी उपलब्ध हो सकेगा, जैसे की Home, Offices, Shops, Malls और Airoplan में भी। 
  • सुरक्षा/Security: इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा ये है की इसे कोई भी यूजर बिना इसकी रौशनी में आये प्रयोग ही नहीं कर सकता, कहने का मतलब ये है कि अगर आप Li-Fi Technology को अपने एक कमरे के अंदर यूज़ कर रहे हैं तो उसकी रौशनी दीवारों के पार नहीं जा सकती और कोई भी उसे दीवारों के पार प्रयोग नहीं कर सकता। LiFi का Signal भी एक कमरे से दुसरे कमरे तक ना जाने के कारण LiFi ज्यादा Secure है। 
Li-Fi Technology के नुकसान। Disadvantages of Li-Fi Technology.
  • बिना Light Source के आप Internet Access नहीं कर सकते हैं, हर बार आपको Light को On करने की आवस्यकता पड़ती है। 
  • इसे एक ही कमरे के अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं, इसका एरिया बहुत ही संकुचित होगा। 
  • यह एक रौशनी होने के कारण दिवार के पार नहीं जा सकती है, इसी वजह से Internet Limited Location पर उपलब्ध होगा। 
  • सूर्य की रौशनी की वजह से Internet Speed में बाधा होने की संभावना है। 
  • नए Li-Fi Connection के लिए अलग से Network बनाना पड़ता है। 
  • फ़िलहाल ये काफी महँगी Technology है। 

तो दोस्तों आशा करता हूँ की Li-Fi Technology के बारे में आपको हमारे द्वारा दी गई ये जानकारी पसंद आयी होगी। मैं अपनी तरफ से हर बार आपको बेहतर जानकारी देने की कोशिश करता हूँ, लेकिन फिर भी इससे सम्बंधित आप कोई सलाह या सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है। आप हमारे दूसरे आर्टिकल के लिए हमें सब्सक्राइब भी कर सकते हैं। आप हमें कमेंट करके बता भी सकते हैं कि आपको किसी विषय पर हमारी वेबसाइट पर जानकरी चाहिए, हम जल्द से जल्द वो जानकारी हमारी वेबसाइट पर आपके लिए उपलब्ध करने की कोशिश। हमारी इस जानकारी को दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। धन्यवाद 
Join us :
My Facebook :  Lee.Sharma
My YouTube : Home Design !deas

हमारे और आर्टिकल यहाँ पढ़ें :



Comments

Popular posts from this blog

आर्मी ऑफिसर कैसे बने। how to become Indian Army officer, what is NDA?

प्यारे बच्चो नमस्कार
में हमारी इस ब्लॉग वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल लिखता हूँ, ऐसे आर्टिकल जो बच्चों के आने वाले भविष्य में काम आ सकें। हमारे आर्टिकल आपको किसी भी जॉब की पूर्ण जानकारी देने वाले होते हैं। हमारी इस जानकारी के माध्यम से बच्चे सही दिशा का चुनाव कर अपने भविष्य को सफल बना सकते हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं कि आप भारतीय सेना में एक ऑफिसर कैसे बन सकते हैं, बेशक वो थल सेना, वायु सेना या जल सेना ही क्यों न हो। अगर आपमे देश सेवा करने का जज्बा है तो आप इस क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं, ऐसा नही की आपमे देश सेवा का जज्बा हो और आप इसमें जा सकते हैं, इसके लिए आपको बहुत मेहनत भी करनी पड़ेगी। अगर आप पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं तभी आप इसमें सेलेक्ट हो सकते हैं। आइये जान लेते हैं NDA क्या है?
NDA यानी "National Defense Academy" ओर हिंदी में इसे "राष्ट्रीय रक्षा अकादमी" कहा जाता है, NDA दुनिया की पहली ऐसी अकादमी है जिसमे तीनो विंगों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
आर्मी अफसर कैसे बने!
भारतीय सेना की तीन विंग हैं, army, air force and navel, अ…

Architecture क्या है ? Architect कैसे बने!

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की Architect क्या होता है? कृपया पूरी जानकारी के लिए पूरी पोस्ट को पढ़ें, साथ ही टेक्नोलॉजी से जुडी किसी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे वेबसाइट के बाईं/Left और दिए गए दूसरे आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

आज का जो हमारा विषय है वो है आर्किटेक्ट कैसे बने और आर्किटेक्चर है क्या?  सबसे पहले इन दोनों शब्दों का हिंदी में अगर अनुवाद करे तो  आर्किटेक्चर का मतलब है - वास्तुकला
और  आर्किटेक्ट का मतलब है - वास्तुकार
यदि आपकी भी रुचि आर्किटेक्ट बनने की है, या फिर आपको भी नए-नए प्रारूप /डिजाइन बनाने का शौक है या फिर आप नई-नई इमारतों के बारे में प्लान या नक्शे बनाने का शौक रखते हैं तो आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग आपके लिए सबसे बढ़िया रास्ता है जो आपको आपकी मनचाही मंजिल तक ले जाने में आपकी सहायता करेगा।
पहले जान लेते हैं आर्किटेक्चर या वास्तुकला क्या है?
दोस्तो वास्तुकला ललितकला की ही एक शाखा है, व…

DPC क्या होती है? What is DPC?

दोस्तों नमस्कार
                        आज के इस लेख में हम बात करेंगे की डीपीसी क्या होती है? और इसकी घर बनाते वक्त क्या जरूरत है यानी दीवारों के ऊपर डीपीसी लगाने की हमें क्या जरूरत पड़ती है किस कारण या किस चीज़ की रोकथाम के लिए हम डीपीसी लगाते हैं। साधारण दीवार के ऊपर भी आप इसको लगा सकते हैं।
डीपीसी क्या होती है?
दोस्तों आइए पहले जान लेते हैं कि डीपीसी का मतलब क्या होता है डीपीसी का मतलब होता है "Dump Proofing Course" यानी नीवं ओर ऊपरी दीवार के बीच  का जुड़ाव कहे  या व्यवधान कह सकते हैं जो कि आप के घर की सीलन या नमि को दीवारों में ऊपर चढ़ने से रोकता है और आपकी जो दीवारें हैं सदैव अच्छी बनी रहती है। सीलन नहीं होगी तो आप जो प्लास्टर करते हैं पेंट करते हैं वह कभी नहीं झडेगा या उखड़ेगा,वह बिल्कुल सही रहता है हमेशा हमेशा लंबे समय तक टिकाऊ बना रहता है। 
डीपीसी की जरूरत क्या है हमें!
प्यारे मित्रों जो डीपीसी होती है वह दो प्रकार की आप यूज़ कर सकते हैं दोनों डीपीसी के प्रकार में आपको बताऊंगा कि कौन-कौन से प्रकार होते हैं देखिए सबसे पहले जब भी हम हमारे घर की नींव का निर्माण करते हैं उ…