LS Home Tech: भवन निर्माण और सावधानियाँ
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Sunday, September 16, 2018

भवन निर्माण और सावधानियाँ

दोस्तो आज हर एक व्यक्ति बेशक वो एक मजदूर से लेकर बड़ा बिजनेसमैन हो या कोई भी व्यक्ति विशेष जो समाज के साथ जुड़ा हुआ है, समाज मे रहता है, प्रत्येक व्यक्ति की तीन मूलभूत आवश्यकताएं होती है रोटी, कपड़ा और मकान।

तो आज के इस लेख में हम बात करेंगे मकान बनाने से संबंधित उन विशेष बातों की जो हमारे घर को ओर ज्यादा आकर्षक टिकाऊ बनाने में सहयोगी होगी। कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक घर का निर्माण जरूर करवाता है, देखिये जो व्यक्ति जितना सम्पन्न होगा उसके घर निर्माण का तरीका उतना ही उन्नत ओर विस्तृत होगा, ये तो आप लोग भी अपने आस पास देखते होंगे ही। अगर कोई व्यक्ति गरीब है वो घर का निर्माण अपनी हैसियत के हिसाब से ही बनाता है वसे ही एक अमीर व्यक्ति भी। घर निर्माण में एक अमीर व्यक्ति अपनी हैसियत के हिसाब से आधुनिक तकनीकी व उन्नत वस्तुओं का चुनाव करता है बशर्तें उसको इन सभी चीजों की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन जब एक आम आदमी या एक गरीब इंसान अपने लिए एक घर बनाता है तो वो ये सारी चीजें नही जुटा पाता।

तो आज मैं इसी विषय पर बताऊंगा की घर को कम पैसे में भी उन्नत तकनीक से कैसे बनाएं, कैसे घर निर्माण को अपने तय बजट राशि में ही बनाएं अच्छे घर को बनाने में ये कुछ बातें विशेष उपयोगी होती है, जो इस प्रकार से है।

इन बातों का विशेष ध्यान रखें। 

1. सबसे पहले हमें एक अच्छे कारीगर की जरूरत होगी जो कि अपने काम मे निपुण हो, क्योंकि एक कारीगर ही घर के अच्छे या बुरे निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है। उस कारीगर में वो गुणवत्ता होनी चाहिए जो भवन निर्माण में किसी भी भौगोलिक परिस्थिति को समझने की की दक्षता रखता हो जैसे घर मे कहाँ किस चीज को बनाने की आवश्यकता होगी, दीवारों के साइज का चुनाव खिड़कियां दरवाजो का सही स्थान इत्यादि।

2. घर की नीवं हमेशा मजबूत बनाएं, घर की नींव बनाने में कोई समझौता न करें, क्योंकि सारा घर नीवं के ऊपर टिका होता है, अगर घर की नींव ही मजबूत नही होगी तो उस घर का लंबे समय टिकना मुमकिन नही नही है, कई बार क्या होता है हम पुराने घर को तोड़कर नए घर का निर्माण करते हैं तो हम वही पुरानी ईंटे इत्यादि घर की नीवं में प्रयुक्त कर लेते है, तब आपको एक बात का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है कि क्या जो ईंटें हम लगा रहे है वो नीवं के लिए सही है या नही?

3. किसी भी घर के निर्माण करते समय हमेशा घर को बतानुकूलन के हिसाब से ही बनवाएं, कहने का मतलब ये है कि घर मे से हवा का प्रवाह उचित प्रकार से होना चाहिए, अगर घर मे हवा का प्रवाह उचित नही होगा तो गर्मी के दिनों में आपके घर का तापमान अत्यधिक रहेगा, अगर आपका एरिया का मौसम सदैव एकसा रहे तो आप अपने घर मे कम से कम हर कमरे में एक छोटा झरोंखा जरूर रखें।

4. जब हमारा घर बन रहा हो या बन गया हो तो इसमें एक महत्वपूर्ण भाग रसोईघर भी होता है, रसोईघर का निर्माण हमेसा उस दिशा में करें जहां से उस स्थान की अन्दर की गर्म हवा तुरन्त बाहर निकल सके, क्योंकि  रसोईघर ओर आग का तो बेहद ही जुड़ाव है, ओर जहां आग होगी बेशक वो बहुत मद्धम हो उसकी गर्मी जरूर होगी, तो उस गर्मी के निकास का भी भवन निर्माण करते समय जरूर ध्यान रखें।

5. स्नानघर को भी हमेशा थोड़े खुले स्थान में ही बनाये बेशक इसे आप घर के किसी भी हिस्से में अपनी आवश्यकता अनुसार बनवा सकते है, स्नानघर का एरिया आप कम ना रखें,स्नानघर का एरिया कम से कम 4x4 रखें इससे ज्यादा आप आवश्यकता या स्थान के हिसाब से बनवा सकते हैं। आजकल तो स्नानघर में शौचालय बनवाने का भी बड़ा चलन है, ये आपको तय करना है कि शौचालय ओर स्नानघर आपको एक साथ बनवाने है या अलग-अलग, बस ध्यान ये रखें को शौचालय रसोईघर से सटा न हो।

तो दोस्तो भवन निर्माण की ओर भी बहुत सारी बातें है जो आपको बनवन निर्माण करवाते समय हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए, ओर जो कुछ आपको जानने की आवश्यकता है इस संबंध में तो उसके लिए में अगले लेख में जरूर नई बातों के साथ आपसे रूबरू हूँगा।

आशा करता हूँ दोस्तो आपको ये लेख पसंद आया होगा।
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धमयवाद।
ली. शर्मा।

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