Skip to main content

क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्यौहार जानें इसका इतिहास और महत्व। Lohri festival history and importance.

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम उत्तर भारत के प्रसिद्ध त्यौहार लोहड़ी और उसके महत्व की जानकारी आपके लिए लाये हैं। कृपया पूरी जानकारी के लिए पूरी पोस्ट को पढ़ें, साथ ही टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुडी किसी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे वेबसाइट के बाईं/Left और दिए गए दूसरे आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।
Why is the festival of Lohri celebrated? Know its history and importance.

क्यों मनाया जाता है लोहड़ी का त्यौहार जानें इसका इतिहास और महत्व।
Why is the festival of Lohri celebrated? Know its history and importance.

भारतवर्ष त्योहारों का देश है, इसमें हर महीने किसी न किसी समुदाय का त्यौहार आता है। कुछ त्यौहार ऐसे हैं जिनकी सारा देश मनाता है वही कुछ त्यौहार ऐसे हैं जिनको एक क्षेत्र विशेष मनाता है। ऐसा ही एक त्यौहार है लोहड़ी का जिसे पंजाबी और हरयाणवी लोग बहुत ही हर्षोल्लास से मनाते हैं। इसे देश के उत्तर भारत में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाता है। मूल रूप से ये पंजाब और हरियाणा का त्यौहार है। वहीँ पुरे भारत में इस दिन लोग पतंगें उड़ाते हैं। सम्पूर्ण भारत में भिन्न-भिन्न मान्यताओं के साथ लोग इस त्यौहार का आनंद लेते हैं।  

त्यौहार हमारे देश की शान हैं। भारत में बहुत सारे प्रान्त हैं जिनके अपने धर्म, संस्कृति, समुदाय के हिसाब से त्यौहार हैं। जैसा की हम बता चुके हैं की लोहड़ी पंजाब और हरियाणा प्रान्त का खास त्यौहार है, लेकिन पंजाब में इसे बड़े जोर-शोर से मनाया जाता है। पंजाब में लोहड़ी की शुरुआत कई दिन पहले कर दी जाती है। इसी समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से त्यौहार मनाये जाते हैं। यहाँ हम कुछ विशेष त्योहारों का जिक्र कर रहे हैं जो इसी समय मनाये जाते हैं जैसे- उत्तर और मध्य भारत में मकर सक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल का त्यौहार, काइट फेस्टिवल जो की पुरे भारत में ही मनाया जाता है। ये सभी त्यौहार आपसी प्रेम और सौहार्द को बढ़ाने के लिए एक साथ मिलकर मनाये जाते हैं।    

जाने : मकर सक्रांति क्यों मनायी जाती है? 

कब मनाया जाता हैं लोहड़ी का त्यौहार? When is Lohri festival celebrated?
लोहड़ी का त्यौहार पौष/पोह की यानि 13 जनवरी की रात को अगले दिन की सुबह मकर सक्रांति तक मनाया जाता है। मकर सक्रांति पिछले 72 सालों से 14 जनवरी को मनाई जाती रही है लेकिन साल 2020 से इसे 15 जनवरी को अगले 72 सालों तक मनाया जायेगा। उसके अगले 72 सालों में इसे 16 जनवरी को मनाया जायेगा। लोहड़ी का त्यौहार हर साल इसी समय पर मनाया जाता है। साल 2020 में भी यह त्यौहार 13 जनवरी को ही मनाया जायेगा।   

कैसे मनाया जाता हैं लोहड़ी का त्यौहार? How is the festival of Lohri celebrated?
लोहड़ी की तयारी कई दिन पहले ही शुरू हो जाती है, लोग लोहड़ी के दिन लकड़ियां इकठ्ठा करते हैं, फिर उनको शहर या गावं के बिच में किसी खुले स्थान पर इकठ्ठा किया जाता है। खुला स्थान इसलिए चुना जाता है क्यूंकि इसमें बहुत भीड़ शामिल होकर मानती है। उसके बाद रत की इकट्ठा की गई लकड़ियों में आग लगाकर या अलाव जलाकर लोग इसके चारों और गीत गाते हुए नाचते हुए मनाते हैं, लोग ढोल बजाते हैं, खेलते हैं। सभी लोग गीले-शिकवे मिटाकर एक साथ इसका आनद लेते हैं। साथ ही वो लोग इस त्यौहार को तिल और चीनी से बनी रेवड़ी, गुड़ और मूंगफली से बनी गज्जक और मूंगफली आपस में बांटते है। पंजाबियों का विशेष त्यौहार हैं लोहड़ी जिसे वो बड़े धूमधाम से मनाते हैं। नाच-गाना और ढोल तो पंजाबियों की शान होते हैं और इसके बिना उनका कोई भी त्यौहार अधूरा होता है। 

लोहड़ी आने के कई दिनों पूर्व ही छोटे-बड़े लोग लोहड़ी के गीत गाते हैं। लोहड़ी से पन्द्रह दिनों पहले यह गीत गाना शुरू कर दिया जाता हैं। कुछ लोग इन गीतों को घर-घर जाकर गाते हैं। लोहड़ी के इन सभी गीतों में वीर शहीदों को याद किया जाता हैं, जिनमे दुल्ला भट्टी के नाम विशेष रूप से लिया जाता हैं। 

लोहड़ी के त्यौहार उद्देश्य। Festival objectives of Lohri.
जैसा की आप सभी को पता है भारत विविधता भरा देश है चाहे बात इंसानों की करें समुदायों की करें या मौसमी फेरबदल की करें। लोहड़ी का त्यौहार प्रकृति में होने वाले बदलाव के साथ जुड़ा है। इस दिन वर्ष की सबसे बड़ी अंतिम रात होती है। इसके अगले दिन से धीरे-धीरे दिन बढ़ने लगता है। साथ ही उत्तर भारत में इसे किसानों के लिए भी उल्लास भरा समय मन जाता है, क्यूंकि इस वक़्त खेतों में फसलें लहलहाने लगती है। इस वक़्त का मोषम भी काफी सुहावना होता है। खुशाहाली के साथ आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ाने के उद्देश्य से ही यह त्यौहार मनाया जाता है। 

लोहड़ी के त्यौहार के साथ जुडी कुछ ऐतिहासिक कहानी। 
एक पौराणिक कथा के अनुसार जब प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री सती के पति महादेव शिव का तिरस्कार किया था, और अपने जमाई/दामाद को यज्ञ में शामिल ना करने से उनकी पुत्री ने अपने आपको को अग्नि में समर्पित कर दिया था। ऐसा मानना है की उसी दिन को एक पश्चाताप के रूप में हर साल लोहड़ी पर्व मनाया जाता हैं। यही कारण है की घर पर विवाहित बेटी को बुलाकर उसे भोजन कराया जाता है और उन्हें कुछ उपहार दिए जाते हैं। आजकल लोग इन उपहारों की जगह विवाहित या अविवाहित कन्याओं को अपने सामर्थ्य अनुसार कुछ दक्षिणा देते हैं। कुछ लोग इस दिन विवाहित महिलाओं को श्रृंगार का सामान भी भेंट करते हैं। 

लोहड़ी को मनाने के पीछे एक और एतिहासिक कथा भी हैं, यह बात अकबर के शासनकाल के समय की हैं, उन दिनों दुल्ला भट्टी पंजाब प्रान्त का सरदार था, जिसकी उस वक़्त बहुत धाक होती थी। दुल्ला भट्टी को पंजाब का नायक कहा जाता था और आज भी उनके सम्मान में लोग बहुत से गीत गाते हैं। उन दिनों संदलबार नामक एक जगह थी, जो की अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं। वहाँ पर लड़कियों की बाजारी/खरीद फरोख्त होती थी, और लड़कियों को वहां कहीं से उठाकर बंदी बनाकर रखा जाता था। तब दुल्ला भट्टी ने  उस जगह से बहुत सारी लड़कियों को उस चंगुल से बचाया था, और सम्मानपूर्वक उनकी शादी करवाकर उनको सम्मानित जीवन दिया था। । दुल्ला भट्टी की इस विजय के दिन को लोहड़ी के गीतों में गाया जाता हैं और दुल्ला भट्टी को याद किया जाता हैं। 

लोहड़ी का आधुनिक रूप कैसा है? How is the modern form of Lohri?
आज भी पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी की धूम वैसी ही होती हैं जैसी शदियों से चली आ रही है। आजकल लोहड़ी के त्यौहार ने कुछ हद तक जश्न और पार्टी का रूप ले लिया हैं। अब लोग आपसे में गले मिलने के बजाय मोबाइल और इन्टरनेट के जरिये एक दुसरे को बधाई ज्यादा देते हैं। लोहड़ी के त्यौहार को अपने-अपने अंदाज़ में पुरे उल्लास से मनाया जाता हैं। आज भारत के बहुत से पंजाबी लोग विदेशों में भी बसे हुए हैं, इसलिये लोहड़ी  को पंजाबी बाहुलय देशों में धूमधाम से मनाया जाता है। विदेशों में खासकर कनाडा में लोहड़ी को हर्षोल्लास से मनाया जाता है।  

तो दोस्तो आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी हमें जरूर लिखे, आप पोस्ट के नीचे Comment Box  में अपनी प्रतिक्रियाएं ओर अगर कोई सुझाव है तो वो भी लिख कर भेज सकते हैं। साथ ही आप हमें हमारे द्वारा प्रकाशित नए लेख पढ़ने के लिए Subscribe भी कर सकते हैं।

Join us :
My Facebook :  Lee.Sharma
My YouTube : Home Design !deas

हमारे द्वारा लिखित और आर्टिकल यहाँ पढ़ें :



Comments

Popular posts from this blog

आर्मी ऑफिसर कैसे बने। how to become Indian Army officer, what is NDA?

प्यारे बच्चो नमस्कार
में हमारी इस ब्लॉग वेबसाइट पर टेक्नोलॉजी ओर एजुकेशन से संबंधित आर्टिकल लिखता हूँ, ऐसे आर्टिकल जो बच्चों के आने वाले भविष्य में काम आ सकें। हमारे आर्टिकल आपको किसी भी जॉब की पूर्ण जानकारी देने वाले होते हैं। हमारी इस जानकारी के माध्यम से बच्चे सही दिशा का चुनाव कर अपने भविष्य को सफल बना सकते हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं कि आप भारतीय सेना में एक ऑफिसर कैसे बन सकते हैं, बेशक वो थल सेना, वायु सेना या जल सेना ही क्यों न हो। अगर आपमे देश सेवा करने का जज्बा है तो आप इस क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं, ऐसा नही की आपमे देश सेवा का जज्बा हो और आप इसमें जा सकते हैं, इसके लिए आपको बहुत मेहनत भी करनी पड़ेगी। अगर आप पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं तभी आप इसमें सेलेक्ट हो सकते हैं। आइये जान लेते हैं NDA क्या है?
NDA यानी "National Defense Academy" ओर हिंदी में इसे "राष्ट्रीय रक्षा अकादमी" कहा जाता है, NDA दुनिया की पहली ऐसी अकादमी है जिसमे तीनो विंगों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
आर्मी अफसर कैसे बने!
भारतीय सेना की तीन विंग हैं, army, air force and navel, अ…

Architecture क्या है ? Architect कैसे बने!

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की Architect क्या होता है? कृपया पूरी जानकारी के लिए पूरी पोस्ट को पढ़ें, साथ ही टेक्नोलॉजी से जुडी किसी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे वेबसाइट के बाईं/Left और दिए गए दूसरे आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

आज का जो हमारा विषय है वो है आर्किटेक्ट कैसे बने और आर्किटेक्चर है क्या?  सबसे पहले इन दोनों शब्दों का हिंदी में अगर अनुवाद करे तो  आर्किटेक्चर का मतलब है - वास्तुकला
और  आर्किटेक्ट का मतलब है - वास्तुकार
यदि आपकी भी रुचि आर्किटेक्ट बनने की है, या फिर आपको भी नए-नए प्रारूप /डिजाइन बनाने का शौक है या फिर आप नई-नई इमारतों के बारे में प्लान या नक्शे बनाने का शौक रखते हैं तो आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग आपके लिए सबसे बढ़िया रास्ता है जो आपको आपकी मनचाही मंजिल तक ले जाने में आपकी सहायता करेगा।
पहले जान लेते हैं आर्किटेक्चर या वास्तुकला क्या है?
दोस्तो वास्तुकला ललितकला की ही एक शाखा है, व…

DPC क्या होती है? What is DPC?

दोस्तों नमस्कार
                        आज के इस लेख में हम बात करेंगे की डीपीसी क्या होती है? और इसकी घर बनाते वक्त क्या जरूरत है यानी दीवारों के ऊपर डीपीसी लगाने की हमें क्या जरूरत पड़ती है किस कारण या किस चीज़ की रोकथाम के लिए हम डीपीसी लगाते हैं। साधारण दीवार के ऊपर भी आप इसको लगा सकते हैं।
डीपीसी क्या होती है?
दोस्तों आइए पहले जान लेते हैं कि डीपीसी का मतलब क्या होता है डीपीसी का मतलब होता है "Dump Proofing Course" यानी नीवं ओर ऊपरी दीवार के बीच  का जुड़ाव कहे  या व्यवधान कह सकते हैं जो कि आप के घर की सीलन या नमि को दीवारों में ऊपर चढ़ने से रोकता है और आपकी जो दीवारें हैं सदैव अच्छी बनी रहती है। सीलन नहीं होगी तो आप जो प्लास्टर करते हैं पेंट करते हैं वह कभी नहीं झडेगा या उखड़ेगा,वह बिल्कुल सही रहता है हमेशा हमेशा लंबे समय तक टिकाऊ बना रहता है। 
डीपीसी की जरूरत क्या है हमें!
प्यारे मित्रों जो डीपीसी होती है वह दो प्रकार की आप यूज़ कर सकते हैं दोनों डीपीसी के प्रकार में आपको बताऊंगा कि कौन-कौन से प्रकार होते हैं देखिए सबसे पहले जब भी हम हमारे घर की नींव का निर्माण करते हैं उ…