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Sunday, January 5, 2020

E-SIM/eSIM/इ-सिम क्या होता है और ये मोबाइल में कैसे काम करेगा? What is eSIM, and how it functions?

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए जो जानकारी लाये है वो मोबाइल की नई SIM टेक्नोलॉजी के बारे में है, जिसके बारे में आगे हम विस्तार से पढ़ेंगे। कृपया पूरी जानकारी के लिए पूरी पोस्ट को पढ़ें, साथ ही टेक्नोलॉजी से जुडी किसी अन्य जानकारी के लिए आप हमारे दूसरे आर्टिकल पढ़ सकते हैं। 
E-SIM/eSIM/इ-सिम क्या होता है और ये मोबाइल में कैसे काम करेगा? What is eSIM, and how it functions?

E-SIM/eSIM/इ-सिम क्या होता है और ये मोबाइल में कैसे काम करेगा? What is eSIM, and how it functions in Mobile?

eSIM/इ-सिम क्या होता है, इस टेक्नोलॉजी के बारे में अभी तक बहुत ही कम लोग जानते हैं, क्यूंकि ये टेक्नोलॉजी अभी अपने शुरुआती दौर में हैं, इस बारे में अभी तक उन लोगों को ही पता है जो लोग लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहते हैं। सबसे पहले मैं आपको ये बतादूँ की सिम/SIM/Subscriber Identity Module दो तरह के होते हैं एक होता है फिजिकल/Physical सिम और दूसरा है वर्चुअल/Virtual सिम, इन दोनों प्रकार के सिमों में दिन रात का अंतर होता है। फिजिकल सिम वो होते हैं जिनको हम अक्सर हम अपने मोबाइल में यूज़ करते हैं। फ़िलहाल इंडिया में 99.5 प्रतिशत सिम फिजिकल ही हैं। लेकिन अब जमाना आ गया है वर्चुअल सिम का जिसे हम केवल महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते, इसे eSIM/इ-सिम कहा जाता है। eSIM की Full Form होती है Embedded SIM. इसमें किसी फिजिकल सिम का इस्तेमाल नहीं होता और ना ही आपको किसी तरह से फिजिकल Swapping करने की जरुरत पड़ती है। eSIM/इ-सिम दरअसल Next Generation का सिम है। eSIM को भी चलने के लिए एक नेटवर्क करियर/Network Career की जरुरत होती है। इस वर्चुअल सिम को उस नेटवर्क के द्वारा बाद में Enable/सक्रिय किया जाता है।

eSIM/इ-सिम मोबाइल में एक छोटे Chip की तरह काम करता है,जैसे NFC/Near Field Communication Chip काम करती है। किसी भी eSIM/इ-सिम के ऊपर जो इनफार्मेशन/Information होती है उसे Rewrite किया जा सकता है। रीराइटेबल/Re writable का मतलब है की आप एक Simple Phone Call से उसे किसी भी दूसरे Network Career या Operator कंपनी में डाइवर्ट कर सकते हैं। eSIM में आसानी से कोई भी Data Plan ऐड किया जा सकता है।


कौन-कौनसे डिवाइस/Device सपोर्ट करते हैं eSIM?
यहाँ आपको ये बता दें की हमारे द्वारा यूज़ किये जाने वाले आम मोबाइल में फ़िलहाल eSIM की सुविधा उपलब्ध नहीं है, फ़िलहाल eSIM टेक्नोलॉजी को कुछ चुनिंदा कंपनियों के महंगे मोबाइल/Mobile और स्मार्ट वाच/Smart Watch ही सपोर्ट करते हैं। इनमे एप्पल/Apple और सैमसंग/Samsung कंपनी के लेटेस्ट तकनीक से बने मोबाइल और स्मार्ट वाच ही शामिल है। एप्पल कंपनी के iPhone XS, XS Max, Apple Watch Series 3, Watch Series 4 तथा सैमसंग के Galaxy S10, Samsung Gear S3 Classic, S3 Frontier Smart Watch के साथ Huwai की स्मार्ट वाच भी eSIM को सपोर्ट करती है। eSIM को अपने मोबाइल में यूज़ करने के लिए आपको eSIM Compatible Network की तलाश करनी होगी जो की eSIM को चलने में Support करे।  इन मोबाइल कंपनियों ने eSIM को एक Second SIM के तौर पर अपने मोबाइल में लांच किया है। Google’s Pixel 2 भी eSIM support करती है, लेकिन यह केवल US के Google’s Project Fi तक ही सिमित है।

यहाँ आपको ये बतादें की जो भी मोबाइल फ़िलहाल eSIM को सपोर्ट करता है उनमे इस टेक्नोलॉजी को 2nd सिम स्लॉट के रूप में दिया गया है, इन मोबाइल में एक स्लॉट फिजिकल या सामान्य सिम कार्ड के लिए है। eSIM के लिए आपको किसी स्लॉट की जरुरत नहीं होती, क्यूंकि ये Virtual होता है। Physical सिम कार्ड जहाँ GSM टेक्नोलॉजी का यूज़ करता है वहीँ eSIM, GSMA टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करता है। GSMA पूरी दुनिया में eSIM का एक विश्व्यापी मानक/Worldwide Standard होता है।


साल 2019 के अंत तक दुनिया के 10 देशों में eSIM सपोर्ट की सुविधा मौजूद थी/है जिनमे Austria, Canada, Croatia, The Czech Republic, Germany, Hungary, India, Spain, UK, और US शामिल हैं। आने वाले समय में ये सुविधा और देशों में भी देने के प्रयास जारी हैं।

भारत/India में कौन से Network eSIM को Support करते हैं?
ये पोस्ट लिखे जाने तक भारत में एयरटेल/Airtel और जिओ/JIO ही eSIM नेटवर्क सर्विस दे रहे हैं। 

eSIM के फायदे।
  1. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की इसके लिए किसी भी डिवाइस में Sim Card Slot की जरुरत नहीं पड़ती। 
  2. इसे किसी भी छोटे से छोटे डिजिटल डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  3. Network Service Provider को किसी प्रकार के Physical सिम Manufacture की जरुरत नहीं रहेगी।  
  4. eSIM आपके किसी भी अन्य Device जैसे की Laptop, Tablet के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकते हैं। 
  5. इसमें बिना फिजिकल सिम के ही Seamless Connectivity प्राप्त की जा सकती है। 
  6. eSIM को किसी भी Device में Extra Space की आवश्यकता नहीं होती। 
  7. इसमें यूजर कभी भी एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर में बदल सकता है। 
  8. इसमें आप एक ही eSIM से दो डिवाइस को कनेक्ट कर सकते हैं जैसे की आपके पास Smartphone और Smartwatch है तो दोनों को एक eSIM से चला सकते हैं। 
  9. नए eSIM कनेक्शन को आसानी से एक्टिवटे और Deactivate किया जा सकता है। 
  10. eSIM फिजिकल सिम कार्ड की तुलना में  सुरक्षित होता है। 
  11. eSIM फ़ोन के साथ Embedded होता है, यह सब्सक्राइबर के सभी Information को Store किये हुए होता है।  
 eSIM के नुकसान।

  1. अगर आपके पास बहुत सारे डिवाइस हैं और सभी एक ही  eSIM से कनेक्टेड हैं और आप अपने Network सर्विस प्रोवाइडर को एक अंतराल का बाद बदलते हैं, तो ये आपके लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। 
  2.  eSIM किसी भी पर्टिकुलर डिवाइस के साथ ही एक्टिवेट होता है, मोबाइल या स्मार्टवॉच के साथ, इसे एक्टिवेट  करने के लिए उस डिवाइस के सॉफ्टवेयर की मदद ली जाती। इसे एक्टिवेट करने का कोई और दूसरा तरीका नहीं है। 
  3. आपके बैटरी Low होने की अवस्था में  eSIM  को किसी अन्य फ़ोन या डिवाइस के साथ कनेक्ट नहीं कर पाएंगे। इसके विपरीत फिजिकल सिम को हम कभी भी किसी भी मोबाइल से निकलकर किसी दूसरे मोबाइल में डालकर प्रयोग कर सकते हैं। 
  4.  eSIM को Activate करने के लिए आपको अपने Network Service प्रोवाइडर से ही इसे एक्टिवेट करवाना होगा, जब तक उनके द्वारा भेजे गए ID और Password इस सिम में नहीं डालोगे, तब तक ये एक्टिवेट नहीं होगा। 

eSIM काम कैसे करता है?
eSIM अनेबल किसी भी मोबाइल में आपको दोनों सिम के लिए विकल्प मिलेंगे,  फिजिकल सिम जिसे आप उस मोबाइल की स्क्रीन पर नेटवर्क करियर के रूप में देख सकते हैं, वहीँ दूसरा eSIM नेटवर्क भी आपको उसके साथ ही दिखाई देगा अगर आपके मोबाइल में eSIM एक्टिवेटिड है तो, दोनों सिम के नेटवर्क आपके सक्रीन के ऊपरी हिस्से में एक साथ नेटवर्क दिखाएंगे। अगर आपका मोबाइल Standby मोड में है तो आपके दोनों सिम Provisioned है तो उपयोगकर्ता अपने दोनों सिम में Call और Text Message कर सकता है।  

कैसे Switch करें Physical से eSIM नेटवर्क में?
जब भी हमारे पास कोई दो सिम एक ही मोबाइल में होते हैं तो हम उनकी सर्विस को प्रयोग करने के लिए उनके नेटवर्क को स्विच करते ही हैं, ठीक इसी तरह आप eSIM नेटवर्क को Switch कर सकते हैं।  
आप ये तरीका अपना सकते हैं : सबसे पहले मोबाइल की Settings में जाएँ उसके बाद Cellular पर क्लिक करें उसके बाद आप Cellular Plans को Turn On This Line पर टच करके इसे चुन सकते हैं। उसके बाद QR कोड Scan करने के लिए आपको अपने मोबाइल का इस्तमाल करना होगा। ये QR कोड जो की आपको नेटवर्क प्रोवाइडर उपलब्ध करवाता है,और साथ ही आपको आपको कोई Activation Code डालने के लिए भी बोल सकता है। 


कैसे एक्टिवेट करें eSIM को?
इसके लिए सबसे पहले आपको App Store से अपने Network Service Provider की App को Download करना होगासे सम्बंधित डिटेल उस एप्प में भरनी होगी, जहाँ से आपको एक ID और Password दिया जायेगा, जिसको डालने के बाद आप अपने eSIM को एक्टिवेट कर सकते हैं। उसके बाद आप इस App से कोई भी Cellular Plan खरीद सकते हैं। 

इसमें आप अपने Plans को Label भी कर सकते हैं, जिसके लिए आपको पहले Settings पर जाना होगा फिर > Cellular को सेलेक्ट करना होगा, फिर उस Number पर Touch करें जिसके Label को आप बदलना चाहते हैं।  ये सब करने के बाद आपको Cellular Plan Label पर टच करना होगा। उसके बाद आपको एक नए Label या किसी Custom Label को Choose करना होगा। 


आने वाले दिनों में eSIM का भविष्य कैसा होगा?
आधुनिक युग में तकनिकी का बोलबाला है, जहाँ तक eSIM के भविष्य का सवाल है, तो इसा भविष्य बहुत ही उज्जवल रहने वाला है। Apple, Google और Samsung जैसी कंपनियों ने इसके इस्तेमाल से साबित कर दिया की अगर फिजिकल सिम की नई पीढ़ी की बात की जाये तो इसका एक ही पर्याय होगा जो की eSIM है।साथ ही eSIM में नई GSMA टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके कारण इसका प्रयोग और भी सरल होने वाला है। अगर कुछ और बातों पर भी गौर करें तो पहले सिम का साइज बहुत बड़ा होता था फिर थोड़ा छोटा हुआ, उसके बाद और छोटा हुआ और अब तो सिम को लगाने के लिए स्लॉट के होने की ही जरुरत नहीं रही eSIM के आ जाने के बाद। सिम टेक्नोलॉजी के बदलाव में सबसे सुनहरा कदम है। eSIM Re-Writable होने के कारण आप इसे आसानी से और तुरंत किसी भी दूसरे Network Service प्रोवाइडर को चुन सकते हैं। इस प्रकार के सिम से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगो को होगा जो अक्सर काम के सिलसिले में या ट्रेवलिंग के लिए अक्सर एक-दूसरे देश में जाते रहते हैं। उन्हें अब बार-बार सिम को बदलने की जरुरत नहीं रहेगी। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है की eSIM का भविष्य बहुत ही उज्जवल होगा। 


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