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Saturday, January 4, 2020

Wi-Fi/वाई-फाई का अविष्कार किसने किया था ? Who invent the Wi-Fi?

दोस्तों नमस्कार, हमारी वेबसाइट/Website LSHOMETECH पर आपका स्वागत है, हम अपने इस Portal पर Technology और Education से सम्बंधित आर्टिकल लिखते हैं, जो आपके लिए ज्ञान और जानकारी के प्रयाय होते है, आज की इस पोस्ट में हम आधुनिक युग में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले डिजिटल सिग्नल के बारे में जानेंगे जिसे वाई-फाई कहा जाता है। 
Wi-Fi/वाई-फाई का अविष्कार किसने किया था ? Who invent the Wi-Fi?

WI-FI/वाईफाई क्या है? 
आजकल शायद ही कोई ऐसा होगा जो WI-FI का इस्तेमाल ना करता हो, कहीं न कहीं हम सभी इसका प्रयोग  करते हैं। WI-FI/वाईफाई का पूरा नाम Wireless Fidelity/वायरलेस फिडेलिटी होता है। WI-FI ऐसी तरंगें/Signals होती हैं जिनके माध्यम से हम किसी भी डिजिटल डिवाइस को आपस में एक दूसरे के साथ जोड़ या कनेक्ट/Connect कर सकते हैं। WI-FI की मदद से हम कोई भी फाइल या डॉक्यूमेंट आपस में शेयर कर सकते हैं। सबसे ज्यादा इसका प्रयोग मोबाइल या कंप्यूटर/लेपटॉप में इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए किया जाता है। आप किन्ही भी दो WI-FI/वाईफाई अनेबल डिवाइस को उनके लिए बनाई गई किसी भी Third Party एप्प की मदद से आपस कनेक्ट कर सकते हैं।  

WI-FI/वाईफाई का अविष्कार किसने किया था? Who invent the Wi-Fi?
WI-FI/वाईफाई  Wireless Fidelity को 20वीं शदी का का सबसे महत्वपूर्ण अविष्कार माना गया है। WI-FI के आविष्कार का श्रेय जॉन ओ सुलिवन/John O Sullivan को दिया जाता है। असल में इसका अविष्कार CSIRO/Commonwealth Scientific and Industrial Research Organisation नामक कंपनी ने किया था, जिसमे बहुत से लोग इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, इन्ही लोगों की टीम ने साल 1992 से लेकर 1996 तक लगातार मेहनत करके WI-FI का प्रारूप तैयार किया था, और इसे क्रियांविंत भी किया था, लेकिन तब इसमें बहुत सी कमियां थी, जैसे की low Signal Bandwidth, Connectivity issue, जिनमे सुधार करके John O Sullivan ने इसे कंपनी के माध्यम से इसे लोगों की पहुँच तक सुलभ किया। इसलिए इन्ही को WI-FI के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। 

साल 1997 में WI-FI के पहले वर्जन/Version, 802.11 Protocol को रिलीज किया गया था। सामान्य सेवा प्रदाताओं की और से दी जाने वाली गति IEEE/इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनिएर्स के Standard/मानक पर निर्भर करती है, जिन्हे 02.11 Protocol कहलाते हैं। इस वर्जन की अधिकतम स्पीड 2 Mega Byte प्रति सेकंड थी, इसके बाद साल 1999 में इसे अपडेट करके इसकी स्पीड 11 Mega Byte प्रति सेकंड कर दी गई। धीरे-धीरे करके WI-FI की स्पीड को और ज्यादा बढ़ाया गया, जिसका परिणाम आज हम देख रहे हैं, आजकल हमारे पास 1 Giga Byte प्रति सेकंड की स्पीड देने वाले राऊटर/Router मौजूद है। 

WI-FI के अंदर सबसे ज्यादा 2.4 Gigahartz/GHz (12CM) UHF और (12CM) UHF/Ultra High Frequency, SHF/Super High Frequency, ISM/Industrial Scientific and medical रेडिओ बैंडविड्थ का प्रयोग किया जाता है। अमूमन सभी देशों में WI-FI नेटवर्क का सिग्नल अलग-अलग होता है। यूरोप के WI-FI सिग्नल को अमेरिका की तुलना में बेहतर माना जाता है, क्यूंकि US में Regulatory Authorities Stronger सिग्नल की अनुमति देता है। आज बहुत से देशों में आपको वाईफाई के बहुत ही स्ट्रांग नेटवर्क मिल जायेंगे। 

खास बात 
बहुत सी मोबाइल और लैपटॉप निर्माता कंपनियों ने CSIRO कंपनी के WI-FI पेटेंट के नियम उल्ल्न्घम करने की एवज में, CSIRO कंपनी को साल 2009 में 1 अरब US डॉलर/Dollar देने पड़े थे।  

WI-FI/वाईफाई के फायदे। 

  1. अगर कभी हमारा इंटरनेट ख़त्म हो जाये तो हम WI-FI/वाईफाई की मदद से किसी दूसरे का इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  2. इसके इस्तेमाल से हमे सिग्नल कनेक्टिविटी के लिए मोबाइल या लैपटॉप में लगाई गई किसी भी वायर/Cable से छुटकारा मिल जाता है। 
  3. स्पीड के मामले में WI-FI/वाईफाई ब्लूटूथ से कई गुना तेज होता है, साथ ही वाईफाई रेंज काफी दूर तक भी काम करती है।
  4. WI-FI की सामान्य रेंज 20 से 30 मीटर तक होती है। 


WI-FI/वाईफाई के नुकसान। 

  1. वाईफाई Wired नेटवर्क की तुलना में संभावित रूप से हमला करने लिए ज्यादा सिक्योर नहीं होते, क्यूंकि Wireless Network Interface कंट्रोलर/नियंत्रक के साथ उस नेटवर्क की सीमा के भीतर कोई भी एक्सेस कर हैक/Hack कर सकता है। 
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